Lucknow: डालीबाग में 72 ईडब्ल्यूएस फ्लैटों का पंजीकरण जल्द शुरू, 338 बकायेदारों का आवंटन रद्द

Lucknow News : लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) हजरतगंज के डालीबाग क्षेत्र में 72 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) फ्लैटों का निर्माण कर रहा है, जिनका पंजीकर..

Jul 7, 2025 - 23:16
 0  73
Lucknow: डालीबाग में 72 ईडब्ल्यूएस फ्लैटों का पंजीकरण जल्द शुरू, 338 बकायेदारों का आवंटन रद्द
प्रतीकात्मक चित्र

Lucknow News : लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) हजरतगंज के डालीबाग क्षेत्र में 72 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) फ्लैटों का निर्माण कर रहा है, जिनका पंजीकरण अगस्त 2025 में शुरू करने की योजना है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने निर्माण कार्य में तेजी लाने और परियोजना का उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी-रेरा) में पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, एलडीए ने विभिन्न योजनाओं में 338 बकायेदार आवंटियों की सूची तैयार की है, जिनका आवंटन रद्द किया जाएगा। इन फ्लैटों को बाद में 'पहले आओ-पहले पाओ' और ई-नीलामी के जरिए बेचा जाएगा।

डालीबाग में 72 ईडब्ल्यूएस फ्लैटों का निर्माण

डालीबाग में 2.314 वर्ग मीटर क्षेत्र में 5.50 करोड़ रुपये की लागत से 72 ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल लगभग 24.72 वर्ग मीटर है। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इन फ्लैटों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है, ताकि अगस्त 2025 में पंजीकरण शुरू हो सके। पंजीकरण से पहले परियोजना का यूपी-रेरा में पंजीकरण अनिवार्य है, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। रेरा पंजीकरण पूरा होते ही फ्लैटों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह परियोजना पहले माफिया मुख्तार अंसारी की अवैध इमारत की जमीन पर शुरू की गई थी, जिसे ध्वस्त करने के बाद अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट बनाए जा रहे हैं।

बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

एलडीए ने अपनी विभिन्न योजनाओं में फ्लैटों के बकायेदार आवंटियों की पहचान की है। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, 338 आवंटी ऐसे हैं, जिन्होंने फ्लैट की पूरी राशि जमा नहीं की है। कुछ आवंटियों ने केवल 40 प्रतिशत राशि जमा की है और बाकी भुगतान में चूक कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर को प्राधिकरण ने बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस भेजा था, लेकिन भुगतान न होने के कारण अब अंतिम नोटिस जारी की जाएगी। इसके बाद इनका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। रद्द किए गए फ्लैटों को 'पहले आओ-पहले पाओ' योजना और ई-नीलामी के जरिए नए आवेदकों को बेचा जाएगा।

यूपी-रेरा पंजीकरण की प्रक्रिया

यूपी-रेरा नियमों के अनुसार, किसी भी आवासीय परियोजना का पंजीकरण अनिवार्य है, ताकि खरीदारों के हितों की रक्षा हो और परियोजना की पारदर्शिता सुनिश्चित हो। डालीबाग की इस परियोजना को रेरा में पंजीकृत करने के लिए एलडीए ने तेजी से कदम उठाए हैं। रेरा पंजीकरण से खरीदारों को परियोजना की वैधता, निर्माण की प्रगति, और समय पर डिलीवरी की जानकारी मिलेगी। यह कदम खरीदारों के बीच भरोसा बढ़ाने और धोखाधड़ी रोकने में मदद करेगा।

एलडीए की यह पहल न केवल किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के जरिए प्राधिकरण की योजनाओं को पारदर्शी और नियमित बनाने का प्रयास भी है। डालीबाग में बन रहे ये फ्लैट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए किफायती आवास का एक बेहतर विकल्प होंगे। प्रथमेश कुमार ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आवंटियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

Also Click : Lucknow : लखनऊ में अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर की कार्रवाई, गुड़म्बा, बीकेटी और दुबग्गा में चार कॉलोनियां ध्वस्त

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow