Hardoi News: हरदोई में उपनिरीक्षक अरविंद सिंह यादव निलंबित, चार्जशीट के लिए रिश्वत मांगने का आरोप सिद्ध
क्षेत्राधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक अरविंद सिंह यादव को तत्काल निलंबित कर दिया। इसके अतिरिक्त, उनके खिलाफ संबंधित...
By INA News Hardoi.
हरदोई : अतरौली थाने में तैनात उपनिरीक्षक अरविंद सिंह यादव को चार्जशीट दाखिल करने के लिए आवेदक से रिश्वत मांगने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी संडीला की जांच रिपोर्ट के आधार पर की, जिसमें उपनिरीक्षक द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। साथ ही, उनके खिलाफ अभियोग दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
हरदोई पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खबरें प्रसारित हो रही थीं कि अतरौली थाने में तैनात उपनिरीक्षक अरविंद सिंह यादव (PNO-912739555) ने एक आवेदक से चार्जशीट दाखिल करने के लिए रिश्वत की मांग की। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तुरंत जांच के आदेश दिए। जांच का जिम्मा क्षेत्राधिकारी संडीला को सौंपा गया, जिन्होंने अपनी जांच में उपनिरीक्षक द्वारा रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि की।
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क्षेत्राधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक अरविंद सिंह यादव को तत्काल निलंबित कर दिया। इसके अतिरिक्त, उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाती है।
इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा निर्देश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों और दायित्वों के प्रति उदासीनता या शिथिलता नहीं बरतेगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश पुलिस बल में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपनिरीक्षक अरविंद सिंह यादव का निलंबन और उनके खिलाफ अभियोग दर्ज करने का निर्णय पुलिस विभाग की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित करता है। रिश्वतखोरी जैसे कृत्य न केवल पुलिस की छवि को धूमिल करते हैं, बल्कि जनता के विश्वास को भी कमजोर करते हैं। इस कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि पुलिस प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगा।
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