ग्रेटर नोएडा सेक्टर 36 बेसमेंट में कथित धर्मांतरण प्रार्थना सभा पर पुलिस कार्रवाई, 4 लोग हिरासत में।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 36 में एक मकान के बेसमेंट में चल रही प्रार्थना सभा के दौरान कथित रूप से धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया
- ग्रेटर नोएडा में ईसाई प्रार्थना सभा पर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने 4 को हिरासत में लिया
- सेक्टर 36 ग्रेटर नोएडा में बेसमेंट प्रार्थना सभा में मतांतरण का आरोप, पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार लोगों को हिरासत में लिया
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 36 में एक मकान के बेसमेंट में चल रही प्रार्थना सभा के दौरान कथित रूप से धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया। यह घटना रविवार को हुई जब स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों से जुड़े व्यक्तियों को सूचना मिली कि बीटा 2 थाना क्षेत्र के सेक्टर 36 स्थित एक मकान में ईसाई धर्म से जुड़ी प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही है जिसमें लोगों को ईसाई बनाए जाने का प्रयास हो रहा है। सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के लोग मौके पर पहुंचे और हंगामा किया। हंगामे के दौरान कुछ लोग भागने लगे। पुलिस को सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने प्रार्थना सभा से दो महिलाओं और दो पुरुषों समेत कुल चार लोगों को हिरासत में लिया। मामले की जांच जारी है।
घटना बीटा 2 थाना क्षेत्र के सेक्टर 36 में मकान संख्या बी-224 में घटी। यह दो मंजिला मकान है और बेसमेंट में प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा था। प्रार्थना सभा में करीब 70 लोग मौजूद थे। आरोप है कि गरीब परिवारों और बीमार लोगों को रुपये देने, रोग मुक्त करने और अन्य लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाया जा रहा था। यह गतिविधि पिछले कुछ वर्षों से चल रही बताई जा रही है। स्थानीय निवासी मोहन सिंह को इसकी जानकारी हुई कि मकान में ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना सभाओं में रुपए आदि का लालच देकर मतांतरण के लिए उकसाया जाता है।
घटना ग्रेटर नोएडा सेक्टर 36 बी ब्लॉक मकान संख्या बी-224 के बेसमेंट में हुई। मकान दो मंजिला है। प्रार्थना सभा रविवार को दोपहर में चल रही थी। करीब 70 लोग मौजूद थे। पुलिस ने बेसमेंट से ईसाई धर्म से संबंधित पुस्तकें, क्रॉस, मोमबत्तियां और अन्य धार्मिक सामग्री बरामद की।
हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों के मौके पर पहुंचने और हंगामा करने के बाद कुछ लोग भागने लगे। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। पुलिस ने प्रार्थना सभा में मौजूद चार लोगों को हिरासत में लिया। इनमें दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। हिरासत में लिए गए लोगों में टैक्सी चालक सुरेश, उसकी पत्नी, साली और एक अन्य व्यक्ति चंद करन शामिल हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है कि प्रार्थना सभा का आयोजन किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
पुलिस ने मौके से ईसाई धर्म से जुड़ी बड़ी मात्रा में धार्मिक सामग्री जब्त की। इसमें धार्मिक पाठ्य पुस्तकें, क्रॉस के चिह्न, मोमबत्तियां और अन्य सामान शामिल हैं। आरोप है कि प्रार्थना सभा का आयोजन बिना अनुमति के किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और जांच शुरू की। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यहां गरीबों और बीमारों को लालच देकर मतांतरण कराया जा रहा था।
हिरासत में लिए गए लोग
पुलिस ने दो महिलाओं और दो पुरुषों को हिरासत में लिया। इनमें टैक्सी चालक सुरेश, उसकी पत्नी, साली और चंद करन शामिल हैं। हिरासत में लिए गए एक युवक की पत्नी और साली भी हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है।
प्रार्थना सभा के दौरान हंगामा होने पर पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक कुछ लोग भाग चुके थे। पुलिस ने बेसमेंट में मौजूद लोगों को नियंत्रित किया और चार लोगों को हिरासत में लिया। जांच में पता चला कि प्रार्थना सभा टैक्सी चालक सुरेश द्वारा आयोजित की जा रही थी। उसके साथ उसकी पत्नी, साली और चंद करन मौजूद थे। पुलिस ने इनकी पहचान की और हिरासत में लिया।
घटना की सूचना स्थानीय लोगों को मिली कि बेसमेंट में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होकर धर्म परिवर्तन से जुड़ी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। हिंदू संगठनों के लोग पहुंचे और हंगामा किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया। जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस कार्रवाई का विवरण
पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। हंगामे के दौरान कुछ लोग भागे। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया। मौके से धार्मिक सामग्री बरामद की गई। जांच में मतांतरण के प्रयास की पुष्टि की जा रही है।
यह मामला बीटा 2 कोतवाली पुलिस के क्षेत्र में आता है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रार्थना सभा ईसाई धर्म से जुड़ी थी। पुलिस जांच कर रही है कि क्या यहां मतांतरण के लिए लालच दिया जा रहा था। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है।
घटना रविवार दोपहर में हुई। प्रार्थना सभा चल रही थी जब हंगामा हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान और तथ्य सामने आ सकते हैं।
आरोपों का आधार
आरोप है कि गरीब परिवारों को रुपए और बीमारी ठीक करने का झांसा देकर ईसाई धर्म में मतांतरण के लिए उकसाया जा रहा था। प्रार्थना सभा में लोग इकट्ठा किए जा रहे थे। यह गतिविधि पिछले वर्षों से चल रही बताई जा रही है।
पुलिस ने मौके से बरामद सामग्री का जायजा लिया। ईसाई धर्म से संबंधित पुस्तकें और अन्य चीजें जब्त की गईं। हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान की गई। जांच में शामिल सभी पक्षों से पूछताछ हो रही है।
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