Maha Kumbh 2025: आस्था, भव्यता और इतिहास के महासंगम का समापन, 45 दिनों तक चले महाआयोजन का हुआ सफलतापूर्वक समापन

इस महाकुम्भ (Maha Kumbh) में उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों की मंत्रिमंडल की बैठकें भी संपन्न की गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रि परिषद की बैठक में यूपी के लिए कई अहम निर्णय ...

Feb 26, 2025 - 22:16
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Maha Kumbh 2025: आस्था, भव्यता और इतिहास के महासंगम का समापन, 45 दिनों तक चले महाआयोजन का हुआ सफलतापूर्वक समापन

सार-

  • 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम स्नान कर रचा इतिहास  
  • ऊंच-नीच, जाति-पाति के टूटे बंधन, एक ही स्थान पर सभी ने किया स्नान
  • 4000 हेक्टेयर में बसी दिव्य कुम्भनगरी में 13 अखाड़ों ने निभाई सनातन परंपरा
  • नेता, सितारे और उद्योगपति सब त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने को पहुंचे
  • डिजिटल महाकुम्भ (Maha Kumbh) ने बटोरीं सुर्खियां, बना आधुनिकता का प्रतीक
  • 45 दिनों में 10 बार स्वयं महाकुम्भ (Maha Kumbh) नगर पहुंचे सीएम योगी, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
  • समस्त जाति, वर्गों के साधु संतों से की सीएम ने मुलाकात, किया सम्मान 

By INA News Maha Kumbh Nagar.

महाकुम्भ (Maha Kumbh) 2025 ने न सिर्फ आध्यात्मिकता की नई ऊंचाइयों को छुआ, बल्कि भव्यता और दिव्यता के मामले में भी दुनिया भर में एक अनूठा उदाहरण पेश किया। 45 दिनों तक चले इस महाआयोजन में 66 करोड़ से अधिक लोगों ने संगम में स्नान कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया। योगी सरकार की मेहनत और केंद्र के सहयोग से प्रयागराज का कायाकल्प हुआ, जिसने इस बार महाकुम्भ (Maha Kumbh) को पहले से कहीं अधिक भव्य और दिव्य बना दिया।आम से लेकर खास तक, हर किसी ने इस पवित्र अवसर पर अपनी आस्था को साकार किया। सबसे खास बात ये रही कि महाकुम्भ (Maha Kumbh) की शुरुआत से पहले पीएम मोदी और सीएम योगी ने जिस एकता के महाकुम्भ (Maha Kumbh) का संकल्प लिया था, वो यहां साकार होता दिखाई दिया। 

  • 66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने किया स्नान

45 दिनों तक चले महाकुम्भ (Maha Kumbh) 2025 के महाआयोजन में 66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने स्नान कर इतिहास बनाया। आज तक दुनिया भर में किसी एक आयोजन में इतने बड़े मानव समागम का कोई इतिहास नहीं है। यह संख्या भारत की आबादी का लगभग 50 फीसदी है, जबकि दुनिया के कई देशों की आबादी से कहीं ज्यादा है। 

  • 13 अखाड़ों की रही उपस्थिति

महाकुम्भ (Maha Kumbh) 2025 में सभी 13 अखाड़ों की उपस्थिति रही, जिन्होंने तीनों अमृत स्नान में पुण्य डुबकी लगाकर परंपरा का निर्वहन किया। इन 13 अखाड़ों के साथ इनके अनुगामी अखाड़े भी सम्मिलित हुए, जिसमें जूना अखाड़े का अनुगामी अखाड़ा किन्नर अखाड़ा आकर्षण का केंद्र रहा। इन अखाड़ों ने महाकुम्भ (Maha Kumbh) की परंपरा के अनुसार दीक्षा कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन संपन्न किया। विभिन्न अखाड़ों ने महामंडलेश्वर समेत अन्य पदों पर नियुक्तियां भी कीं। 

