Saharanpur : सहारनपुर में नशाखोरी का जाल- युवा पीढ़ी फंस रही, परिवार टूट रहे

एक परिवार का बेटा या युवक नशे में फंसने पर घर का माहौल जहर बन जाता है। मां-बाप मानसिक और भावनात्मक रूप से टूट जाते हैं। पत्नियां मजबूरी में पति को छोड़कर

By INA News Desk
Oct 10, 2025 - 22:16
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Saharanpur : सहारनपुर में नशाखोरी का जाल- युवा पीढ़ी फंस रही, परिवार टूट रहे
सहारनपुर में नशाखोरी का जाल- युवा पीढ़ी फंस रही, परिवार टूट रहे

सहारनपुर के कस्बों, गांवों और शहरों की गलियों-मोहल्लों में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है। एक समय पंजाब को नशाखोरी के कारण उड़ता पंजाब कहा जाता था, लेकिन अब सहारनपुर भी इसी खतरे की चपेट में है। तस्कर बेखौफ होकर स्मैक, गांजा, डोडा और अन्य नशीले पदार्थ बेच रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है, लेकिन बिक्री पर लगाम नहीं लग पा रही।

जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज और कई एनजीओ नशा मुक्ति केंद्र चला रहे हैं, लेकिन नशाखोरी रुकने का नाम नहीं ले रही। ग्रामीण और शहरी इलाकों में यह समस्या भयानक रूप ले चुकी है। सूत्रों के अनुसार, गलियों में स्मैक और अन्य नशीले पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं। तस्कर युवाओं को इस अंधेरे में धकेल रहे हैं, जिससे कई नौजवान अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। नशे की लत न केवल व्यक्तिगत भविष्य नष्ट कर रही, बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर रही है।

एक परिवार का बेटा या युवक नशे में फंसने पर घर का माहौल जहर बन जाता है। मां-बाप मानसिक और भावनात्मक रूप से टूट जाते हैं। पत्नियां मजबूरी में पति को छोड़कर मायके चली जाती हैं। बच्चे असुरक्षा और तनाव में पढ़ाई और भविष्य खो देते हैं। कई घरों में तलाक की नौबत आ चुकी है और परिवार बिखरने की कगार पर हैं।

सहारनपुर डीआईजी ने ऑपरेशन सवेरा चलाया है, जो नशे के अंधेरे से युवाओं को जीवन के उजाले की ओर ले जाने का प्रयास है। इस अभियान में कई तस्कर गिरफ्तार हो चुके हैं और छापेमारी जारी है। अगस्त 2025 में शुरू हुए इस अभियान में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में नशा माफिया पर नकेल कसी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।

फिर भी तस्कर लालच और मोटे मुनाफे के चक्कर में धंधा चला रहे हैं। वे घर उजाड़ रहे हैं और समाज में भय व अव्यवस्था फैला रहे हैं। नानौता क्षेत्र में पुलिस की शिथिलता से भांग, गांजा, डोडा और स्मैक की बिक्री हो रही है। प्रतिबंधित दवाएं मेडिकल स्टोर्स पर आसानी से मिल रही हैं।

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