Lucknow: एमएसएमई सेक्टर बनेगा विकसित उत्तर प्रदेश की आर्थिक रीढ़: भूपेन्द्र चौधरी
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत विधानसभा
- एमएसएमई सेक्टर बनेगा विकसित उत्तर प्रदेश का मजबूत आधार: मंत्री भूपेन्द्र चौधरी
- 96 लाख एमएसएमई इकाइयों से 3 करोड़ लोगों को रोजगार, निर्यात में 46% योगदान
- उद्यम स्थापना से निर्यात तक हर स्तर पर मिलेगा सहयोग: मंत्री भूपेन्द्र चौधरी
- युवा स्वरोजगार और विश्वकर्मा योजना से कारीगरों को मिलेगा नया संबल
- निजी औद्योगिक पार्क और तकनीकी उन्नयन से एमएसएमई को मिलेगी नई रफ्तार
लखनऊ: प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत विधानसभा सभागार कक्ष संख्या-80 में विभागीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश को विकसित राज्य बनाने में एमएसएमई सेक्टर की भूमिका को और सशक्त बनाया जाए। इस अवसर पर राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा भी उपस्थित रहे।
मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश में उद्यमियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्यम स्थापना से लेकर उत्पादन, विपणन और निर्यात तक प्रत्येक स्तर पर उद्यमियों को समुचित सहयोग उपलब्ध कराया जाए, जिससे निवेश और रोजगार के अवसरों में निरंतर वृद्धि हो।
बैठक में विभागीय प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार प्राप्त हो रहा है। साथ ही, प्रदेश के कुल निर्यात में एमएसएमई क्षेत्र का योगदान लगभग 46 प्रतिशत है, जो इसकी आर्थिक महत्ता को दर्शाता है।
मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विभाग की योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से युवाओं एवं पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाया जाए। साथ ही अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं से जोड़ा जाए।
उन्होंने ‘मुख्यमंत्री सूक्ष्म उद्यम दुर्घटना बीमा योजना’ एवं ‘उत्तर प्रदेश सूक्ष्म लघु उद्योग तकनीकी उन्नयन योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि उद्यमियों को सुरक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से भी सशक्त किया जाए। इसके अतिरिक्त प्रदेश में निजी औद्योगिक पार्कों की स्थापना तथा सभी जिला उद्योग केंद्रों के आधुनिकीकरण के निर्देश भी दिए गए।
मंत्री चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि एमएसएमई सेक्टर प्रदेश को देश के अग्रणी और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा इसके माध्यम से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बैठक में प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील , विशेष सचिव शिशिर, आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के. विजेंद्र पांडियन तथा विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे |
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