Hardoi : कछौना में चोरी का गिरोह पकड़ा, छह शातिर अभियुक्त गिरफ्तार
पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी में इस्तेमाल किए गए उपकरण, जिनमें दो पेचकस, एक प्लास, एक ब्लेड कटर, दो छोटी टॉर्च, और एक गुलेल शामिल हैं, के साथ-साथ 4
हरदोई : जिले के कछौना थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी और नकबजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। 28 अगस्त 2025 को कछौना पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर छह शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनके पास से चोरी में इस्तेमाल किए गए उपकरण, 4700 रुपये नकद और अन्य सामग्री बरामद की गई। यह गिरोह 2 अगस्त 2025 को कछौना क्षेत्र में बालाजी फैक्ट्री फेस-2 के पास एक पिकअप वाहन से पर्स चोरी करने की घटना में शामिल था। पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच जारी है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के निर्देश पर जिले में चोरी, लूट और नकबजनी की घटनाओं को रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। कछौना पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर छापेमारी की। इस दौरान छह अभियुक्तों बादल पुत्र मिश्रीलाल, कृष्ण पुत्र रामचंद्र, राम पुत्र राजेंद्र, अभिषेक पुत्र गुड्डू, पिंकू उर्फ विवेक पुत्र अमर सिंह, और सनी पुत्र रजौआ, सभी निवासी मोहल्ला ओमपुरी, थाना कोतवाली देहात, जनपद हरदोई को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी में इस्तेमाल किए गए उपकरण, जिनमें दो पेचकस, एक प्लास, एक ब्लेड कटर, दो छोटी टॉर्च, और एक गुलेल शामिल हैं, के साथ-साथ 4700 रुपये नकद बरामद किए। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने 2 अगस्त 2025 को बालाजी फैक्ट्री फेस-2 के पास एक पिकअप वाहन का शीशा तोड़कर चालक का पर्स चुराया था। इस घटना के संबंध में थाना कछौना में मुकदमा संख्या 302/2025 दर्ज किया गया था, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज था। जांच के दौरान पुलिस ने धारा 317(2), 310(4), और 310(5) बीएनएस को भी जोड़ा।
गिरफ्तार अभियुक्तों में से पिंकू उर्फ विवेक का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ हरदोई, कन्नौज, और कानपुर में चोरी, लूट, गैंगस्टर एक्ट, और आर्म्स एक्ट के तहत 20 मामले दर्ज हैं। इनमें कोतवाली शहर हरदोई, बघौली, सण्डीला, कोतवाली देहात हरदोई, थथिआ (कन्नौज), और गुरसहायगंज (कन्नौज) थानों में दर्ज मामले शामिल हैं। इसी तरह, अभियुक्त राम के खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी, आर्म्स एक्ट, और अन्य अपराध शामिल हैं। अभिषेक और कृष्ण के खिलाफ भी क्रमशः एक और तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। बादल और सनी के खिलाफ अभी तक कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस उनकी गतिविधियों की गहन जांच कर रही है।
इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विशाल पुंडीर, उपनिरीक्षक शुभम मिश्रा, महिला उपनिरीक्षक समीक्षा कटियार, उपनिरीक्षक पन्नालाल सोनी, उपनिरीक्षक राजेश सिंह, हेड कांस्टेबल ब्रजभान यादव, हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार, कांस्टेबल विकास शर्मा, और कांस्टेबल अनुराग यादव शामिल थे। पुलिस ने बताया कि अभियुक्तों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे संगठित रूप से चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। वे रात के समय सुनसान इलाकों में वाहनों को निशाना बनाते थे और उपकरणों का इस्तेमाल कर शीशे तोड़कर कीमती सामान चुराते थे। बालाजी फैक्ट्री फेस-2 क्षेत्र में पहले भी चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके कारण वहां के व्यापारियों और निवासियों में असुरक्षा की भावना थी। इस गिरोह की गिरफ्तारी से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
Also Click : Hardoi : शाहाबाद में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो लोग गिरफ्तार
What's Your Reaction?











