नीतू सिंह का SSC प्रदर्शन में भावुक बयान: 'थाने में जितने SI थे, मुझसे पढ़े थे, नजरें नहीं मिला पा रहे थे'। 

Delhi News: दिल्ली के नजफगढ़ थाने में हाल ही में हुए एक घटनाक्रम ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षा प्रक्रिया ....

Aug 4, 2025 - 16:12
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नीतू सिंह का SSC प्रदर्शन में भावुक बयान: 'थाने में जितने SI थे, मुझसे पढ़े थे, नजरें नहीं मिला पा रहे थे'। 
नीतू सिंह का SSC प्रदर्शन में भावुक बयान: 'थाने में जितने SI थे, मुझसे पढ़े थे, नजरें नहीं मिला पा रहे थे'। 

दिल्ली के नजफगढ़ थाने में हाल ही में हुए एक घटनाक्रम ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रही जानी-मानी शिक्षिका नीतू सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया था। हिरासत के दौरान नीतू सिंह ने मीडिया से बात करते हुए एक भावुक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा, "जिस थाने में मुझे रखा गया, वहां जितने भी सब-इंस्पेक्टर (SI) थे, वे सभी मुझसे पढ़े हुए थे। वे मुझसे नजरें नहीं मिला पा रहे थे, क्योंकि उन्हें समझ आ रहा था कि मेरे साथ क्या हो रहा है।"

नीतू सिंह एक प्रसिद्ध शिक्षिका हैं, जो दिल्ली के मुखर्जी नगर में KD कैंपस और KD लाइव नामक कोचिंग संस्थानों की संस्थापक हैं। झारखंड के धनबाद की रहने वाली नीतू सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय से LLB की डिग्री हासिल की है। बचपन में अपने पिता को खोने के बावजूद, उनकी मां के समर्थन और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम हासिल किया। आज उनके कोचिंग संस्थान में लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, और उनके यूट्यूब चैनल पर भी लाखों की संख्या में सब्सक्राइबर हैं। नीतू सिंह अपनी अंग्रेजी पढ़ाने की अनोखी शैली और छात्रों के प्रति समर्पण के लिए जानी जाती हैं।

  • SSC प्रदर्शन और नीतू सिंह की भूमिका

31 जुलाई 2025 को दिल्ली में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षा प्रक्रिया में कथित कुप्रबंधन और अनियमितताओं के खिलाफ हजारों छात्रों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन "दिल्ली चलो" आंदोलन का हिस्सा था, जिसमें छात्रों के साथ-साथ कई शिक्षक भी शामिल हुए। नीतू सिंह, राकेश सर, अभिनव सर, और आदित्य सर जैसे मशहूर शिक्षक इस प्रदर्शन में अपने छात्रों के साथ शामिल थे। छात्रों की मुख्य मांग थी कि SSC की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाई जाए, तकनीकी खामियों को दूर किया जाए, और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

छात्रों का कहना था कि SSC फेज-13 सिलेक्शन पोस्ट परीक्षा (24 जुलाई से 1 अगस्त 2025) में कई समस्याएं सामने आईं। इनमें अंतिम समय में परीक्षाएं रद्द होना, परीक्षा केंद्रों पर खराब व्यवस्था, और कुछ जगहों पर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार शामिल था। नीतू सिंह ने इस प्रदर्शन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और छात्रों की मांगों को बुलंद करने के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

  • पुलिस कार्रवाई और हिरासत

31 जुलाई 2025 को दिल्ली के DoPT कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और शिक्षकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया। नीतू सिंह सहित कई शिक्षकों को नजफगढ़ और बवाना थानों में ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। एक छात्र ने कहा, "हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमारे शिक्षक संजीव सर का हाथ तोड़ दिया और नीतू मैम को घसीटते हुए ले जाया गया।"

नीतू सिंह ने हिरासत में अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, "पुलिस ने हमें एक डीटीसी बस में बैठाकर कई घंटों तक दिल्ली में घुमाया। हमें यह भी नहीं बताया गया कि हमें कहां ले जाया जा रहा है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें और अन्य शिक्षकों के साथ मारपीट की। एक वीडियो में नीतू सिंह ने कहा, "पुलिस अचानक आई और थप्पड़ मारने लगी।"

नजफगढ़ थाने में हिरासत के दौरान नीतू सिंह ने देखा कि वहां मौजूद कई सब-इंस्पेक्टर उनके छात्र रह चुके थे। उन्होंने कहा, "थाने में जितने SI थे, वे सभी मुझसे पढ़े हुए थे। वे मुझसे नजरें नहीं मिला पा रहे थे, क्योंकि उन्हें समझ आ रहा था कि मेरे साथ क्या हो रहा है।" नीतू सिंह ने हालांकि इन पुलिस अधिकारियों को दोषी नहीं ठहराया और कहा कि वे अपनी नौकरी के कारण मजबूर थे।

प्रदर्शनकारी छात्रों और शिक्षकों की मांगें साफ थीं। नीतू सिंह ने कहा, "हम तीन चीजों के लिए लड़ रहे हैं: पहला, परीक्षा प्रणाली निष्पक्ष और पारदर्शी हो। दूसरा, प्रश्नपत्रों में कोई अनियमितता या गलती न हो। तीसरा, परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं जैसे पानी, बिजली, और बैठने की व्यवस्था हो, ताकि छात्रों को परेशानी न उठानी पड़े।"

छात्रों का कहना था कि SSC की परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार होने वाली गड़बड़ियां उनके भविष्य को खतरे में डाल रही हैं। कई छात्रों ने अपनी मेहनत और समय का हवाला देते हुए कहा कि वे महीनों, बल्कि सालों तक इन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन खराब प्रबंधन और तकनीकी खामियों के कारण उनकी मेहनत बेकार चली जाती है। नीतू सिंह ने भी कहा कि यह आंदोलन केवल एक विरोध नहीं, बल्कि सुधार की लड़ाई है।

DoPT कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और शिक्षकों के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस ने शिक्षकों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए कहा, लेकिन नीतू सिंह और अन्य शिक्षकों ने इसे खारिज करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर एक साल तक बैठने से भी कोई फायदा नहीं होगा। प्रदर्शनकारियों ने "टीचर का सम्मान करो" जैसे नारे लगाए। एक शिक्षक ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बाथरूम तक जाने की इजाजत नहीं दी गई, जबकि बस में कई महिला शिक्षक भी थीं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान भी पुलिस ने सख्ती दिखाई। शाम पांच बजे के बाद प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने का हवाला देकर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की। लेकिन छात्र और शिक्षक अपनी मांगों पर अड़े रहे।

  • नीतू सिंह का संदेश

नीतू सिंह ने अपने छात्रों से इस आंदोलन को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह केवल SSC की गड़बड़ियों का मामला नहीं है, बल्कि यह लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है। उन्होंने सरकार और SSC से मांग की कि वे एक ऐसी परीक्षा प्रणाली बनाएं, जो निष्पक्ष, पारदर्शी, और तकनीकी रूप से मजबूत हो। नीतू सिंह ने यह भी कहा कि वे और उनके साथी शिक्षक तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

नीतू सिंह का यह बयान और SSC प्रदर्शन की घटना न केवल एक शिक्षिका की भावनाओं को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे शिक्षक और छात्र मिलकर अपने हक के लिए लड़ रहे हैं। नजफगढ़ थाने में हिरासत के दौरान नीतू सिंह का अपने पूर्व छात्रों से सामना एक मार्मिक क्षण था, जो यह दर्शाता है कि शिक्षा का प्रभाव कितना गहरा होता है।

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