Lucknow News: मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठक कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

सीएम युवा योजना के तहत जिन बैंकों में सर्वाधिक एप्लीकेशन पेंडिंग हैं, उन बैंकों का संबंधित जिलाधिकारी एवं सीडीओ द्वारा किया जाये निरीक्षण....

By INA News Desk
Apr 5, 2025 - 13:33
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Lucknow News: मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठक कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

Highlights

  • जीरो पावर्टी अभियान की लॉचिंग इसी माह प्रस्तावित
  • सभी जनपदों एवं विभागों को जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिह्नित परिवारों को लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ दिलाने पर करना होगा फोकस
  • राजस्व मामलों का तय समय सीमा के भीतर निस्तारण कराया जाये सुनिश्चित
  • निचले स्तर पर मामलों को लंबित रखने वाले कर्मियों की जिम्मेदारी करें नियत
  • आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती प्रक्रिया को 12 अप्रैल तक करें पूरा

लखनऊः मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि जीरो पावर्टी अभियान का मुख्यमंत्री द्वारा लखनऊ में इसी माह बड़े स्तर पर लांच किया जाना प्रस्तावित है। लॉचिंग में अलग-अलग जनपदों के 25 से 30 हजार लाभार्थियों को पीएम आवास, सीएम आवास, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत सहित अन्य योजनाओं के लाभ वितरित किये जायेंगे।

उन्होंने कहा कि अभियान के तहत 10 लाख 46 हजार ऐसे परिवारों को चिह्नित किया गया थी, जिनके पास घर नहीं है या पक्का घर नहीं है। इसमें से 9 लाख 73 हजार परिवारों को बीडीओ द्वारा प्रमाणित (वैलिडेट) किया गया है, यह एक अच्छी प्रगति है। उन्होंने कहा कि सभी सीडीओ का प्रयास होना चाहिये, चिन्हित सभी पात्र परिवारों को पीएम आवास योजना का लाभ मिल जाये।

उन्होंने यह भी कहा कि अभियान के तहत चिन्हित पात्र परिवारों को अंत्योदय कार्ड में वरीयता दी जाये। इसके अलावा सभी जनपदों एवं विभागों को चिह्नित परिवारों को किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत, पेंशन जैसी लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ दिलाने पर फोकस करना होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को चिह्नित परिवारों का डाटा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि अभियान के तहत चिन्हित परिवारों की सवा लाख रुपये की सालाना आमदनी सुनिश्चित कराना है। इसमें कौशल विकास मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए चिन्हित परिवारों की विभिन्न योजनाओं के तहत स्किलिंग और अपस्किलिंग के लिये योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के लिए निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्किलिंग या अपस्किलिंग के उपरांत सर्टिफिकेट भी दिया जाये, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में असुविधा न हो। इसके अलावा स्वरोजगार के लिए बैंक के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करने में भी सहायता प्रदान की जाये।

उन्होंने कहा कि नामातंरण, पैमाइश, भू उपयोग परिवर्तन और विरासत आदि आम आदमी से जुड़े राजस्व के मामलों का तय समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित कराया जाये। सभी मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी नियमित समीक्षा करें और निचले स्तर पर मामलों को लंबित रखने वाले कर्मियों की जिम्मेदारी नियत करें। उन्होंने राजस्व परिषद को निचले स्तर के अधिकारियों के कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए प्रोफार्मा तैयार कर सभी मण्डलों एवं जनपदों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ग्रामवार लंबित भूमि संबंधित वादों की सूची तैयार कर उन्हें मौके पर हल करने का प्रयास किया जाये। लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण में अपेक्षित प्रगति न आने पर संबंधित मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों पर एक्शन लिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि सीएम युवा योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की सभी सीडीओ द्वारा नियमित मॉनीटरिंग कर ज्यादा से ज्यादा आवेदनों को स्वीकृत और डिसबर्स कराने का प्रयास किया जाये। बैंकर्स कमेटी की नियमित बैठक कर अधिक से अधिक आवेदनों के निस्तारण पर बल दिया जाये। जिन बैंकों में सर्वाधिक एप्लीकेशन पेंडिंग हैं, उन बैंकों का संबंधित जिलाधिकारी एवं सीडीओ द्वारा निरीक्षण किया जाये।

उन्होंने निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदनों के निस्तारण किये जाने महाराजगंज जनपद की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि स्वीकृत ऋण से लगाये गये उद्यम का भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाये। उल्लेखनीय है कि महाराजगंज के द्वारा 1000 के लक्ष्य के सापेक्ष 1028 एप्लीकेशन्स को बैंकों के द्वारा स्वीकृत कराया गया और स्वीकृत एप्लीकेशन में से 911 का डिसबर्समेंट भी कराया गया।

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इसके अलावा उन्होंने सर्किल रेट के पुनरीक्षण, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती प्रक्रिया, गेहूं खरीद आदि की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सर्किल रेट के पुनरीक्षण में आसपास के गांव का सर्किल रेट लगभग समान होना चाहिये। इस बात का ध्यान रखा जाये कि कहीं भी असामान्य तरीके से सर्किल रेट की बढ़ोत्तरी न हो। रेट रिवीजन की आवश्यकता न होने पर उसी सर्किल रेट को लागू किया जा सकता है। रेट रिवीजन के समय सीमावर्ती जनपदों से लगे गांव के सर्किल रेट को भी ध्यान में रखा जाये। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती प्रक्रिया को 12 अप्रैल तक पूरा करने के भी निर्देश दिये।

बैठक में प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास लीना जौहरी, प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा डॉ0 हरिओम, प्रमुख सचिव श्रम डॉ0 शंमुगा सुंदरम, सचिव एमएसएमई प्रांजल यादव, प्रमुख सचिव स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अमित गुप्ता सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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