Hardoi : हरदोई में मिशन शक्ति के तहत कुपोषित बच्चों के लिए आहार पुस्तिका और तालिका का विमोचन

कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया, जहां जिलाधिकारी अनुनय झा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। विमोचन के समय उन्होंने कहा कि कुपोषण एक

Oct 2, 2025 - 22:52
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Hardoi : हरदोई में मिशन शक्ति के तहत कुपोषित बच्चों के लिए आहार पुस्तिका और तालिका का विमोचन
हरदोई में मिशन शक्ति के तहत कुपोषित बच्चों के लिए आहार पुस्तिका और तालिका का विमोचन

हरदोई जिले में मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत कुपोषित बच्चों के आहार व्यवहार में सुधार लाने के उद्देश्य से महिला कल्याण विभाग और बाल विकास विभाग के सहयोग से तैयार आहार तालिका तथा आहार पुस्तिका का विमोचन जिलाधिकारी अनुनय झा ने किया। यह विमोचन गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हुआ। जिलाधिकारी ने इस दौरान सम और मध्यम कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को आहार पुस्तिका और आहार चार्ट प्रदान किए। साथ ही बच्चों को पोषण पोटली और खिलौने भी वितरित किए गए। इस पहल से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और घर तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर आहार प्रबंधन आसान हो जाएगा।कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया, जहां जिलाधिकारी अनुनय झा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। विमोचन के समय उन्होंने कहा कि कुपोषण एक बड़ी समस्या है, जिसे दूर करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। आहार पुस्तिका और तालिका का उपयोग करने से अभिभावक घर पर ही बच्चों को संतुलित भोजन दे सकेंगे। इससे न केवल कुपोषण की दर कम होगी, बल्कि बच्चे स्वस्थ रहकर बेहतर भविष्य बना सकेंगे। उन्होंने जोर दिया कि स्वस्थ बालिकाएं ही स्वस्थ मां बन सकती हैं, जो समाज की नींव मजबूत करती हैं। जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अभिभावकों को मार्गदर्शन दें और बच्चों की प्रगति पर नजर रखें।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, एडीएम वित्त और राजस्व, एडीएम न्यायिक, सिटी मजिस्ट्रेट, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्ट्रेट के सभी कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि मिशन शक्ति के तहत बालिका सशक्तिकरण और पोषण योजनाओं को गति दें। उन्होंने बताया कि यह पुस्तिका सरल भाषा में तैयार की गई है, जिसमें मौसमी फल, सब्जियां, दालें और अनाजों से बने आसान व्यंजनों की जानकारी दी गई है। उदाहरण के लिए, सुबह के नाश्ते में दलिया या पोहा, दोपहर में दाल-चावल-सब्जी और शाम को फल जैसे सुझाव दिए गए हैं। इससे परिवारों को कम खर्च में पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सकेगा।आहार तालिका में बच्चों की उम्र के अनुसार दैनिक कैलोरी और पोषक तत्वों की मात्रा बताई गई है। जैसे, 1 से 3 वर्ष के बच्चों के लिए 1000 कैलोरी, जिसमें प्रोटीन, विटामिन और आयरन पर जोर दिया गया है। पुस्तिका में चित्रों के माध्यम से भोजन तैयार करने की विधि भी समझाई गई है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावक आसानी से समझ सकें। कार्यक्रम के दौरान कुछ अभिभावकों ने अपनी अनुभव साझा किए। एक मां ने बताया कि पहले उनके बच्चे को भोजन ठीक से न मिलने से कमजोरी थी, लेकिन आंगनबाड़ी से मिलने वाली सलाह से सुधार हो रहा है। अब यह पुस्तिका उनके काम आएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि इस पहल से जिले के 5000 से अधिक कुपोषित बच्चों को लाभ मिलेगा। विभाग नियमित रूप से कार्यशालाएं आयोजित करेगा, जहां अभिभावकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।विमोचन के बाद जिलाधिकारी ने सम कुपोषित बच्चों के अभिभावकों से व्यक्तिगत बातचीत की। उन्होंने पोषण पोटली में रखे सूखे मेवे, दूध पाउडर और बिस्किट जैसे पदार्थों की उपयोगिता बताई। बच्चों को दिए गए खिलौने न केवल मनोरंजन के लिए हैं, बल्कि शारीरिक विकास को बढ़ावा देने वाले हैं। कार्यक्रम में बाल विकास विभाग की टीम ने एक छोटी प्रस्तुति दी, जिसमें कुपोषण के कारणों और रोकथाम के उपायों पर चर्चा हुई। बताया गया कि जिले में कुपोषण दर 25 प्रतिशत से अधिक है, लेकिन ऐसी योजनाओं से इसे 10 प्रतिशत तक लाया जा सकता है।

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