दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम: 1 नवंबर से केवल BS6, CNG या EV कमर्शियल वाहनों को मिलेगी एंट्री, सीएम रेखा गुप्ता ने लॉन्च किया एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन प्लान 2025

दिल्ली की हवा हर साल सर्दियों में जहर बन जाती है, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ अभूतपूर्व कदम उठाने का फैसला किया है। एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन

Oct 28, 2025 - 13:07
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दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम: 1 नवंबर से केवल BS6, CNG या EV कमर्शियल वाहनों को मिलेगी एंट्री, सीएम रेखा गुप्ता ने लॉन्च किया एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन प्लान 2025
दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम: 1 नवंबर से केवल BS6, CNG या EV कमर्शियल वाहनों को मिलेगी एंट्री, सीएम रेखा गुप्ता ने लॉन्च किया एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन प्लान 2025

दिल्ली की हवा हर साल सर्दियों में जहर बन जाती है, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ अभूतपूर्व कदम उठाने का फैसला किया है। एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन प्लान 2025 के तहत 1 नवंबर 2025 से दिल्ली के बॉर्डर पर केवल BS6 (भारत स्टेज 6), CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) या EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) वाले कमर्शियल वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। BS4, BS5 या इससे पुराने इंजन वाले डीजल या पेट्रोल कमर्शियल वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगेगा। यह फैसला वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए लिया गया है, जो दिल्ली के प्रदूषण का एक बड़ा स्रोत है। सीएम रेखा गुप्ता ने 3 जून 2025 को इस प्लान की घोषणा की थी, लेकिन हाल ही में 27 अक्टूबर को इसे फिर से लागू करने पर जोर दिया गया। प्लान का नाम 'शुद्ध हवा सबका अधिकार - प्रदूषण पर जोरदार प्रहार' रखा गया है। इसका उद्देश्य 'क्लीन दिल्ली, ग्रीन दिल्ली, हेल्दी दिल्ली' का सपना साकार करना है। यह कदम दिल्ली-एनसीआर के 3 करोड़ लोगों की सेहत को बचाने के लिए जरूरी है, जहां हर साल प्रदूषण से हजारों मौतें हो रही हैं।

यह फैसला वाहनों के उत्सर्जन को सीधे निशाना बनाता है। दिल्ली में रोजाना हजारों कमर्शियल वाहन जैसे ट्रक, डंपर और लाइट गुड्स व्हीकल बॉर्डर पार करते हैं। इनमें से ज्यादातर पुराने डीजल इंजन वाले हैं, जो पीएम2.5 और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे प्रदूषकों को हवा में घोल देते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, वाहन दिल्ली के कुल प्रदूषण का 20-25 प्रतिशत हिस्सा हैं। BS6 मानक वाले वाहन पुराने मॉडल से 80 प्रतिशत कम उत्सर्जन करते हैं। CNG और EV तो बिल्कुल साफ ईंधन हैं। सीएम गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, '1 नवंबर 2025 से दिल्ली आने वाला कोई भी कमर्शियल वाहन BS6, CNG या EV होना चाहिए। पुराने वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा।' यह नियम लाइट, मीडियम और हेवी गुड्स वाहनों पर लागू होगा। पड़ोसी राज्यों को एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे, और बॉर्डर पर बिलबोर्ड लगाए जाएंगे। उल्लंघन पर भारी जुर्माना और वाहन जब्ती का प्रावधान है।

यह प्लान सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं है। इसमें कई अन्य कदम शामिल हैं। सबसे बड़ा कदम क्लाउड सीडिंग तकनीक से कृत्रिम वर्षा कराना है। दिल्ली सरकार आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर जल्द ही पहली कृत्रिम बारिश का परीक्षण करेगी। इससे हवा में लटके कण धुल जाएंगे। गुप्ता ने कहा, 'यह दिल्ली के लिए ऐतिहासिक कदम होगा। हम विज्ञान संगठनों के साथ एमओयू साइन करेंगे।' प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर मिस्ट स्प्रेयर लगाए जाएंगे, जो धूल कणों को जमीन पर गिराएंगे। सभी हाई-राइज कमर्शियल बिल्डिंग्स, मॉल्स और होटलों पर एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य होगा। ये गन पानी की धुंध छिड़ककर प्रदूषण कम करेंगी। दिल्ली सरकार ने 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। 5 जून से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान शुरू होगा। पर्यावरण विभाग ने कहा कि अरावली क्षेत्र में ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा।

ट्रैफिक प्रबंधन पर भी फोकस है। सभी एंट्री पॉइंट्स पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगेंगे। ये पुराने वाहनों को तुरंत पकड़ लेंगे। पेट्रोल पंपों पर भी ये कैमरे लगेंगे, जो एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों को डिटेक्ट करेंगे। पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सेंटरों का हर छह महीने ऑडिट होगा। स्मार्ट इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम से जाम कम होगा, जो उत्सर्जन घटाएगा। गुप्ता ने ऑड-ईवन स्कीम को फिर शुरू न करने का ऐलान किया, क्योंकि यह ज्यादा प्रभावी नहीं है। इसके बजाय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जाएगा। 2299 इलेक्ट्रिक ऑटो मेट्रो स्टेशनों पर तैनात होंगे, और 18,000 चार्जिंग पॉइंट्स लगेंगे। दिल्ली में पहले से 1.6 लाख इलेक्ट्रिक वाहन हैं, जिन्हें और बढ़ाया जाएगा।

दिल्ली का प्रदूषण एक पुरानी समस्या है। शिकागो यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार, यहां पीएम2.5 स्तर 88.4 माइक्रोग्राम है, जो डब्ल्यूएचओ के 5 माइक्रोग्राम मानक से 22 गुना ज्यादा है। इससे औसत आयु 8.2 साल कम हो रही है। सर्दियों में पराली जलाना, निर्माण धूल, कचरा जलाना और वाहन मुख्य कारण हैं। 2023 में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) आधे साल 200 से ऊपर रहा। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज 1 से ही सख्ती शुरू हो जाती है। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि क्षेत्रीय सहयोग जरूरी है। पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने पर रोक लगे। सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र और राज्यों को फटकार लगाई है। गुप्ता सरकार का यह प्लान GRAP का हिस्सा है, जो CAQM (कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) के निर्देश पर है।

ट्रांसपोर्टरों ने इस फैसले का स्वागत किया है। रोस्मर्टा टेक्नोलॉजीज के अध्यक्ष कार्तिक नागपाल ने कहा, 'यह सस्टेनेबल मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम है।' लेकिन कुछ चिंताएं भी हैं। पुराने वाहनों वाले ड्राइवरों को नुकसान हो सकता है। सरकार ने सब्सिडी पर CNG किट और EV कन्वर्जन की योजना बताई। पड़ोसी राज्यों के ट्रक चालकों को वैकल्पिक रूट सुझाए जाएंगे। दिल्ली में पहले से ही 1000 अतिरिक्त CNG बसें आ रही हैं। यह प्लान दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। गुप्ता ने कहा, 'हम सबकी जिम्मेदारी है। मिलकर प्रदूषण से लड़ें।' सोशल मीडिया पर CleanDelhi जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लोग सराहना कर रहे हैं, लेकिन अमल पर नजर रखने को कह रहे हैं।

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