Sitapur : रामपुर मथुरा में मनरेगा भ्रष्टाचार बढ़ रहा, फर्जी हाजिरी और अधूरी सड़क निर्माण पर सवाल

कोदौरा के हैंठी गांव में डामर सड़क से त्रिजुगी के घर तक 9 लाख 99 हजार 458 रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण चल रहा है। यह ठेके पर दिया गया है। लेकिन ग्रामीण

Dec 7, 2025 - 20:46
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Sitapur : रामपुर मथुरा में मनरेगा भ्रष्टाचार बढ़ रहा, फर्जी हाजिरी और अधूरी सड़क निर्माण पर सवाल
Sitapur : रामपुर मथुरा में मनरेगा भ्रष्टाचार बढ़ रहा, फर्जी हाजिरी और अधूरी सड़क निर्माण पर सवाल

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

सीतापुर। विकास खंड रामपुर मथुरा की ग्राम पंचायत कोदौरा में मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव, ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक मिलकर सरकारी धन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

कोदौरा के हैंठी गांव में डामर सड़क से त्रिजुगी के घर तक 9 लाख 99 हजार 458 रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण चल रहा है। यह ठेके पर दिया गया है। लेकिन ग्रामीण बताते हैं कि सड़क के किनारे जंगल, झाड़ियां और कंटीले पेड़ हटाए बिना ही इंटरलॉकिंग टाइलें बिछाई जा रही हैं। इससे निर्माण का स्तर खराब हो रहा है।

मास्टर रोल पर सैकड़ों फर्जी हाजिरी लगाई जा रही हैं। पुरानी तस्वीरें अपलोड कर मजदूरों की गलत उपस्थिति दर्ज की जाती है। लेबरों को काम नहीं मिलता, फिर भी उनका नाम इस्तेमाल कर पैसा निकाला जाता है। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. राजा गणपति आर के सख्त निर्देशों के बावजूद यह सिलसिला थम नहीं रहा।

सचिव ब्लॉक परिसर के कमरे से ही ग्राम पंचायत का निरीक्षण कर रहे हैं। मौके पर जाकर जांच नहीं करते। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा चर्चा में रहा है। एक पोस्ट में कहा गया कि रामपुर मथुरा में मनरेगा भ्रष्टाचार आसमान छू रहा है और जिम्मेदार अधिकारी चुप हैं।

सीतापुर जिले में मनरेगा भ्रष्टाचार के अन्य मामले भी सामने आ चुके हैं। बिसवां ब्लॉक की कुतुबपुर पंचायत में फर्जी हाजिरी और नाबालिग मजदूरों का नाम इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे। रामपुर मथुरा में पहले रोजगार सेवकों को राहत मिली थी, जब पंचायत सहायकों को मनरेगा कार्य न सौंपने का आदेश आया। लेकिन कोदौरा जैसे गांवों में समस्या बनी हुई है।

ग्रामीणों ने डीसी मनरेगा से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार भ्रष्टाचार पर नकेल कस रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकारी नियम तोड़ रहे हैं। जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

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