साफ-सफाई और फोगिंग के अभाव में मलेरिया-डेंगू से जूझ रहे ग्रामीण, मोटेश्वर मंदिर के सामने नाली से बह रहा गंदा पानी।

Sitapur News: कसमंडा इलाके की ग्राम पंचायत भंडिया में पूर्ण रूप से मनमानी तरीका अपनाया जा रहा है।साफ सफाई हो या फिर विकास ...

Aug 2, 2025 - 20:34
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साफ-सफाई और फोगिंग के अभाव में मलेरिया-डेंगू से जूझ रहे ग्रामीण, मोटेश्वर मंदिर के सामने नाली से बह रहा गंदा पानी।
साफ-सफाई और फोगिंग के अभाव में मलेरिया-डेंगू से जूझ रहे ग्रामीण, मोटेश्वर मंदिर के सामने नाली से बह रहा गंदा पानी।

रिपोर्ट- संदीप चौरसिया INA NEWS ब्यूरो sitapur

सिधौली सीतापुर। कसमंडा इलाके की ग्राम पंचायत भंडिया में पूर्ण रूप से मनमानी तरीका अपनाया जा रहा है।साफ सफाई हो या फिर विकास कार्य सिर्फ कागजों पर व्यवस्थित दर्शाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भंडिया पंचायत में हर महीने साफ-सफाई के लिए रोस्टर तो लगता है लेकिन साफ सफाई व्यवस्था बदहाल देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समय वायरल फीवर, डेंगू, मलेरिया जैसी घटनाओं से जूझना पड़ रहा है। पंचायत के मजरों में नालियों का निर्माण ना होने के कारण बड़ी बड़ी झाड़ियां लगी हुई है और उसमें बड़े बड़े मच्छर अपना डेरा डाले हुए हैं। पंचायत के मुखिया से नालियों का निर्माण कार्य करवाने के लिए बोला जाता है तो मुखिया के द्वारा बजट ना होने का हवाला दे दिया जाता है। पंचायत में अगर देखा जाए तो डेंगू और मलेरिया से जूझ रहे काफी लोग मिल जाएंगे। और जिम्मेदार अफसरों की मेहरबानी से सरकार की महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन योजना को पतीला लगाया जा रहा है। और सरकारी नियमों कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

  • लाखो खपत फिर भी नालियों का पानी भरा मुख्य सड़क पर

चुन्ने के मकान से बाजार तक नाली निर्माण में लाखों की धनराशि भले ही खर्च कर दी गई है। लेकिन नाली ग्रामीणों के लिए सफेद हांथी साबित हो रही है। इस नाली का निर्माण अफसरों के द्वारा कुछ इस प्रकार करवाया गया है कि नाली के पानी का बहाव पता ही नहीं चलता है। लाखों का बजट खर्च करने के बाद भी नाली का पानी शंकर भगवान का प्रसिद्ध मोटेश्वर मंदिर के समीप भरा हुआ है। जबकि सावन के महीने में हजारों श्रद्धालुओं के द्वारा पूजा अर्चना में सहभागी बनते हैं। मोटेश्वर मंदिर से लेकर बाजार तक गंदगी की बजबजा हट से बाजार में आने जाने वालों को समस्याओं से जूझ कर गुजरना पड़ता है।

समस्या सुलझाने के बजाय नम्बर ब्लाक कर देते हैं तैनात सचिव ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत में इसके पहले भी तैनात सचिव अभय प्रताप दीपक को जानकारी दी गई लेकिन उन्होंने समस्या सुलझाने के बजाय ग्रामीणों का नम्बर ही ब्लाक करना समस्या का हल मुनासिब समझा।

Also Read- मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों के साथ ‘हर घर तिरंगा अभियान-2025’ की तैयारियों की समीक्षा की।

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