  • 4000 हेक्टेयर में बसाई गई महाकुम्भ (Maha Kumbh) नगरी

महाकुम्भ (Maha Kumbh) को इस बार भव्य और दिव्य बनाने के लिए योगी सरकार ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। 4000 हेक्टेयर में महाकुम्भ (Maha Kumbh) नगर को बसाया गया। पूरे मेला क्षेत्र को 25 सेक्टर में विभाजित किया गया।

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12 किमी. में कई पक्के घाटों का निर्माण किया गया। 1850 हेक्टेयर में पार्किंग निर्मित की गई, जबकि 31 पांटून पुल, 67 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइट्स, 1.5 लाख शौचालय और 25 हजार पब्लिक एकमोडेशन सुनिश्चित किए गए। योगी सरकार के द्वारा 7 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि खर्च की गई, जबकि केंद्र सरकार के सहयोग से कुल 15 हजार करोड़ रुपए से पूरे प्रयागराज का कायाकल्प किया गया। 

  • 6 प्रमुख स्नान पर्वों पर जुटी सर्वाधिक श्रद्धालु

45 दिनों में जहां 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु जुटे, जिसमें सर्वाधिक संख्या अमृत स्नान और स्नान पर्वों पर रही। 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर 1.70 करोड़, 14 जनवरी मकर संक्रांति पर 3.50 करोड़, 29 जनवरी मौनी अमावस्या को 7.64 करोड़, 3 फरवरी बसंत पंचमी को 2.57 करोड़, 12 फरवरी माघ पूर्णिमा को 2.04 करोड़ और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को 1.53 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु रिकॉर्ड किए गए। 15 फरवरी से 26 फरवरी तक एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब संख्या एक करोड़ से कम रही हो। 

  • पीएम और राष्ट्रपति ने भी लगाई डुबकी

महाकुम्भ (Maha Kumbh) में आम हो या खास हर किसी ने डुबकी लगाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस महाआयोजन में पवित्र स्नान करने के लिए पहुंचीं।

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी यहां पहुंचकर पावन स्नान किया। इनके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, गवर्नर, केंद्रीय मंत्रियों, विधानसभा के सभापति, एलजी और राज्य मंत्रियों ने भी संगम में पहुंचकर डुबकी लगाई। 

  • यूपी और राजस्थान मंत्रिमंडल की बैठकें भी हुईं संपन्न

इस महाकुम्भ (Maha Kumbh) में उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों की मंत्रिमंडल की बैठकें भी संपन्न की गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रि परिषद की बैठक में यूपी के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक के बाद सीएम योगी की अगुवाई में सभी मंत्रियों ने संगम में डुबकी भी लगाई। इसी तरह राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अगुवाई में मंत्रिपरिषद ने स्नान करने के बाद बैठक आयोजित की थी। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री अपने समूचे मंत्रिमंडल के साथ यहां स्नान करने पहुंचे।  

  • स्नान करने में विपक्षी भी नहीं रहे पीछे

सिर्फ सत्ता पक्ष ही नहीं, बल्कि विपक्ष के नेता भी संगम स्नान करने से नहीं चूके। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पूरे दल बल के साथ यहां स्नान करने आए तो प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने भी शुरुआत में ही संगम स्नान कर पुण्य प्राप्त किया।इसके अतिरिक्त हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू परिवार समेत यहां पहुंचे, जबकि दिग्विजय सिंह, सचिन पायलट, अभिषेक मनु सिंघवी, राजीव शुक्ला, धर्मेंद्र यादव के अतिरिक्त पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के विधायक, सांसद और पार्टी अध्यक्ष ने भी यहां स्नान किया और व्यवस्थाओं की तारीफ की। 

