Sambhal: सम्भल में नई पुलिस चौकी का उद्घाटन, 24 नवंबर हिंसा में प्रयोग हुई ईंटों से बनी दो मंज़िला चौकी तैयार।
दीपा सराय मोहल्ले में शुक्रवार को नई पुलिस चौकी का विधि-विधान पूर्वक उद्घाटन किया गया। यह चौकी विशेष रूप से इसलिए चर्चा में है क्योंकि
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: दीपा सराय मोहल्ले में शुक्रवार को नई पुलिस चौकी का विधि-विधान पूर्वक उद्घाटन किया गया। यह चौकी विशेष रूप से इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसे 24 नवंबर 2024 की हिंसा के दौरान प्रयुक्त हुई ईंटों से बनाया गया है। यह चौकी सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर बनाई गई है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। चौकी की नींव 4 मार्च 2025 को मुस्लिम किया इनाया के हाथों रखी गई थी और महज़ नौ महीने 13 दिनों में यह पूरी तरह तैयार होकर खड़ी हो गई है।
कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी सम्भल
उद्घाटन कार्यक्रम जुमे की नमाज़ के बाद मुस्लिम बच्ची जुनैरा के हाथों से डीएम एसपी द्वारा कराया गया। इस अवसर पर बहजोई के लक्ष्मी नारायण मंदिर के आचार्यों ने मां दुर्गा सप्तमी का पाठ कर पूजा-अर्चना की, जिसके बाद क्षेत्र में सौहार्द और सुरक्षा का संदेश दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवानों की भारी तैनाती की गई थी, जिससे पूरा माहौल शांतिपूर्ण और सुरक्षित बना रहा।
नई पुलिस चौकी उन घरों से भी लगभग 100 मीटर की दूरी पर है, जिन पर 24 नवंबर की घटना के मास्टरमाइंड बताए जा रहे शारिक साठा (जो अब भी फरार है), लाहौर जेल में बंद विदेशी हथियार तस्करी में पकड़ा गया गुलाम उस्मान सहित अन्य अभियुक्तों के निवास होने का आरोप है। इन विवादित और संवेदनशील स्थानों के निकट चौकी की स्थापना को कानून-व्यवस्था की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
दो मंज़िला इस अत्याधुनिक चौकी में दरोगा सहित नौ पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे रिकॉर्ड रूम और पुलिस कर्मियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। चौकी से पूरे इलाके की 24×7 निगरानी की जाएगी, जो किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उद्घाटन कार्यक्रम में डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया, एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई, एएसपी कुलदीप सिंह समेत कई न्यायिक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस चौकी को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने वाला कदम बताते हुए कहा कि हिस्ट्रीशीटरों और संवेदनशील तत्वों की उपस्थिति वाले इस इलाके में यह चौकी सुरक्षा ढांचे को मजबूत करेगी।
बताते चले कि नई चौकी न केवल सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय लोगों में भरोसा भी पैदा करेगी। 24 नवंबर की हिंसा के बाद से इस क्षेत्र में लगातार पुलिस की गतिविधियाँ बढ़ी हैं और नई चौकी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
नई चौकी के निर्माण में उन ईंटों का उपयोग विशेष रूप से किया गया है, जो सम्भल हिंसा के दौरान बरामद हुई थीं। प्रतीकात्मक रूप से यह कदम संदेश देता है कि हिंसा और अराजकता में प्रयुक्त वस्तुएँ अब शांति व सुरक्षा स्थापित करने के साधन बन चुकी हैं। यह चौकी सम्भल में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।
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