इमरान खान का आरोप- आसिम मुनीर मेरी पत्नी बुशरा बीबी को निशाना बनाकर मुझे तोड़ना चाहते हैं।
Pakistan News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता इमरान खान ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर गंभीर आरोप ...
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता इमरान खान ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 17 जुलाई 2025 को रावलपिंडी की अदियाला जेल से एक बयान में खान ने दावा किया कि उनकी पत्नी बुशरा बीबी को निजी बदले की भावना से निशाना बनाया जा रहा है ताकि उनका मनोबल तोड़ा जा सके। खान ने कहा, "आसिम मुनीर बुशरा बीबी को निशाना बनाकर मुझे तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि यदि जेल में उनके या उनकी पत्नी के साथ कुछ होता है, तो इसके लिए आसिम मुनीर को जिम्मेदार ठहराया जाए। यह बयान खान की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ चल रहे कई मुकदमों के बीच आया है, जो उनके मुताबिक राजनीति से प्रेरित हैं।
- इमरान खान और बुशरा बीबी की गिरफ्तारी
इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं, जहां वे कई मुकदमों का सामना कर रहे हैं। इनमें अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामला, तोशाखाना मामला, और साइफर मामला शामिल हैं। उनकी पत्नी बुशरा बीबी भी जनवरी 2025 में अल-कादिर ट्रस्ट मामले में सात साल की सजा पाने के बाद जेल में हैं। इस मामले में खान को 14 साल की सजा सुनाई गई थी। यह मामला 190 मिलियन पाउंड (लगभग 50 अरब पाकिस्तानी रुपये) के भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जिसमें खान और उनकी पत्नी पर प्रॉपर्टी टाइकून मलिक रियाज से जमीन लेकर गैरकानूनी लाभ लेने का आरोप है।
खान ने दावा किया कि ये मामले राजनीति से प्रेरित हैं और सबूतों का अभाव है। उनके वकील और PTI ने भी कहा कि अल-कादिर ट्रस्ट मामले में कोई ठोस सबूत नहीं है, और यह खान को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की साजिश है। खान ने कहा कि उनकी पत्नी, जो एक गृहिणी हैं और जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, को बिना सबूत के बार-बार फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है।
- आसिम मुनीर के खिलाफ आरोप
इमरान खान ने अपने बयान में कहा कि आसिम मुनीर की नाराजगी की जड़ 2019 में उनके द्वारा मुनीर को इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के महानिदेशक पद से हटाना है। खान ने दावा किया कि मुनीर ने उनके हटाए जाने के बाद बुशरा बीबी से संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन बुशरा ने साफ मना कर दिया कि वह ऐसी बातों में शामिल नहीं होतीं। खान ने कहा, "जब मैंने आसिम मुनीर को ISI प्रमुख के पद से हटाया, तो उन्होंने जुल्फी बुखारी (PTI नेता) के जरिए बुशरा बीबी से मिलने का संदेश भेजा। बुशरा ने साफ मना कर दिया। इसके बाद से मुनीर का निजी द्वेष है, और वह बुशरा को निशाना बनाकर मुझे मानसिक रूप से तोड़ना चाहते हैं।"
खान ने यह भी आरोप लगाया कि जेल में उनके और उनकी पत्नी के साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुशरा की कोठरी से टीवी तक हटा दिया गया है, और उन्हें मूलभूत अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। खान ने बताया कि जेल नियमों के तहत उन्हें 1 जून 2025 को अपनी पत्नी से मिलना था, लेकिन यह मुलाकात भी रद्द कर दी गई, जो अदालत के आदेशों का उल्लंघन है।
अल-कादिर ट्रस्ट मामला खान और बुशरा के खिलाफ सबसे बड़ा भ्रष्टाचार मामला है। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) ने दिसंबर 2023 में इस मामले में खान, बुशरा, और छह अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप है कि खान और बुशरा ने मलिक रियाज से 458 कनाल जमीन ली, जिसका इस्तेमाल अल-कादिर यूनिवर्सिटी बनाने के लिए किया गया। यह जमीन कथित तौर पर उस 50 अरब रुपये के बदले दी गई थी, जो यूके की नेशनल क्राइम एजेंसी ने मलिक रियाज से जब्त किए थे और जो पाकिस्तान की राष्ट्रीय कोष में जमा होने चाहिए थे।
PTI और खान के वकील ने दावा किया कि यह मामला बेबुनियाद है, और ट्रस्ट में कोई गड़बड़ी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि खान और बुशरा केवल ट्रस्टी थे, और उनका कोई निजी लाभ नहीं था। हालांकि, जनवरी 2025 में रावलपिंडी की एक जवाबदेही अदालत ने खान को 14 साल और बुशरा को सात साल की सजा सुनाई। खान को 10 लाख रुपये और बुशरा को 5 लाख रुपये का जुर्माना भी देना पड़ा।
