Lucknow : सशक्त समन्वय से खाद्य प्रसंस्करण को नई गति, पीएमएफएमई योजना में उत्तर प्रदेश अग्रणी

बैठक के दौरान बजट एवं भुगतान से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी सकारात्मक एवं परिणामोन्मुख चर्चा हुई। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को सीड कैपिटल के रूप में रू.19.00 करोड़ की धनराशि

Apr 1, 2026 - 21:43
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Lucknow : सशक्त समन्वय से खाद्य प्रसंस्करण को नई गति, पीएमएफएमई योजना में उत्तर प्रदेश अग्रणी
Lucknow : सशक्त समन्वय से खाद्य प्रसंस्करण को नई गति, पीएमएफएमई योजना में उत्तर प्रदेश अग्रणी

कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर शीघ्र होंगे राष्ट्र को समर्पित स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण पर विशेष जोर

लखनऊ/नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से आत्मीय भेंट कर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास, रोजगार सृजन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के संबंध में विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए ऋण स्वीकृति एवं वितरण में देश में अग्रणी स्थान पर है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता, पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं लाभार्थी केंद्रित दृष्टिकोण का परिणाम है।

बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को और गति देने, लाभार्थियों तक अधिकतम पहुंच सुनिश्चित करने तथा सूक्ष्म उद्यमियों को तकनीकी एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के विभिन्न आयामों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के उपायों पर सकारात्मक चर्चा हुई।उप मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि प्रदेश में कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर तीव्र गति से निर्माणाधीन हैं, जो शीघ्र ही तैयार होकर उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण एवं प्रोसेसिंग सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। इसके अतिरिक्त, पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत मोबाइल फूड प्रोसेसिंग यूनिट को शामिल करने के विषय पर भी गंभीरतापूर्वक विचार किया गया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्यमियों को सीधे लाभ मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

बैठक के दौरान बजट एवं भुगतान से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी सकारात्मक एवं परिणामोन्मुख चर्चा हुई। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को सीड कैपिटल के रूप में रू.19.00 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराने के संबंध में भी विचार साझा किए गए, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सके।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश, नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित कर प्रदेश को एक प्रमुख प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच मजबूत समन्वय और साझा प्रतिबद्धता के बल पर उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा किसानों, उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों के लिए व्यापक अवसरों का सृजन होगा।

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