मुंबई में भारी बारिश का कहर- लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित, देखें नया शेड्यूल, कई ट्रेनें लेट, अब तक 6 लोगों की मौत जलभराव से यात्राएं प्रभावित।
Mumbai News: मुंबई में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने शहर की रफ्तार को पूरी तरह से थाम लिया है। मुंबई की जीवन रेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेन
मुंबई में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने शहर की रफ्तार को पूरी तरह से थाम लिया है। मुंबई की जीवन रेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, और कई इलाकों में रेलवे पटरियों पर जलभराव के कारण ट्रेनों का संचालन रुक गया है। सड़कों पर पानी भरने से यातायात ठप हो गया है, और स्कूल-कॉलेजों सहित कई कार्यालयों को बंद करना पड़ा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। 20 अगस्त 2025 तक, शहर में बारिश और जलभराव से जुड़ी घटनाओं में छह लोगों की मौत हो चुकी है, और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
मुंबई में मंगलवार, 19 अगस्त 2025 से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मंगलवार सुबह 8 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे तक 24 घंटों में शहर में औसतन 300 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह अगस्त महीने के औसत 560.6 मिमी से काफी अधिक है। इस दौरान कुछ इलाकों में 170 मिमी बारिश केवल आठ घंटों में हुई। बारिश का यह स्तर 2017 की बाढ़ की याद दिलाता है, जब 29 अगस्त को एक दिन में 468 मिमी बारिश हुई थी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों तक भारी से अति भारी बारिश जारी रह सकती है, खासकर मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के कारण कोकण क्षेत्र में यह स्थिति बनी है।
मुंबई की लोकल ट्रेन सेवाएं, जिन्हें शहर की जीवन रेखा कहा जाता है, इस बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। मध्य रेलवे की हार्बर लाइन पर मंगलवार सुबह 11:15 बजे से सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई थीं, क्योंकि चूनाभट्टी, कुर्ला, सायन, और मानखुर्द जैसे स्टेशनों पर पटरियों पर पानी भर गया था। मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक हिरेन मीणा ने एक्स पर जानकारी दी कि चूनाभट्टी स्टेशन पर जलभराव के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और कुर्ला के बीच हार्बर लाइन की सेवाएं अगली सूचना तक निलंबित रहीं। मध्य रेलवे की मुख्य लाइन पर भी सायन-दादर और भांडुप-नाहूर के बीच जलभराव के कारण ट्रेनें रुक गईं। बुधवार तड़के 3 बजे, लगभग 15 घंटे बाद, हार्बर लाइन की सेवाएं बहाल की गईं, जब पटरियों से पानी का स्तर कम हुआ। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि पानी उतरने के बाद सेवाएं फिर से शुरू की गईं। हालांकि, मुख्य लाइन पर तेज और धीमी ट्रेनें अभी भी 16 से 37 मिनट की देरी से चल रही हैं। पश्चिम रेलवे की स्थिति भी बेहतर नहीं रही। नालासोपारा और वसई रोड स्टेशनों के बीच जलभराव के कारण मंगलवार को दो लोकल ट्रेनें रद्द कर दी गईं, और बुधवार सुबह 5:39 बजे तक 17 और ट्रेनें रद्द की गईं। पश्चिम रेलवे ने दावा किया कि उनकी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं, लेकिन विरार-चर्चगेट मार्ग पर ट्रेनें 4 से 22 मिनट देरी से चल रही थीं। माइंडिकेटर ऐप के अनुसार, बुधवार सुबह 11:10 बजे तक सीएसएमटी-कल्याण मार्ग पर तेज ट्रेनें 24 मिनट और धीमी ट्रेनें 37 मिनट देरी से चल रही थीं, जबकि कल्याण-सीएसएमटी मार्ग पर तेज ट्रेनें 16 मिनट और धीमी ट्रेनें भी 16 मिनट देरी से थीं। सीएसएमटी-पनवेल मार्ग पर 13 मिनट और पनवेल-सीएसएमटी मार्ग पर 11 मिनट की देरी दर्ज की गई। मध्य रेलवे ने 14 लंबी दूरी की ट्रेनें (7 जोड़ी) भी रद्द कीं, और कई एक्सप्रेस ट्रेनों का समय बदला गया। जलभराव ने मुंबई की सड़कों को भी तालाब में बदल दिया। अंधेरी सबवे, हिंदमाता, सायन, चेंबूर, वडाला, और क्रांति नगर जैसे निचले इलाकों में पानी भरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बताया कि 16 से 19 अगस्त के बीच उनके 43 पंपिंग स्टेशनों ने 1,645 करोड़ लीटर पानी निकाला, लेकिन फिर भी कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी, और 92 बेस्ट बस रूट्स को डायवर्ट करना पड़ा। