Sambhal: 'नफरत नहीं, एकता की ज़रूरत है': संत आनंद महाराज के बयान पर मौलाना वसी अशरफ का तीखा पलटवार।
सम्भल दौरे पर आए ब्रह्मचारी संत आनंद महाराज के उस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने मुसलमानों को प्रवासी बताते हुए
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल दौरे पर आए ब्रह्मचारी संत आनंद महाराज के उस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने मुसलमानों को प्रवासी बताते हुए हिंदू धार्मिक स्थलों पर उनकी एंट्री बैन करने की बात कही थी। इस बयान पर धर्मगुरु मौलाना वसी अशरफ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
मौलाना वसी अशरफ ने कहा कि यह बयान “निहायत ही घटिया और ओछी सोच” को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि शायद संत आनंद महाराज को इतिहास का ज्ञान नहीं है। इस देश को अंग्रेजों की गुलामी से आज़ाद कराने में मुसलमानों ने भी बड़ी कुर्बानियां दी हैं। यह मुल्क केवल किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि हिंदू, मुसलमान, सिख और ईसाई—सभी का है और सभी ने मिलकर भारत को बचाया और संवारा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर इतिहास की बात की जाए तो इस देश में कोई भी खुद को पूरी तरह मूल निवासी साबित नहीं कर सकता। ऐसे में किसी एक समुदाय को प्रवासी कहना न सिर्फ गलत है, बल्कि समाज को बांटने वाला भी है। संतों और सूफियों का काम लोगों को जोड़ना होता है, न कि नफरत का माहौल पैदा करना। हिंदू धार्मिक स्थलों पर मुसलमानों की एंट्री बैन करने की बात पर मौलाना वसी अशरफ ने कहा कि यह बयान नफरत की नज़र से दिया गया है। कोई मुसलमान मंदिर में जाकर पूजा नहीं करता और न ही कोई हिंदू मस्जिद में नमाज़ पढ़ता है। लोग वहां की खूबसूरती देखने या रोज़गार के लिए जाते हैं, जो हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। मौलाना ने ज़ोर देते हुए कहा कि आज देश को नफरत नहीं, बल्कि एकता की ज़रूरत है। जब एकता रहेगी तभी हिंदुस्तान तरक्की करेगा और गरीबी, मज़दूरी और भुखमरी जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी।
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