रायबरेली के सलोन से बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट श्याम सुंदर त्रिपाठी ने UGC के नए इक्विटी नियमों के विरोध में दिया इस्तीफा।

रायबरेली के सलोन से बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट श्याम सुंदर त्रिपाठी ने UGC के नए इक्विटी नियमों के विरोध में अपना पद छोड़ दिया है और

Jan 27, 2026 - 16:13
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रायबरेली के सलोन से बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट श्याम सुंदर त्रिपाठी ने UGC के नए इक्विटी नियमों के विरोध में दिया इस्तीफा।
रायबरेली के सलोन से बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट श्याम सुंदर त्रिपाठी ने UGC के नए इक्विटी नियमों के विरोध में दिया इस्तीफा।
  • UGC के विवादास्पद इक्विटी नियमों के खिलाफ बीजेपी किसान मोर्चा नेता श्याम सुंदर त्रिपाठी का पद छोड़ना, गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका
  • बीजेपी में आंतरिक असंतोष का संकेत देते हुए श्याम सुंदर त्रिपाठी ने किसान मोर्चा के पद से इस्तीफा दिया, नीति की कमियों का किया खुलासा

रायबरेली के सलोन से बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट श्याम सुंदर त्रिपाठी ने UGC के नए इक्विटी नियमों के विरोध में अपना पद छोड़ दिया है और उन्होंने इस्तीफे के कारण के रूप में इन नियमों में गुमनाम शिकायतों के दुरुपयोग की आशंका जताई है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है तथा नीति की कमियों को उजागर किया है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे और उनका इस्तीफा UGC के विवादास्पद इक्विटी नियमों पर आधारित है जहां उन्होंने कहा है कि गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को बढ़ावा दे रहा है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने नियमों के विरोध में अपना पद छोड़कर नीति की कमियों पर प्रकाश डाला है। UGC के नए इक्विटी नियमों के खिलाफ उनके इस्तीफे में गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका व्यक्त की गई है और यह बीजेपी किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष के रूप में उनके पद से इस्तीफा है। श्याम सुंदर त्रिपाठी का इस्तीफा UGC नियमों के विरोध में है और उन्होंने दुरुपयोग की आशंका जताई है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है। यह घटना बीजेपी के लिए आंतरिक चुनौती का संकेत है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपना पद छोड़कर नीति की कमियों को उजागर किया है। रायबरेली के सलोन से जुड़े इस इस्तीफे में UGC के इक्विटी नियमों का विरोध मुख्य कारण है और गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना बताई गई है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट थे और उनका इस्तीफा नियमों के विरोध में है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को दिखाता है और नीति की कमियां उजागर करता है। श्याम सुंदर त्रिपाठी ने गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका जताई है और पद छोड़ दिया है।

बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट श्याम सुंदर त्रिपाठी ने रायबरेली के सलोन से अपना पद छोड़ दिया है और इस्तीफे का कारण UGC के नए इक्विटी नियमों का विरोध बताया है जहां गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की आशंका है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है तथा नीति की कमियों को उजागर किया है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे और उनका इस्तीफा UGC के विवादास्पद इक्विटी नियमों पर आधारित है जहां उन्होंने कहा है कि गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को बढ़ावा दे रहा है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने नियमों के विरोध में अपना पद छोड़कर नीति की कमियों पर प्रकाश डाला है। UGC के नए इक्विटी नियमों के खिलाफ उनके इस्तीफे में गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका व्यक्त की गई है और यह बीजेपी किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष के रूप में उनके पद से इस्तीफा है। श्याम सुंदर त्रिपाठी का इस्तीफा UGC नियमों के विरोध में है और उन्होंने दुरुपयोग की आशंका जताई है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है। यह घटना बीजेपी के लिए आंतरिक चुनौती का संकेत है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपना पद छोड़कर नीति की कमियों को उजागर किया है। रायबरेली के सलोन से जुड़े इस इस्तीफे में UGC के इक्विटी नियमों का विरोध मुख्य कारण है और गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना बताई गई है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट थे और उनका इस्तीफा नियमों के विरोध में है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को दिखाता है और नीति की कमियां उजागर करता है। श्याम सुंदर त्रिपाठी ने गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका जताई है और पद छोड़ दिया है।

