Hardoi : पिहानी की डॉक्टर आमिना सुल्तान जैदी ने यूपीएससी सेंट्रल हेल्थ सर्विसेज में चयन कर जिले का नाम रोशन किया

डॉ आमिना ने जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एएमयू अलीगढ़ से एमबीबीएस और एमडी किया। इसके बाद मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली, हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडि

Feb 15, 2026 - 22:12
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Hardoi : पिहानी की डॉक्टर आमिना सुल्तान जैदी ने यूपीएससी सेंट्रल हेल्थ सर्विसेज में चयन कर जिले का नाम रोशन किया
Hardoi : पिहानी की डॉक्टर आमिना सुल्तान जैदी ने यूपीएससी सेंट्रल हेल्थ सर्विसेज में चयन कर जिले का नाम रोशन किया

पिहानी/हरदोई। पिहानी के फाटक निवासी स्व सैयद अली नवाब जैदी की पुत्री डॉ आमिना सुल्तान जैदी उर्फ जोना का चयन यूपीएससी द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार में हुआ है। इस सफलता से पिहानी और पूरे हरदोई जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। सेंट जेम्स स्कूल के फादर लैंसी रेगो, शिक्षक पैकड़ा सर और संजय शर्मा ने डॉ आमिना को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

डॉ आमिना का बचपन पिहानी में बीता। उन्होंने सेंट जेम्स स्कूल हरदोई से शिक्षा ली। 2004 में दसवीं कक्षा में जिला टॉपर रहीं। उनके दो भाई अकबर जैदी और कामरान जैदी सुशिक्षित हैं और पारिवारिक व्यवसाय संभाल रहे हैं। उनके पति सैयद वासिफ हैदर दिल्ली में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं।

डॉ आमिना ने जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एएमयू अलीगढ़ से एमबीबीएस और एमडी किया। इसके बाद मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली, हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च नई दिल्ली और डॉ राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। उनके पास नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज द्वारा दी गई डिप्लोमेट नेशनल बोर्ड डीएनबी योग्यता भी है।

यूपीएससी चयन प्रक्रिया में वे केवल चार जनरल कैटेगरी उम्मीदवारों में शामिल हैं। उन्होंने कई नामी संस्थानों के अभ्यर्थियों को पीछे छोड़ा। डॉ आमिना ने बताया कि 25 साल पहले पिहानी में शिक्षा की व्यवस्था अच्छी नहीं थी। फिर भी बिना कोचिंग या ट्यूशन के स्वाध्याय से मेहनत और लगन से आगे बढ़ीं। माता-पिता के आशीर्वाद और परिवार के सहयोग से सफलता मिली। पिता से अथक प्रयास की प्रेरणा मिलती रही।

उन्होंने पिहानी के निवासियों खासकर लड़कियों को संदेश दिया कि शिक्षा से सफलता का रास्ता खुलता है। छोटे शहर में रहकर भी ईमानदारी, लगन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनका सफर पिहानी के लोगों के लिए प्रेरणा है।

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