Hardoi News: सत्य से पराजित होकर चूर-चूर हुआ रावण का दंभ, जलकर खाक हो गया दशानन।
पिहानी रामलीला मैदान में बुराई के प्रतीक रावण का दंभ आखिरकार चूर-चूर हो गया। दशानन जलकर राख हो गया।रामलीला मैदान पर मर्यादा....
नवनीत कुमार राम जी
पिहानी \ हरदोई। पिहानी रामलीला मैदान में बुराई के प्रतीक रावण का दंभ आखिरकार चूर-चूर हो गया। दशानन जलकर राख हो गया।रामलीला मैदान पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और लंकाधिपति रावण की सेनाओं के बीच युद्ध की लीला का मंचन किया गया। मेघनाद और कुंभकरण के मारे जाने के बाद रावण स्वयं युद्ध क्षेत्र में पहुंचता है। श्रीराम और रावण के बीच काफी देर तक युद्ध होता रहा। श्रीराम ने अपने वाणों के प्रहार से रावण का वध कर दिया। रावण वध की लीला के उपरांत मैदान पर खड़े किए गए 35 फीट पुतले दहन किया गया। सुरक्षा की दृष्टिकोण से प्रभारी निरीक्षक ट्रेनी सीओ प्रवीण कुमार यादव पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
सोमवार की सायं रामलीला मैदान पर मंचन देखने के लिए सैकड़ो लोग जुटे। मैदान पर राम और रावण की सेनाओं के स्वरूप में रामलीला के कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय किया। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम से रावण का मायावी युद्ध शुरू हो जाता है। तब श्रीराम ने अपने वाण से रावण की मायावी शक्ति को नष्ट कर दिया। साथ ही अपने तीक्ष्ण वाणों से रावण की सेना का संहार कर दिया, इसके उपरांत राम और रावण के बीच फिर सीधा युद्ध होने लगता है।
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श्रीराम अपने वाणों से रावण के 10 सिर और 20 भुजाएं काट देते हैं लेकिन पुन: जुड़ गए। तब विभीषण श्रीराम को बताते हैं कि रावण की नाभि में अमृत कुंड है। इसी कारण यह मृत्यु को प्राप्त नहीं होता। इसके बाद श्रीराम ने शरणागत विभीषण को पीछे कर रावण पर वाणों की बौछार कर दी। एक वाण उसकी नाभि में लगता है तो रावण कटे वृक्ष के समान भूमि पर गिर पड़ता है। देवता श्रीराम की जय जयकार करने लगते हैं। आतिशबाजी के बीच श्रीराम की जय जयकार का उद्घोष दर्शक करने लगे।
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