Sitapur : बज्मे उर्दू का 55वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया
विशिष्ट अतिथि मौलाना आजाद अकादमी लखनऊ के महासचिव डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने मस्त हफीज रहमानी को फख्रे उर्दू सम्मान से नवाजा। उन्होंने कहा कि 81 साल
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर। मुस्लिम जूनियर हाई स्कूल में बज्मे उर्दू ने अपना 55वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह से मनाया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार अहमद इब्राहिम अल्वी ने कहा कि उर्दू मोहब्बत की भाषा है और बज्मे उर्दू मोहब्बत की महफिल है। इसकी मिठास दिल को सुकून देती है। उन्होंने बताया कि 55 साल के सफर में बज्मे उर्दू ने सीतापुर में उर्दू भाषा और साहित्य को मजबूत करने का अनोखा काम किया है। संस्थापक महासचिव और वर्तमान अध्यक्ष मस्त हफीज रहमानी की मेहनत और उर्दू के प्रति लगन की जितनी तारीफ की जाए कम है।
विशिष्ट अतिथि मौलाना आजाद अकादमी लखनऊ के महासचिव डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने मस्त हफीज रहमानी को फख्रे उर्दू सम्मान से नवाजा। उन्होंने कहा कि 81 साल की उम्र में भी रहमानी का जुनून देखकर हर कोई सीख सकता है। किसी संस्था को 55 साल तक लगातार सक्रिय रखना आसान नहीं, लेकिन उन्होंने इसे कर दिखाया।
मौलाना आजाद उर्दू यूनिवर्सिटी लखनऊ कैंपस के सहायक प्रोफेसर डॉ. अकबर अली ने कहा कि बज्मे उर्दू का यह सफर अवध के साहित्यिक इतिहास में स्वर्णिम अध्याय है। हाफिज मुहम्मद अकरम, सोहेल वहीद और डॉ. इकबाल ने भी संस्था की गतिविधियों की सराहना की।
बज्मे उर्दू के महासचिव खुश्तर रहमानी ने 55 साल की गतिविधियों की रिपोर्ट पेश की। अध्यक्ष मस्त हफीज रहमानी ने बताया कि संस्था हर साल उर्दू जागरूकता अभियान चलाती है, छात्रों को सम्मानित करती है, 15 अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन काव्य गोष्ठियां, 30 बड़े मुशायरे, सेमिनार और किताबों का विमोचन कर चुकी है। साहित्यिक कार्यक्रमों की संख्या हजारों में है।
कार्यक्रम में शारिक लहरपुरी की अध्यक्षता में काव्य गोष्ठी हुई जिसमें हदीर अल्वी, डॉ. अखलाक, जलाल लखनवी, नसीर अहमद नसीर, सबा बाराबंकवी, कमर सीतापुरी, इलियास चिश्ती, खुश्तर रहमानी समेत कई शायरों ने अपनी रचनाएं पेश कीं। कार्यक्रम का संचालन इलियास चिश्ती ने किया और बड़ी संख्या में शहर के लोग मौजूद रहे।
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