Sant Kabir Nagar : संत कबीर नगर में 8 महीने से मानदेय न मिलने पर मनरेगा कर्मचारियों में गुस्सा, जिला अध्यक्ष ने खोला मोर्चा
जिला अध्यक्ष ने बताया कि ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी ने दिन-रात मेहनत करके जिले के लक्ष्य पूरे किए। एसआईआर
संत कबीर नगर जिले में मनरेगा कर्मचारियों की कई समस्याएं लंबित हैं। पिछले आठ महीने से उनका मानदेय और ईपीएफ का भुगतान नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश मनरेगा कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2025 से मानदेय और ईपीएफ न मिलना विभाग की लापरवाही है। यह कर्मचारियों के जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।
जिला अध्यक्ष ने बताया कि ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी ने दिन-रात मेहनत करके जिले के लक्ष्य पूरे किए। एसआईआर और क्रॉप सर्वे जैसे कामों में भी इनकी बड़ी भूमिका रही। इसके बावजूद प्रशासनिक मद से इनका भुगतान लंबित है। इससे वित्तीय अनियमितता दिखती है। उन्होंने कहा कि दीपावली और अब होली जैसे त्योहार बिना वेतन के बीत रहे हैं। कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे मानसिक तनाव और परिवार पर दबाव बढ़ रहा है।
प्रदीप पांडेय ने चेतावनी दी कि अगर जल्द मानदेय और ईपीएफ का भुगतान नहीं हुआ तो जिले के सभी मनरेगा कर्मचारी काम करने में असमर्थ होंगे। इसकी जिम्मेदारी विभाग पर होगी। संगठन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मामले की जानकारी देने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने मांग की कि संत कबीर नगर समेत अन्य जिलों में मनरेगा कर्मचारियों की फाइलों का तुरंत निपटारा हो ताकि उन्हें बकाया राशि मिल सके।
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