सनथ जयसूर्या श्रीलंका क्रिकेट टीम के हेड कोच पद से इस्तीफा देंगे, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड विदेशी कोच की तलाश में जुटा

टी20 विश्व कप 2026 श्रीलंका के लिए घरेलू मैदानों पर आयोजित हुआ था, जिससे टीम पर अतिरिक्त दबाव था। ग्रुप स्टेज में टीम ने मिश्रित प्रदर्शन किया, लेकिन सुपर 8 में चीजें बिगड़ गईं। पाकिस्तान

Mar 1, 2026 - 07:43
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सनथ जयसूर्या श्रीलंका क्रिकेट टीम के हेड कोच पद से इस्तीफा देंगे, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड विदेशी कोच की तलाश में जुटा
सनथ जयसूर्या श्रीलंका क्रिकेट टीम के हेड कोच पद से इस्तीफा देंगे, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड विदेशी कोच की तलाश में जुटा

सनथ जयसूर्या, जो श्रीलंका क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में से एक हैं और पूर्व में विस्फोटक ओपनर के रूप में प्रसिद्ध रहे, अब टीम के हेड कोच के पद से अलग होने का ऐलान कर चुके हैं। यह फैसला आईसीसी पुरुष T20 विश्व कप 2026 के सुपर 8 चरण में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन और अंतिम मैच में पाकिस्तान के खिलाफ संकरे अंतर से मिली हार के तुरंत बाद आया है। जयसूर्या ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि उनका मन बन चुका है और वे इस टूर्नामेंट के बाद कोचिंग की जिम्मेदारी नहीं निभाना चाहते। उन्होंने बताया कि उनका अनुबंध जून 2026 तक वैध है, लेकिन वे इसे आगे बढ़ाने या जारी रखने के इच्छुक नहीं हैं। यह निर्णय टीम के शुरुआती दौर में कुछ अच्छे प्रदर्शनों के बावजूद सुपर 8 में लगातार हार के कारण आया, जहां टीम सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी। जयसूर्या की कोचिंग में टीम ने कुछ मौकों पर मजबूत दिखाई दी थी, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर अपेक्षित सफलता हासिल नहीं हो सकी।

जयसूर्या ने जनवरी में ही संकेत दे दिए थे कि विश्व कप उनके कोचिंग करियर का अंतिम असाइनमेंट होगा, चाहे परिणाम कुछ भी हो। उन्होंने तब कहा था कि टूर्नामेंट के बाद वे पद छोड़ देंगे। हालांकि, इसकी औपचारिक जानकारी श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) को नहीं दी गई थी, जिससे यह घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस में अचानक आई और काफी चर्चा का विषय बनी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपनी कार्यकाल के दौरान किए गए कामों से संतुष्टि जताई और कहा कि वे जल्द ही एसएलसी अधिकारियों से बातचीत करेंगे। यह स्पष्ट है कि इस्तीफा औपचारिक रूप से एसएलसी के साथ चर्चा के बाद ही अंतिम होगा, लेकिन उनका इरादा बिल्कुल साफ है। टीम के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव के बावजूद, जयसूर्या ने खिलाड़ियों के विकास पर जोर दिया था और युवा प्रतिभाओं को मौके दिए थे।

T20 विश्व कप 2026 श्रीलंका के लिए घरेलू मैदानों पर आयोजित हुआ था, जिससे टीम पर अतिरिक्त दबाव था। ग्रुप स्टेज में टीम ने मिश्रित प्रदर्शन किया, लेकिन सुपर 8 में चीजें बिगड़ गईं। पाकिस्तान के खिलाफ पल्लीकेले में खेले गए अंतिम मैच में श्रीलंका को पांच रनों से हार का सामना करना पड़ा, जो उनके अभियान का अंत साबित हुआ। इस हार ने टीम के सेमीफाइनल की उम्मीदों को पूरी तरह समाप्त कर दिया। जयसूर्या ने मैच के बाद स्वीकार किया कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अच्छी लड़ाई लड़ी, लेकिन निर्णायक क्षणों में बेहतर प्रदर्शन की कमी रही। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना की और कहा कि वे टीम के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। यह हार टीम के लिए निराशा का कारण बनी, क्योंकि घरेलू दर्शकों के सामने अच्छा प्रदर्शन करने की अपेक्षा थी।

जयसूर्या की कोचिंग यात्रा 2024 T20 विश्व कप के ठीक बाद शुरू हुई थी, जब वे अंतरिम भूमिका से मुख्य कोच बने। उनके कार्यकाल में टीम ने कुछ द्विपक्षीय सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया और खिलाड़ियों में नई ऊर्जा का संचार किया। पूर्व खिलाड़ी होने के नाते उन्होंने बल्लेबाजी और आक्रामक रणनीति पर विशेष ध्यान दिया, जो उनकी खेल शैली का हिस्सा रही है। हालांकि, बड़े टूर्नामेंट में सफलता न मिलने से सवाल उठे। एसएलसी अब विदेशी कोच की तलाश में है, क्योंकि बोर्ड का मानना है कि नई दिशा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव की जरूरत है। कई विदेशी उम्मीदवारों से बातचीत शुरू हो चुकी है, ताकि टीम को नया कोच जल्द मिल सके।

जयसूर्या के इस्तीफे से श्रीलंका क्रिकेट में एक युग का अंत हो रहा है। एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने 1990 और 2000 के दशक में टीम को कई यादगार जीत दिलाईं, खासकर 1996 विश्व कप में उनकी भूमिका अहम थी। कोच के रूप में उनका कार्यकाल छोटा रहा, लेकिन इसमें उन्होंने टीम को आधुनिक T20 क्रिकेट के अनुरूप ढालने की कोशिश की। टीम के कप्तान और खिलाड़ी उनके योगदान को याद रखेंगे। अब एसएलसी को न केवल नया कोच नियुक्त करना है, बल्कि आगामी सीरीज के लिए अंतरिम व्यवस्था भी करनी होगी। अफगानिस्तान के खिलाफ मार्च में होने वाली T20 और वनडे सीरीज में जयसूर्या की भूमिका पर फैसला होना बाकी है।

एसएलसी ने जयसूर्या के फैसले का सम्मान करने की बात कही है और उनकी सेवाओं के लिए आभार जताया है। बोर्ड का फोकस अब टीम को नई दिशा देने पर है, ताकि भविष्य के टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन हो सके। जयसूर्या के जाने से टीम में बदलाव की प्रक्रिया तेज होगी। खिलाड़ियों को नई कोचिंग स्टाफ के तहत खुद को साबित करना होगा। यह बदलाव श्रीलंका क्रिकेट के लिए एक नया अध्याय शुरू करेगा। जयसूर्या का भविष्य क्या होगा, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है, लेकिन वे क्रिकेट से जुड़े रहने की संभावना रखते हैं। उनका अनुभव श्रीलंका के लिए मूल्यवान रहेगा। फिलहाल, टीम का ध्यान आगामी प्रतिबद्धताओं पर है। यह इस्तीफा क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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