मुख्यमंत्री की पवित्र नगरी मुलताई में शराबबंदी फेल: पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 306 लीटर अवैध देशी शराब जब्त।

Madhyapradesh: मध्यप्रदेश के  बैतूल जिले की पवित्र नगरी मुलताई  में पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की है विश्वसनीय सूचना पर नाकाबंदी करते हुए पुलिस ने एक सफेद रंग की इंडिका

Sep 1, 2025 - 20:07
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मुख्यमंत्री की पवित्र नगरी मुलताई में शराबबंदी फेल: पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 306 लीटर अवैध देशी शराब जब्त।
मुख्यमंत्री की पवित्र नगरी मुलताई में शराबबंदी फेल: पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 306 लीटर अवैध देशी शराब जब्त।

शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के  बैतूल जिले की पवित्र नगरी मुलताई  में पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की है विश्वसनीय सूचना पर नाकाबंदी करते हुए पुलिस ने एक सफेद रंग की इंडिका कार को पकड़ा। इस कार का नंबर एमएच 31 डी.वी. 1534 है।

जांच करने पर कार से 34 पेटी अवैध देशी शराब बरामद की गई। इनमें 14 पेटी देशी प्लेन और 20 पेटी देशी मसाला शराब शामिल हैं। कुल मात्रा – 306 लीटर। बरामद शराब की कीमत करीब 1 लाख 62 हजार रुपये आंकी गई है। कार की कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है।

दरअसल, पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, टीम ने तुरंत इलाके में नाका बंदी की। आरोपी बंटी शिवहरे कार को गली में ले जाकर भाग खड़ा हुआ, लेकिन मौके पर कार को जप्त कर लिया गया। आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश जारी रखे हुए है।

मुलताई समेत मध्यप्रदेश के 19 धार्मिक नगरों और ग्रामीण पंचायतों को 1 अप्रैल 2025 से पवित्र नगरी घोषित कर पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी। यह फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने धार्मिक आस्था और नशामुक्त समाज बनाने के उद्देश्य से लिया था।

लेकिन पांच महीने बीत गए और नतीजे कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। एक छोटे से शहर अगर मुल्ताई के ही अकड़े देखे जाए तो अप्रैल से अगस्त 2025 तक की 4 बड़ी बरामदगी)

बीते पांच महीनों में मुलताई पुलिस ने कुल 4 मामले दर्ज किए हैं। इन कार्रवाइयों में लगभग 800 लीटर से अधिक अवैध शराब जब्त की गई है। हर पखवाड़े पुलिस तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करती है, लेकिन नेटवर्क पूरी तरह से खत्म नहीं हो पाया है।

तो मुलताई की तस्वीर साफ है—
सरकार ने धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू तो कर दी, लेकिन तस्करी और अवैध कारोबार ने इस नीति की सफलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एक तरफ पुलिस लगातार छापेमारी और नाकाबंदी कर रही है,
तो दूसरी तरफ तस्कर नई-नई तरकीबों से शराब की सप्लाई जारी रखे हुए हैं।

फिलहाल, सवाल यही है –
क्या प्रदेश सरकार सच में शराबबंदी को सफल बना पाएगी या फिर अवैध शराब माफिया इस ऐतिहासिक फैसले को पलीता लगा देंगे?

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