Hardoi News: हरदोई में सामूहिक बलात्कार के मामले में तीन दोषियों को 10-10 वर्ष की सजा
न्यायालय ने पत्रावली का गहन अध्ययन करने के बाद अभियुक्त मनोज कुमार, रामजीवन, और मुकेश को धारा 363, 366, 376(2)(G), और 506(2) के तहत दोषी पाया। अभियुक्त अवधेश अग्निहोत्री प...
By INA News Hardoi.
हरदोई: अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी (अपराध विरुद्ध महिला), हरदोई के न्यायालय ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण और सामूहिक बलात्कार के सनसनीखेज मामले में तीन अभियुक्तों मनोज कुमार, रामजीवन, और मुकेश को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। यह निर्णय गुरूवार को सुनाया गया, जो न केवल पीड़िता को न्याय प्रदान करता है, बल्कि समाज में इस तरह के जघन्य अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश भी देता है।
यह मामला 14 मई 2007 का है, जब पीड़िता, जो उस समय नाबालिग थी, अपने घर के पीछे खेत में शौच के लिए गई थी। अभियोजन के अनुसार, अभियुक्त मनोज कुमार, रामजीवन, और मुकेश, जो पहले से ही वहां शराब के नशे में टहल रहे थे, ने पीड़िता पर हमला किया। मनोज कुमार ने पीड़िता के मुंह में रुमाल ठूंसकर उसे जबरन उठा लिया और अपने साथियों के साथ मिलकर उसे अज्ञात स्थान पर ले गए। इस दौरान, गांव के कुछ लोगों ने शोर सुनकर पीछा करने की कोशिश की, लेकिन अभियुक्तों ने असलहों से फायरिंग कर और जान से मारने की धमकी देकर भागने में सफलता पाई।
Also Click: Hardoi News: हरदोई में ऑपरेशन सिंदूर की जीत का जश्न, शाहाबाद में तिरंगा यात्रा के साथ सेना को सलाम
वादी ब्रह्मा प्रसाद, जो पीड़िता के पिता हैं, ने थाना कछौना में 26 मई 2007 को लिखित तहरीर देकर इस घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई। इस आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 282/2007 दर्ज किया गया, जिसमें अभियुक्तों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363 (अपहरण), 366 (विवाह के लिए अपहरण), 376(2)(G) (सामूहिक बलात्कार), और 506(2) (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप लगाए गए। इसके अतिरिक्त, चौथे अभियुक्त अवधेश अग्निहोत्री पर धारा 368 (अपहृत व्यक्ति को गलत तरीके से छिपाने) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया।
कानूनी प्रक्रिया
- प्राथमिकी दर्ज करने की तिथि: 26 मई 2007
- आरोप पत्र प्रस्तुत करने की तिथि: 1 जुलाई 2007
- अपराध संज्ञान की तिथि: 27 जुलाई 2007
- आरोप विरचन की तिथि: 6 दिसंबर 2007
- अभियोजन साक्ष्य प्रारंभ: 19 दिसंबर 2007
- अभियोजन साक्ष्य समाप्त: 19 अक्टूबर 2024
- निर्णय की तिथि: 22 मई 2025
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश यशपाल (उच्चतर न्यायिक सेवा) की अध्यक्षता में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमलेंद्र सिंह, सत्यम तिवारी, और वी.पी. सिंह ने पैरवी की, जबकि अभियुक्तों की ओर से ग्रीशचंद्र द्विवेदी ने वकालत की।
न्यायालय ने पत्रावली का गहन अध्ययन करने के बाद अभियुक्त मनोज कुमार, रामजीवन, और मुकेश को धारा 363, 366, 376(2)(G), और 506(2) के तहत दोषी पाया। अभियुक्त अवधेश अग्निहोत्री पर धारा 368 के तहत विचारण हुआ। निम्नलिखित सजा सुनाई गई:
- धारा 376(2)(G) (सामूहिक बलात्कार): प्रत्येक अभियुक्त को 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 20,000 रुपये का अर्थदंड। अर्थदंड न चुकाने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास।
- धारा 363 (अपहरण): प्रत्येक को 4 वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदंड। अर्थदंड न चुकाने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास।
- धारा 366 (विवाह के लिए अपहरण): प्रत्येक को 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 10,000 रुपये का अर्थदंड। अर्थदंड न चुकाने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास।
- धारा 506(2) (आपराधिक धमकी): प्रत्येक को 4 वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदंड। अर्थदंड न चुकाने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास।
सभी सजाएं साथसाथ चलेंगी, और धारा 428 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत अभियुक्तों द्वारा पहले जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
न्यायालय ने सामाजिक और लोक हित को ध्यान में रखते हुए अर्थदंड की आधी धनराशि को पीड़िता को प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का आदेश दिया, जो धारा 357 दंड प्रक्रिया संहिता के अनुसार वितरित की जाएगी।
अन्य आदेश
- दोषियों को सजा भुगतने के लिए जिला कारागार, हरदोई भेजा जाएगा।
- निर्णय की एक प्रति जिला मजिस्ट्रेट, हरदोई को भेजी जाएगी।
- धारा 363 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत दोषियों को निर्णय की प्रति निःशुल्क प्रदान की जाएगी।
What's Your Reaction?