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी बारिश का असर पड़ा। कम दृश्यता और रनवे पर जलभराव के कारण 9 फ्लाइट्स को "गो-अराउंड" करना पड़ा, और 250 से अधिक उड़ानें देरी से चलीं। इंडिगो एयरलाइंस ने यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी।
मुंबई में मीठी नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई। कुर्ला के शक्ति नगर में नदी के उफान के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। बीएमसी ने क्रांति नगर जैसे निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में छह लोगों की मौत हुई, और नांदेड़ जिले में पांच लोग लापता हैं। एनडीआरएफ की 18 टीमें और एसडीआरएफ की छह टीमें राज्य के विभिन्न हिस्सों में तैनात हैं। गढ़चिरौली के भामरागढ़ तालुका में बाढ़ में एक 19 वर्षीय युवक बह गया। प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। बीएमसी ने स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की, और सरकारी व अर्ध-सरकारी कार्यालयों को जल्दी बंद करने का आदेश दिया। नवी मुंबई, ठाणे, और रायगढ़ में भी स्कूल बंद रहे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से सावधानी बरतने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की। उन्होंने आपातकालीन नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की। मुंबई पुलिस ने सीएसएमटी से ठाणे और पनवेल जाने वाले यात्रियों के लिए 30-35 निजी बसों की व्यवस्था की। मौसम वैज्ञानिक शुभांगी भुते ने बताया कि 22 अगस्त से मौसम में सुधार की संभावना है, लेकिन जलभराव और नदियों के जलस्तर के कारण स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है।
इस बारिश ने बीएमसी की तैयारियों पर भी सवाल उठाए हैं। कई लोग सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं कि हर साल बारिश में मुंबई की यही हालत होती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। कुर्ला रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों यात्री पटरियों पर चलते हुए एक स्टेशन से दूसरे तक पहुंचे, क्योंकि ट्रेनें जहां-की-तहां रुकी थीं। ठाणे स्टेशन पर भी भारी भीड़ जमा हो गई, और कुछ यात्रियों ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर चलना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अंधेरी सबवे में पानी में डूबी गाड़ियां और सायन रोड पर जाम की स्थिति दिखाई गई। मौसम विभाग ने मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, और कुछ इलाकों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है। स्काईमेट के अनुसार, यह स्थिति सप्ताह के मध्य तक जारी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों, जैसे मरीन ड्राइव, पर न जाने की सलाह दी है, क्योंकि हाई टाइड का खतरा है। गेटवे ऑफ इंडिया पर जलस्तर कम होने की खबर है, लेकिन कई अन्य इलाकों में स्थिति अभी भी गंभीर है। मुंबई की लोकल ट्रेनें रोजाना 35 लाख से अधिक यात्रियों को ढोती हैं, और इनका ठप होना शहर की अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर गहरा असर डालता है। मध्य रेलवे प्रतिदिन 1,800 सेवाएं संचालित करता है, जबकि पश्चिम रेलवे 1,300 से अधिक सेवाएं चलाता है। इस बारिश ने न केवल लोकल ट्रेनों, बल्कि लंबी दूरी की ट्रेनों, बसों, और हवाई सेवाओं को भी प्रभावित किया है। मोनोरेल सेवाएं भी तकनीकी खराबी और जलभराव के कारण प्रभावित हुईं। एक मोनोरेल ट्रेन पूर्वी उपनगर में एलिवेटेड ट्रैक पर फंस गई, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।
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