  • बॉलीवुड सितारों का भी लगा मेला

बॉलीवुड सितारों ने भी यहां आकर संगम स्नान कर सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। अक्षय कुमार, विक्की कौशल, कट्रीना कैफ, पंकज त्रिपाठी, राजकुमार राव, ईशा गुप्ता, रवीना टंडन, विवेक ओबेराय, अनुपम खेर, हेमामालिनी, रवि किशन, तमन्ना भाटिया और सोनाली बेंद्रे समेत तमाम दिग्गज कलाकार यहां पहुंचे। अभिनेताओं के साथ-साथ बॉलीवुड से जुड़े अन्य आर्टिस्ट जिनमें रेमो डिसूजा, शान, कैलाश खेर, शेखर सुमन और उदित नारायण ने भी यहां उपस्थिति दर्ज कराई। 

  • शीर्ष उद्योगपति भी हुए शामिल

नेताओं, कलाकारों के साथ-साथ देश के शीर्ष उद्योगपतियों ने भी यहां अपनी आस्था प्रकट की और पूरी श्रद्धा से संगम में स्नान किया। इनमें देश के शीर्ष उद्योगपति मुकेश अंबानी अपनी पूरी फैमिली के साथ यहां स्नान करने पहुंचे।इसके अलावा गौतम अडानी ने भी परिवार समेत श्रद्धा सुमन अर्पित किए। अनिल अंबानी, ओला के मालिक भाविश अग्रवाल, लक्ष्मी मित्तल, आनंद पीरामल और अशोक हिंदुजा भी अपने परिवार समेत यहां आए।  

  • खेल और खिलाड़ियों का भी लगा जमघट

विभिन्न खेलों के बड़े नाम भी महाकुम्भ (Maha Kumbh) का हिस्सा बने। सुनील गावस्कर, सुरेश रैना, खली, साइना नेहवाल, बाइचुंग भूटिया, अनिल कुंबले, आरपी सिंह और ईशांत शर्मा ने न सिर्फ संगम में पावन डुबकी लगाई, बल्कि यहां आकर साधु संतों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। 


  • डिजिटल महाकुम्भ (Maha Kumbh) रहा आकर्षण का केंद्र

इस बार महाकुम्भ (Maha Kumbh) का सबसे प्रमुख आकर्षण डिजिटल महाकुम्भ (Maha Kumbh) रहा। पहली बार महाकुम्भ (Maha Kumbh) की वेबसाइट के साथ-साथ एप को भी लांच किया गया।इसके अलावा, एआई चैटबॉट के माध्यम से लोगों को महाकुम्भ (Maha Kumbh) के बारे में जानने और भ्रमण की सुविधा प्रदान की गई। गूगल के साथ पहली बार नेवीगेशन को लेकर एमओयू किया गया। डिजिटल खोया पाया केंद्र के माध्यम से हजारों लोगों को उनके परिजनों से मिलाने में सफलता मिली। 

  • 45 दिन में 10 बार महाकुम्भ (Maha Kumbh) पहुंचे सीएम योगी

सीएम योगी ने महाकुम्भ (Maha Kumbh) की लगातार मॉनीटरिंग की। लखनऊ हो या गोरखपुर, सीएम योगी परस्पर महाकुम्भ (Maha Kumbh) की व्यवस्थाओं पर पैनी नजर रखे रहे। वहीं, 45 दिनों के इस आयोजन में उन्होंने स्वयं 10 बार यहां आकर भौतिक निरीक्षण कर जमीनी हकीकत को भी समझा और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। यही नहीं, आवश्यकता पड़ने पर सीएम योगी ने लखनऊ से भी अपने आला अधिकारियों को भेजकर स्थितियों का आंकलन किया। सीएम के दौरे की सबसे महत्वपूर्ण बात ये रही कि उन्होंने सभी अखाड़ों, दंडीबाड़ा, प्रयागवाल, खाकचौक का दौरा किया। इसके साथ ही वह हर वर्ग, जाति के साधु संतों से मिले और उनका सम्मान किया।

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