Hardoi News: हरदोई के सुरसा थाने में महिला से अभद्रता और मारपीट के आरोपी रामजी गिरफ्तार, वैधानिक कार्रवाई शुरू
हरदोई पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 22 मई 2025 को एक महिला (वादिनी) ने सुरसा थाने में तहरीर देकर शिकायत दर्ज की थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि ....
By INA News Hardoi.
हरदोई : सुरसा थाना पुलिस ने एक महिला के साथ अभद्रता और मारपीट के मामले में वांछित आरोपी रामजी, पुत्र लालाराम, निवासी ग्राम ओदरा नेवालिया, थाना सुरसा, जनपद हरदोई को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को हिरासत में लिया और वैधानिक प्रक्रिया शुरू की। यह कार्रवाई महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति पुलिस की सख्ती और तत्परता को दर्शाती है।
हरदोई पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 22 मई 2025 को एक महिला (वादिनी) ने सुरसा थाने में तहरीर देकर शिकायत दर्ज की थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि ग्राम ओदरा नेवालिया के निवासी रामजी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की। इस शिकायत के आधार पर थाना सुरसा में मुकदमा संख्या 142/2025 दर्ज किया गया, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 (महिलाओं के खिलाफ अभद्रता), 333 (जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), और 351(3) (आपराधिक बल प्रयोग) के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
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विवेचना के दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 64(1) BNS (बलात्कार या यौन उत्पीड़न से संबंधित अपराध) को भी जोड़ा गया। यह धारा मामले में यौन उत्पीड़न या गंभीर अपराध की संभावना को इंगित करती है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच को और गहरा किया।
सुरसा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम गठित की, जिसमें उपनिरीक्षक रजत त्रिपाठी और कांस्टेबल रतन सिंह शामिल थे। इस टीम ने त्वरित और समन्वित प्रयासों से वांछित अभियुक्त रामजी को ग्राम ओदरा नेवालिया से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई प्रचलित है, और उसे अदालत के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इस मामले में लागू की गईं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं अपराध की गंभीरता को दर्शाती हैं:
- धारा 74: महिलाओं के खिलाफ अभद्र व्यवहार या उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कृत्यों को संबोधित करती है।
- धारा 333: जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने के अपराध को परिभाषित करती है।
- धारा 115(2): स्वेच्छा से किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाने से संबंधित है।
- धारा 351(3): आपराधिक बल प्रयोग के मामलों को कवर करती है।
- धारा 64(1): यौन उत्पीड़न या बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों से संबंधित है, जिसे विवेचना के दौरान जोड़ा गया।
इन धाराओं का समावेश मामले की गंभीरता और पीड़िता के साथ हुए अन्याय को उजागर करता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और धाराओं की वृद्धि से यह स्पष्ट है कि मामले की गहन जांच की जा रही है।
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