Sitapur : रामनगर गांव में बनी सड़क से ग्रामीणों के चेहरे पर आई मुस्कान, जिला पंचायत सदस्य की सराहना
एक परिवार में एक महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों को उसे पैदल ही पक्की सड़क तक ले जाना पड़ा। एक युवक ने बताया कि मेरी शादी के छह महीने तक पत्नी इ
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर। सिधौली तहसील के रामनगर गांव में आजादी के बाद से सड़क तो थी, लेकिन वह कभी चलने लायक न बनी। बारिश के दिनों में बच्चे स्कूल न जा पाते। मेहमान घर न आते। विवाद होने पर पुलिस या बीमार पड़ने पर एम्बुलेंस भी न पहुंच पाती। यहां तक कि बेटियों या बेटों की शादी के रिश्ते भी मुश्किल से तय होते। रिश्तेदारों को बताना पड़ता कि सड़क बन रही है, दो महीने में तैयार हो जाएगी। लेकिन साल बीतते गए। अब तो रिश्तेदार गांव आने से कतराने लगे थे।
एक परिवार में एक महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों को उसे पैदल ही पक्की सड़क तक ले जाना पड़ा। एक युवक ने बताया कि मेरी शादी के छह महीने तक पत्नी इस बात को लेकर झगड़ती रही कि उसे कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते से पैदल घर लाया गया। लोग कहते हैं कि बेटों के रिश्ते लेकर कोई गांव न आता। कुछ संपन्न परिवार तो गांव छोड़कर चले गए।
ग्रामीणों ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य प्रेम दीप जायसवाल ने मुख्य सड़क से गांव तक खड़ंजे की सड़क बनवाई है। अब गांव में खुशी का माहौल है। सभी के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। बच्चों को प्रसन्नता है कि उनकी ड्रेस गंदी न होगी और साइकिल से स्कूल जा सकेंगे। महिलाओं को खुशी है कि अब कोई न कहेगा कि उनके घर न आएंगे। सबसे बड़ी राहत उन लोगों को है जिन्होंने रिश्तेदारों से वादा किया था कि शादी के बाद सड़क बन जाएगी। अब विवाह में कोई रुकावट न आएगी। विवाद पर पुलिस और बीमारी में एम्बुलेंस घर तक पहुंच सकेगी।
ग्रामीणों ने प्रेम दीप जायसवाल की जमकर तारीफ की। उनका कहना है कि इस सड़क से गांव का चेहरा बदल गया है। जिला प्रशासन को ऐसे विकास कार्यों को और तेज करना चाहिए ताकि अन्य गांवों को भी फायदा हो।
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