Maha Kumbh 2025: गृहमंत्री अमित शाह ने श्रृंगेरी, पुरी और द्वारिका पीठ के शंकराचार्यों का लिया आशीर्वाद
गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने संगम स्नान, गंगा पूजन और अक्षयवट दर्शन कर पूज्य संतो से साथ सात्विक भोजन ग्रहण किया। गृह मंत्री ने सपरिवार साधु ,संतों के साथ भोजन किया और सभी साधु संतों ...
सार-
- महाकुम्भ (Maha Kumbh) में संगम स्नान कर शंकराचार्यों से मार्गदर्शन प्राप्त करने पहुंचे गृहमंत्री
- शंकराचार्यों ने गृहमंत्री को आशीर्वाद और सनातन उत्कर्ष का दिया मूल मंत्र
- संगम स्नान और अक्षयवट का दर्शन कर साधु-संतों के साथ गृहमंत्री ने किया भोजन
By INA News Maha Kumbh Nagar.
सनातन आस्था के महापर्व महाकुम्भ (Maha Kumbh) में संगम में पवित्र स्नान करने देश के गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) सोमवार को तीर्थराज प्रयागराज पहुंचे। सपरिवार संगम में स्नान करने और अक्षय वट का दर्शन कर गृह मंत्री शंकराचार्यों से आशीर्वाद लेने पहुंचे।
गृह मंत्री ने श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य विधुशेखर भारती जी, पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्छलानंद सरस्वती जी और द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती से मिलकर, उनका आशीवाद लिया और कुशलक्षेम पूछा। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
- पूज्य संतों के साथ किया गृहमंत्री ने सात्विक भोजन
गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने संगम स्नान, गंगा पूजन और अक्षयवट दर्शन कर पूज्य संतो से साथ सात्विक भोजन ग्रहण किया। गृह मंत्री ने सपरिवार साधु ,संतों के साथ भोजन किया और सभी साधु संतों से आशीर्वचन प्राप्त कर पूज्य शंकराचार्यों से मिलने उनके शिविर मेला क्षेत्र के सेक्टर-18 में शंकराचार्य मार्ग पर पहुंचे। सनातन धर्म के मार्गदर्शक और सर्वोच्च धर्मगुरू शकंराचार्यों के शिविरों में खाकर गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सभी का स्वागत और अभिनंदन किया।
गृहमंत्री ने शंकराचार्यों से महाकुम्भ (Maha Kumbh) में की गई व्यवस्थाओं के बारें में भी पूछा। साथ ही उन्होंने सनातन धर्मावलंबियों के लिये बनाई जाने वाली योजनाओं के बारे में शंकराचार्य से मार्गदर्शन भी प्राप्त किया। शंकराचार्य विधुशेखर भारती जी ने गृहमंत्री को श्रीफल और शाल दे कर सम्मानित किया और आशीर्वचन से अभिसिंचित किया।
गोवर्धन पीठ पुरी के शंकराचार्य निश्छलानंद सरस्वती और द्वारिका पीठ के सदानंद सरस्वती जी ने गृह मंत्री को आशीर्वाद दे कर सनातन के उत्कर्ष और एकता की दिशा में नीतियों का निर्माण करने का सुझाव दिया। इसके बाद गृह मंत्री निरंजनी अखाड़े के पीठाधीश्वर कैलाशानंद के भी शिविर में गये थे।
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