खान ने अपने बयान में कहा कि जेल में उनके साथ "आतंकवादी से भी बदतर" व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक हत्या के दोषी सैन्य अधिकारी को जेल में वीआईपी सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि उनके और उनकी पत्नी के मूल अधिकार छीने जा रहे हैं। खान ने कहा, "मैं पूरी जिंदगी जेल में रहने को तैयार हूं, लेकिन मैं कभी अत्याचार के सामने नहीं झुकूंगा।" उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यों को निर्देश दिया कि यदि उनके साथ कुछ होता है, तो आसिम मुनीर को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाए।
खान की बहन अलीमा खान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने भाई के संदेश को जनता तक पहुंचाया। खान ने यह भी कहा कि वह अब कोई समझौता नहीं करेंगे और देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। उनकी इस घोषणा के बाद PTI ने 2025 में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों की योजना बनाई है।
खान ने मई 2023 की हिंसक घटनाओं को "लंदन प्लान" का हिस्सा बताया, जिसका मकसद PTI को खत्म करना था। 9 मई 2023 को उनकी गिरफ्तारी के बाद PTI समर्थकों ने सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी संपत्ति पर हमले किए थे। खान ने दावा किया कि यह सब उनकी पार्टी को कमजोर करने की साजिश थी। उन्होंने मांग की कि मई 2023 और 26 नवंबर 2024 की घटनाओं की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग बनाया जाए, क्योंकि उनके मुताबिक CCTV फुटेज को छिपाया जा रहा है।
खान ने पाकिस्तान की न्यायपालिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश काजी फईज ईसा की तुलना जस्टिस मुनीर से की, जिन्हें अनुचित फैसलों के लिए जाना जाता है। खान ने कहा कि मौजूदा न्यायिक व्यवस्था निष्पक्षता के बजाय अपनी नौकरियों और विशेषाधिकारों की रक्षा कर रही है।
खान के बयानों ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी। X पर कई यूजर्स ने उनके समर्थन में लिखा, जैसे कि एक यूजर ने कहा, "बुशरा बीबी को निशाना बनाना गलत है। यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है।" एक अन्य ने लिखा, "इमरान खान की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है।" हालांकि, कुछ यूजर्स ने उनके आरोपों को अतिशयोक्ति बताया और कहा कि वे ध्यान हटाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।
विपक्षी दलों, जैसे PML-N, ने खान के आरोपों को खारिज किया और कहा कि वे सेना को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, कुछ मानवाधिकार संगठनों ने खान और उनकी पत्नी के साथ जेल में व्यवहार पर चिंता जताई है। खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने भी कहा कि उनके बेटों को खान से फोन पर बात करने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
इमरान खान का आसिम मुनीर पर यह आरोप कि वे उनकी पत्नी को निशाना बनाकर उन्हें तोड़ना चाहते हैं, पाकिस्तान की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा करता है। खान का दावा है कि उनकी और उनकी पत्नी की जेल में सजा और कठोर व्यवहार निजी बदले की भावना से प्रेरित है। यह विवाद खान और सेना के बीच तनाव को और गहरा करता है, जो 2019 में मुनीर के ISI प्रमुख पद से हटने के बाद से चला आ रहा है।
खान की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ मुकदमों ने PTI और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच खाई को और चौड़ा कर दिया है। उनकी मांग कि मई 2023 और नवंबर 2024 की घटनाओं की जांच हो, और उनके बयान कि वे जेल में रहने को तैयार हैं लेकिन अत्याचार के सामने नहीं झुकेंगे, उनके समर्थकों में जोश भर रहे हैं। हालांकि, यह सवाल बना हुआ है कि क्या यह तनाव पाकिस्तान की राजनीति को और अस्थिर करेगा। खान की यह लड़ाई न केवल उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता की है, बल्कि यह देश में लोकतंत्र और न्यायिक निष्पक्षता के लिए भी एक बड़ा सवाल उठाती है।
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