Lucknow : गोरखपुर खिचड़ी मेले की तैयारियां 20 दिसंबर तक पूरी करें, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर जोर: योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में महापौर और अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि इस मेले से पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, नेपाल और देश-विदेश
गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति पर लगने वाले खिचड़ी मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य 20 दिसंबर तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत सबसे पहले सुनिश्चित हो। कोई भी श्रद्धालु परेशान न हो।
मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में महापौर और अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि इस मेले से पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, नेपाल और देश-विदेश के सनातन धर्मावलंबियों की आस्था जुड़ी है। सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से मेले का सीधा प्रसारण हो, ताकि दूर रहने वाले लोग भी इसमें शामिल हो सकें।
विभिन्न विभागों से तैयारियों की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने शेष कार्यों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। स्वच्छता और सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। मेले को शून्य अपशिष्ट कार्यक्रम बनाने के लिए नगर निगम को जिम्मेदारी सौंपी। मेला क्षेत्र में पर्याप्त स्थायी और अस्थायी प्रकाश व्यवस्था हो। मंदिर मार्ग की सभी स्ट्रीट लाइटों का परीक्षण कर मरम्मत करा ली जाए।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर साल की तरह इस बार भी खिचड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं। रेलवे प्रशासन से समन्वय कर विभिन्न स्टेशनों से इनका संचालन सुनिश्चित हो। स्पेशल ट्रेनों का व्यापक प्रचार हो। शहर के ठहराव वाले स्टेशनों से इलेक्ट्रिक सिटी बसें उपलब्ध कराई जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों तक परिवहन सुविधा मिले। परिवहन विभाग अभी से बसों की व्यवस्था और स्पेशल बसों के मार्गों का प्रचार करे।
मेले के समय ठंड अधिक रहती है। आम लोगों के लिए पर्याप्त अलाव जलाए जाएं। वन विभाग लकड़ी की व्यवस्था करे।
सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा मजबूत हो। महिला श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त महिला पुलिसकर्मी तैनात हों और महिला हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। कंट्रोल रूम से सुरक्षा की एकीकृत निगरानी हो। मेला क्षेत्र में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। भीड़ नियंत्रण पर पूरा ध्यान हो। पुलिस पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लगातार जरूरी जानकारी दी जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए एनसीसी और सिविल डिफेंस की मदद ली जाए।
यातायात प्रबंधन के लिए पर्याप्त यातायात पुलिस और होमगार्ड तैनात हों। सीसीटीवी से लगातार निगरानी हो। वाहनों की पार्किंग और डायवर्जन की तैयारी अभी से हो। नगर निगम, गोरखपुर विकास प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग सभी सड़कों की समय पर मरम्मत करें, ताकि आवागमन में कोई समस्या न हो। मेला परिसर में स्वास्थ्य शिविर लगाया जाए। अस्पतालों को सतर्क रखा जाए, ताकि किसी आपात स्थिति में परेशानी न हो।
कोई भी श्रद्धालु खुले में न सोए। निकटतम रैन बसेरों में उन्हें ठहराया जाए। सभी रैन बसेरों में पर्याप्त बिस्तर, कंबल और सफाई की व्यवस्था बेहतर हो। भोजन सुविधा के लिए कम्युनिटी किचन और भंडारों का आयोजन हो, इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाए।
मेले में लगने वाली अस्थायी दुकानों की बिजली सुरक्षा जांच समय पर हो। झूलों की सुरक्षा परख ली जाए। बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो। नमूनों की जांच कराई जाए, ताकि मिलावटी सामग्री न बिके।
बैठक में गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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