Sitapur : डॉ. राम बक्श सिंह की मनाई गई पुण्यतिथि, परिवार के सदस्यों ने डॉ रामबक्स सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने की सरकार से उठाई मांग
डॉ. राम बख्स सिंह ने 1957 में सीतापुर के रामनगर में भारत का पहला गोबर-आधारित बायोगैस संयंत्र स्थापित किया, जो अपने आप में अनूठा था। इसके बाद 1972
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS ब्यूरो Sitapur
सीतापुर : रामकोट के रामनगर स्थित डॉ. राम बख्स सिंह कन्या इंटर कॉलेज में बायोगैस के जनक डॉ. राम बख्स सिंह की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और उनके जीवन व कार्यों पर प्रकाश डाला गया। मुख्य अतिथि सांसद राकेश राठौर ने उनकी मूर्ति पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए उनकी विरासत को संरक्षित करने की जरूरत पर जोर दिया।
डॉ. राम बख्स सिंह ने 1957 में सीतापुर के रामनगर में भारत का पहला गोबर-आधारित बायोगैस संयंत्र स्थापित किया, जो अपने आप में अनूठा था। इसके बाद 1972 में अमेरिका में पहला भारतीय बायोगैस संयंत्र स्थापित कर उन्होंने भारतीय विज्ञान को वैश्विक पहचान दिलाई। उन्होंने अमेरिका, कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, मेक्सिको, मध्य व दक्षिण अमेरिका, ईरान, नेपाल सहित 15 से अधिक देशों में 1000 से ज्यादा बायोगैस संयंत्र डिजाइन और स्थापित किए। उनके कार्यों को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री सचिवालय (27 अक्टूबर 1964) और राष्ट्रपति सचिवालय (21 जुलाई 1966) से प्रशंसा पत्र मिले। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिकी कांग्रेस की सीनेट चयन समिति (29 मई 1973) ने भी उनकी उपलब्धियों को सराहा। हालांकि, उनके योगदान के बावजूद भारत में उन्हें अभी तक सर्वोच्च सम्मान नहीं मिला।
उनके परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने की अपील की है। सांसद धौरहरा आनंद भदौरिया, सांसद राकेश राठौर, और राज्य मंत्री राकेश राठौर पहले ही इस मांग को पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री तक पहुंचा चुके हैं। भारत सरकार ने उनकी 100वीं जयंती पर स्मारक डाक टिकट जारी करने की स्वीकृति दी, जो सांसद आनंद भदौरिया के प्रयासों और राजेंद्र सिंह (डॉ. सिंह के पुत्र) के अनुरोध पर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तक पहुंचने के बाद संभव हुआ। 26 सितंबर 2023 को उनके मूल्यवान अभिलेख राष्ट्रीय अभिलेखागार ने अधिग्रहण किए, जो उनके योगदान के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।
कार्यक्रम में सांसद आनंद भदौरिया के भाई अभिषेक सिंह, लाइब्रेरी सहायक अनुराग पांडे, राजेंद्र सिंह, राज सिंह चौहान, इंद्रपाल सिंह, अनुभव सिंह चौहान, सुधा सिंह, प्रियंका सिंह, आलोक सिंह चौहान, सुरेंद्र सिंह, रमाकांत मिश्रा, राकेश सिंह, रजनीश सिंह, आयुष सिंह, अखिलेश सिंह, छात्र-छात्राएं और शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
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