Hathras : हाथरस में यूजीसी ड्राफ्ट रेगुलेशन के विरोध में बाइक रैली, एडीएम को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यूजीसी के नए नियम उच्च शिक्षा में असमानता और भेदभाव को बढ़ावा देते हैं। यह कानून छात्रों के पढ़ाई और करियर को नुकसान पहुंचा सकता है। शिक्षा नीति
हाथरस में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए ड्राफ्ट नियमों के खिलाफ सोमवार को जोरदार विरोध हुआ। ह्यूमन राइट्स डिफेंडर प्रवीन वार्ष्णेय के नेतृत्व में बागला इंटर कॉलेज से बाइक रैली निकाली गई। यह रैली शहर के मुख्य बाजारों से गुजरती हुई जिला मुख्यालय पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यूजीसी के नए नियम उच्च शिक्षा में असमानता और भेदभाव को बढ़ावा देते हैं। यह कानून छात्रों के पढ़ाई और करियर को नुकसान पहुंचा सकता है। शिक्षा नीति का मकसद सभी वर्गों को साथ लेकर चलना चाहिए, न कि किसी खास वर्ग के अधिकारों पर हमला करना।
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों और दुकानदारों ने “यूजीसी कानून रद्द करो”, “मोदी सरकार शर्म करो”, “अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है” जैसे नारे लगाए और लोगों को नियमों के संभावित नुकसान के बारे में बताया।
जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी की मौजूदगी में अपर जिलाधिकारी बसंत लाल अग्रवाल को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में मांग की गई कि यूजीसी का एकतरफा ड्राफ्ट रेगुलेशन तुरंत रोका जाए, नीति बनाने वाली समितियों में सभी सामाजिक वर्गों की बराबर भागीदारी हो और छात्रों, शिक्षकों तथा राज्य सरकारों से खुली बातचीत के बाद ही नई नीति लागू की जाए। साथ ही झूठी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग भी की गई। इस आंदोलन में कमलकांत दोबरावाल, अनिल वार्ष्णेय, शैलेन्द्र सांवलिया, मनीष वार्ष्णेय, कपिल गुप्ता, अमन बंसल, सौरभ अग्रवाल, ललतेश गुप्ता, सुरेश चंद्र अग्रवाल, रोहतास पाराशर, कुलदीप वार्ष्णेय समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए।
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