सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग में आ रही क्रांति, आईआईएम लखनऊ के साथ मिलकर कर्मचारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण।
MSME से सशक्त हो रहा उत्तर प्रदेश, योगी सरकार की योजनाओं से छोटे उद्योगों को मिल रही नई रफ्तार, नीति आयोग की WEP के साथ मिलकर UPICON 100 महिला....
- इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के साथ योगी सरकार ने की महत्वपूर्ण साझेदारी
- टेक्सटाइल सेक्टर में नए कारीगरों को सशक्त करने के लिए शॉर्ट-टर्म समर प्रोग्राम की शुरुआत
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए चौतरफा प्रयास किए जा रहे हैं। जहां एक ओर नवोदित उद्यमियों के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना (CM YUVA) संचालित की जा रही है, वहीं पुराने MSME इकाइयों को RAMP योजना के माध्यम से फिर से गति दी जा रही है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में यूपी स्मॉल इंडस्ट्रीज कारपोरेशन, उद्यमिता विकास संस्थान, उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (UPICON), यूपीआईडीआर जैसी संस्थाएं आपस में समन्वय बनाकर कर जमीनी स्तर पर बेहतरीन कार्य कर रही हैं। ये संस्थाएं उत्तर प्रदेश के एमएसएमई का मजबूत आधारस्तंभ के रूप में सामने आई हैं।
- एमएसएमई 1-कनेक्ट पोर्टल से उद्यमियों के मिल रही मदद
यूपी स्मॉल इंडस्ट्रीज कारपोरेशन (UPSIC) के साथ एमएसएमई 1-कनेक्ट पोर्टल की शुरुआत उद्यमियों के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रहा है। यह पोर्टल उद्यमियों को अपनी समस्याओं को सीधे कनेक्ट कॉल सेंटर पर फोन या ईमेल के जरिए दर्ज करने और त्वरित समाधान प्राप्त करने की सुविधा प्रदान कर रहा है। पोर्टल के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी, ऋण सुविधा और तकनीकी सहायता आसानी से उपलब्ध हो रही है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में इस डिजिटल मंच ने पारदर्शिता और पहुंच को बढ़ावा दिया है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उद्यमी लाभान्वित हो रहे हैं।
- UPICON 100 महिला उद्यमियों को WEP तहत करेगा मदद
उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (UPICON) ने नीति आयोग के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत 100 महिला उद्यमियों को वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म (WEP) के तहत Women Entrepreneur Award Programme पहल के लिए सहायता दी जाएगी। यह कदम महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगा।
- आईआईएम लखनऊ के साथ मिलकर कर्मचारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित उद्यमिता विकास संस्थान (IEDUP) विभाग के कर्मचारियों के लिए क्षमता विकास की नई शुरुआत हुई है। भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ के साथ टाईअप कर जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस पहल के माध्यम से विभाग के कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकों और प्रबंधन कौशल से लैस किया जा रहा है, ताकि वे एमएसएमई क्षेत्र में बेहतर सहायता प्रदान कर सकें। प्रशिक्षण में डिजिटल उपकरणों का उपयोग, नीति कार्यान्वयन और उद्यमिता प्रोत्साहन भी शामिल हैं।
- इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के साथ योगी सरकार ने की महत्वपूर्ण साझेदारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की है। इस टाईअप के तहत पैकेजिंग कार्य की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। नई तकनीकों और प्रशिक्षण के जरिए पैकेजिंग की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार होगा। यह कदम योगी सरकार की औद्योगिक विकास नीति का हिस्सा है, जो छोटे उद्योगों को आधुनिक बनाने और निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है।
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- टेक्सटाइल सेक्टर में नए कारीगरों को सशक्त करने के लिए शॉर्ट-टर्म समर प्रोग्राम की शुरुआत
लखनऊ के उत्तर प्रदेश डिजाइन एंव शोध संस्थान (यूपीआईडीआर) ने टेक्सटाइल सेक्टर में नए कारीगरों को सशक्त करने के लिए शॉर्ट-टर्म समर प्रोग्राम शुरू किए हैं। इन कोर्सेज में स्टाइलिंग, ग्राफिक डिजाइन और पैटर्न मेकिंग जैसे विषय शामिल हैं, जो युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस करेंगे। यह पहल टेक्सटाइल उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योगी सरकार की औद्योगिक विकास नीति के तहत यह कदम स्थानीय कारीगरों को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मददगार साबित होगा।
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