करगिल युद्ध के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय जांबाज शहीदों को नमन- संजय राय 

Hardoi News: भारतीय जनता पार्टी द्वारा राष्ट्रीय, प्रदेश व क्षेत्रीय नेतृत्व के आह्वान पर करगिल विजय दिवस की 26वीं बरसी पर ....

By INA News Desk
Jul 26, 2025 - 19:35
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करगिल युद्ध के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय जांबाज शहीदों को नमन- संजय राय 
करगिल युद्ध के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय जांबाज शहीदों को नमन- संजय राय 
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रिपोर्ट- अम्बरीष कुमार सक्सेना

Hardoi News: भारतीय जनता पार्टी द्वारा राष्ट्रीय, प्रदेश व क्षेत्रीय नेतृत्व के आह्वान पर करगिल विजय दिवस की 26वीं बरसी पर शनिवार को जिला मुख्यालय पहुंचे मुख्य अतिथि अवध क्षेत्र अध्यक्ष संजय राय की उपस्थिति में कारगिल युद्ध में शहीद हुए देश के बलिदानियों को श्रद्धाजंलि दी गई एवं पूर्व सैनिकों को माल्यार्पण एवं अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया। 

जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में संजय राय ने कहा कि भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच 1999 में कारगिल युद्ध हुआ था, जो लगभग 60 दिनों तक चला था। कहा कि 26 जुलाई के दिन उस युद्ध का अंत हुआ जिसमें भारतीय थल सेना और वायु सेना के जाबांज जवानों ने पाकिस्तान की कायर फौज के मंसूबों पर पानी फेर जीत को गले लगाया।

कहा कि जो देश अपने वीरों के शौर्य और बलिदान को याद रखता है। शत्रु उससे सदैव भयभीत रहता है। उन्होंने कहा कि सेना के साहस व पराक्रम की शौर्य गाथा के माध्यम से भावी पीढ़ी में देशभक्ति का संचार होता है। उन्होंने करगिल युद्ध के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय जांबाज शहीदों को नमन किया।

कहा कि हमारे पडोसी देश पाकिस्तान ने शांति प्रक्रिया बहाली में हमारे साथ विश्वास घात किया। लेकिन, हमारे जांबाज अधिकारी और जवानों ने विपरीत स्थिति में दुश्मन को करारा जवाब दिया था। भारत की सशस्त्र सेनाएं अपनी व्यावसायिकता, समर्पण, प्रतिबद्धता और देशभक्ति के लिए दुनिया भर में जानी जाती हैं। भारतीय सेना कई देशों में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना का हिस्सा हैं। जब भी देश प्राकृतिक या मानव निर्मित किसी भी आपदा का सामना करता है तो हमारे सशस्त्र बल सबसे आगे होते हैं।

कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना का मनोबल बढ़ा है। सेना को नवीन तकनीक के नवीनतम हथियार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने उन्नत स्वदेशी तकनीक, ड्रोन लड़ाकू विमान और हथियारों से दुश्मन देश में बैठे आतंकियों को जहन्नुम पहुंचने का काम किया। कहा कि प्रधानमंत्री ने सेना की विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम की है और स्वदेशी लड़ाकू विमान तथा हथियारों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया है। अब हम सिर्फ युद्ध का जवाब ही नहीं देते बल्कि घर में घुसकर मारते हैं।

जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने कहा कि कारगिल विजय दिवस सिर्फ एक सैन्य विजय का दिन नहीं है, बल्कि यह दिन भारतीय जनता के लिए देशभक्ति, एकता और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है। इस दिन देशभर में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है। आज देश का युवा कारगिल युद्ध से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा की भावना को अपनाता है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि देश की रक्षा में हमारे वीर जवानों का बलिदान सर्वोपरि है। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस और आत्मबलिदान की अमिट कहानी है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, निष्ठा और कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देती रहेगी।

संचालन आई टी संयोजक सौरभ सिंह ने किया। जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी गण एवं मंडल पदाधिकारी गण मौजूद रहे। संगोष्ठी के पश्चात शहिद उद्यान स्थित अमर जवान स्तंभ पर पुष्पांजलि कर शहीदों को नमन किया। सम्मानित होने वाले पूर्व सैनिकों मे रुद्रदत्त दीक्षित सूबेदार अजीत सिंह हवलदार संजय कुमार पुष्पेंद्र बहादुर सिंह विजय सिंह नीरज कुमार सिंह सर्व दमन सिंह सूबेदार सुशील कुमार सिंह उमेश कुमार साधू सिंह सतीश दीक्षित खेमकरण संतोष दिक्षित अवधेश तिवारी महेंद्र पाल अतुल द्विवेदी योगेंद्र सिंह आरके अवस्थी विनोद कुमार सैनी धीरज दीक्षित राजकुमार गौड़ आनंद मिश्रा महेंद्र पाल सिंह गया प्रसाद अमरनाथ शर्मा देवेश स्वास्थ्य मार्शल सिंह रोहतास सिंह विजय सिंह पटेल अनिल कुमार महेश कुमार सिंह आर स्वास्थ्य राजेंद्र सिंह सोमवंशी वीरपाल सिंह ऋषि राम विमल सिंह पटेल विजय कुमार पटेल पंकज कुमार आदि रहे।

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