श्याम सुंदर त्रिपाठी ने बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट के पद से इस्तीफा दे दिया है और यह रायबरेली के सलोन से जुड़ा है जहां उन्होंने UGC के नए इक्विटी नियमों के विरोध में यह कदम उठाया है तथा गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की आशंका जताई है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है तथा नीति की कमियों को उजागर किया है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे और उनका इस्तीफा UGC के विवादास्पद इक्विटी नियमों पर आधारित है जहां उन्होंने कहा है कि गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को बढ़ावा दे रहा है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने नियमों के विरोध में अपना पद छोड़कर नीति की कमियों पर प्रकाश डाला है। UGC के नए इक्विटी नियमों के खिलाफ उनके इस्तीफे में गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका व्यक्त की गई है और यह बीजेपी किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष के रूप में उनके पद से इस्तीफा है। श्याम सुंदर त्रिपाठी का इस्तीफा UGC नियमों के विरोध में है और उन्होंने दुरुपयोग की आशंका जताई है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है। यह घटना बीजेपी के लिए आंतरिक चुनौती का संकेत है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपना पद छोड़कर नीति की कमियों को उजागर किया है। रायबरेली के सलोन से जुड़े इस इस्तीफे में UGC के इक्विटी नियमों का विरोध मुख्य कारण है और गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना बताई गई है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट थे और उनका इस्तीफा नियमों के विरोध में है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को दिखाता है और नीति की कमियां उजागर करता है। श्याम सुंदर त्रिपाठी ने गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका जताई है और पद छोड़ दिया है।

रायबरेली के सलोन से बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपना पद छोड़ दिया है और इस्तीफे का कारण UGC के नए इक्विटी नियमों का विरोध है जहां गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की आशंका है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है तथा नीति की कमियों को उजागर किया है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे और उनका इस्तीफा UGC के विवादास्पद इक्विटी नियमों पर आधारित है जहां उन्होंने कहा है कि गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को बढ़ावा दे रहा है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने नियमों के विरोध में अपना पद छोड़कर नीति की कमियों पर प्रकाश डाला है। UGC के नए इक्विटी नियमों के खिलाफ उनके इस्तीफे में गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका व्यक्त की गई है और यह बीजेपी किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष के रूप में उनके पद से इस्तीफा है। श्याम सुंदर त्रिपाठी का इस्तीफा UGC नियमों के विरोध में है और उन्होंने दुरुपयोग की आशंका जताई है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है। यह घटना बीजेपी के लिए आंतरिक चुनौती का संकेत है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपना पद छोड़कर नीति की कमियों को उजागर किया है। रायबरेली के सलोन से जुड़े इस इस्तीफे में UGC के इक्विटी नियमों का विरोध मुख्य कारण है और गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना बताई गई है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट थे और उनका इस्तीफा नियमों के विरोध में है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को दिखाता है और नीति की कमियां उजागर करता है। श्याम सुंदर त्रिपाठी ने गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका जताई है और पद छोड़ दिया है।

श्याम सुंदर त्रिपाठी ने रायबरेली के सलोन से बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट के पद से इस्तीफा दे दिया है और यह कदम UGC के नए इक्विटी नियमों के विरोध में उठाया गया है जहां गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की आशंका है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है तथा नीति की कमियों को उजागर किया है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे और उनका इस्तीफा UGC के विवादास्पद इक्विटी नियमों पर आधारित है जहां उन्होंने कहा है कि गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को बढ़ावा दे रहा है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने नियमों के विरोध में अपना पद छोड़कर नीति की कमियों पर प्रकाश डाला है। UGC के नए इक्विटी नियमों के खिलाफ उनके इस्तीफे में गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका व्यक्त की गई है और यह बीजेपी किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष के रूप में उनके पद से इस्तीफा है। श्याम सुंदर त्रिपाठी का इस्तीफा UGC नियमों के विरोध में है और उन्होंने दुरुपयोग की आशंका जताई है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है। यह घटना बीजेपी के लिए आंतरिक चुनौती का संकेत है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपना पद छोड़कर नीति की कमियों को उजागर किया है। रायबरेली के सलोन से जुड़े इस इस्तीफे में UGC के इक्विटी नियमों का विरोध मुख्य कारण है और गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना बताई गई है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट थे और उनका इस्तीफा नियमों के विरोध में है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को दिखाता है और नीति की कमियां उजागर करता है। श्याम सुंदर त्रिपाठी ने गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका जताई है और पद छोड़ दिया है।

बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट श्याम सुंदर त्रिपाठी ने रायबरेली के सलोन से अपना पद छोड़ दिया है और इस्तीफे का कारण UGC के नए इक्विटी नियमों का विरोध है जहां गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की आशंका है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है तथा नीति की कमियों को उजागर किया है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे और उनका इस्तीफा UGC के विवादास्पद इक्विटी नियमों पर आधारित है जहां उन्होंने कहा है कि गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को बढ़ावा दे रहा है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने नियमों के विरोध में अपना पद छोड़कर नीति की कमियों पर प्रकाश डाला है। UGC के नए इक्विटी नियमों के खिलाफ उनके इस्तीफे में गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका व्यक्त की गई है और यह बीजेपी किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष के रूप में उनके पद से इस्तीफा है। श्याम सुंदर त्रिपाठी का इस्तीफा UGC नियमों के विरोध में है और उन्होंने दुरुपयोग की आशंका जताई है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है। यह घटना बीजेपी के लिए आंतरिक चुनौती का संकेत है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपना पद छोड़कर नीति की कमियों को उजागर किया है। रायबरेली के सलोन से जुड़े इस इस्तीफे में UGC के इक्विटी नियमों का विरोध मुख्य कारण है और गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना बताई गई है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट थे और उनका इस्तीफा नियमों के विरोध में है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को दिखाता है और नीति की कमियां उजागर करता है। श्याम सुंदर त्रिपाठी ने गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका जताई है और पद छोड़ दिया है।

श्याम सुंदर त्रिपाठी ने बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट के पद से इस्तीफा दे दिया है और यह रायबरेली के सलोन से जुड़ा है जहां उन्होंने UGC के नए इक्विटी नियमों के विरोध में यह कदम उठाया है तथा गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की आशंका है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है तथा नीति की कमियों को उजागर किया है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे और उनका इस्तीफा UGC के विवादास्पद इक्विटी नियमों पर आधारित है जहां उन्होंने कहा है कि गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को बढ़ावा दे रहा है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने नियमों के विरोध में अपना पद छोड़कर नीति की कमियों पर प्रकाश डाला है। UGC के नए इक्विटी नियमों के खिलाफ उनके इस्तीफे में गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका व्यक्त की गई है और यह बीजेपी किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष के रूप में उनके पद से इस्तीफा है। श्याम सुंदर त्रिपाठी का इस्तीफा UGC नियमों के विरोध में है और उन्होंने दुरुपयोग की आशंका जताई है जो विवादों को जातीय युद्ध में बदल सकती है। यह घटना बीजेपी के लिए आंतरिक चुनौती का संकेत है और श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपना पद छोड़कर नीति की कमियों को उजागर किया है। रायबरेली के सलोन से जुड़े इस इस्तीफे में UGC के इक्विटी नियमों का विरोध मुख्य कारण है और गुमनाम शिकायतों से दुरुपयोग की संभावना बताई गई है। श्याम सुंदर त्रिपाठी बीजेपी किसान मोर्चा के वाइस प्रेसिडेंट थे और उनका इस्तीफा नियमों के विरोध में है। यह इस्तीफा बीजेपी में आंतरिक असंतोष को दिखाता है और नीति की कमियां उजागर करता है। श्याम सुंदर त्रिपाठी ने गुमनाम शिकायतों से जातीय विवाद की आशंका जताई है और पद छोड़ दिया है।

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