समर्थ गुरु समर्थ राष्ट्र की भावना से शिक्षण मंडल कार्य करता र्है- प्रोफेसर कमल जायसवाल

Hardoi News: भारतीय शिक्षण मंडल , अवध प्रांत के प्रांतीय अध्यक्ष प्रोफेसर कमल जायसवाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि भारतीय....

Jul 18, 2025 - 17:54
 0  52
समर्थ गुरु समर्थ राष्ट्र की भावना से शिक्षण मंडल कार्य करता र्है- प्रोफेसर कमल जायसवाल
समर्थ गुरु समर्थ राष्ट्र की भावना से शिक्षण मंडल कार्य करता र्है- प्रोफेसर कमल जायसवाल

अम्बरीष कुमार सक्सेना)

Hardoi News: भारतीय शिक्षण मंडल , अवध प्रांत के प्रांतीय अध्यक्ष प्रोफेसर कमल जायसवाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही गुरु परंपरा का विशेष महत्व रहा है समर्थ गुरु समर्थ राष्ट्र की भावना से शिक्षण मंडल कार्य करता र्है।  मन में गुरु के प्रति श्रद्धा परम आवश्यक है यह श्रद्धा विद्यार्थियों के मन में स्थापित करना आज की परिस्थितियों में प्रासंगिक है। जिसके लिए महर्षि वेदव्यास जो भारतीय संस्कृति की गुरु परंपरा के प्रतीक है भारतीय शिक्षण मंडल गुरु परंपरा के पुनर्जीवन के लिए महर्षि वेदव्यास जी के जन्म दिवस आषाढ़ मास की पूर्णिमा को व्यास पूजा के रूप में प्रतिवर्ष संपूर्ण भारतवर्ष में कार्यक्रम आयोजित करता है। इस वर्ष भी शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट करने  करने के लिए भारतीय शिक्षण मंडल तथा सार्वजनिक शिक्षा ने संस्थान के संयुक्त तत्वावधान  में व्यास पूजा उत्सव में हरदोई जनपद के प्रमुख शिक्षाविद शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम का आयोजन डॉ राम मनोहर लोहिया महाविद्यालय, अल्लीपुर, हरदोई में किया गया। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सी एस एन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर कौशलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि गुरु का जीवन में बहुत अधिक महत्व है गुरु वह व्यक्ति है जो अज्ञानता को दूर करके ज्ञान का प्रकाश फैलता है और सही मार्ग दिखाता है। गुरु ज्ञान मार्गदर्शन और प्रेरणा का स्रोत होता है । गुरु सही और गलत के बीच के अंतर समझते हैं और सही मार्ग दिखाते हैं। गुरु हमें जीवन में चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करते हैं। गुरु न केवल शैक्षिक विकास में बल्कि नैतिक और मानसिक विकास में भी मार्गदर्शन करते हैं। गुरु हमें आध्यात्मिक ज्ञान भी प्रदान करते हैं और हमें मोक्ष की ओर ले जाते हैं । गुरु के बिना जीवन अधूरा और दिशाहीन हो जाता है । गुरु का स्थान हमारे जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है और हमें उनका सम्मान करना चाहिए। 

इस अवसर पर आर.आर.इण्टर कॉलेज के शिक्षक देवेश सिंह, सनातन धर्म इण्टर कालेज के शिक्षक रोहित कुमार सिंह, से एस एस  महाविद्यालय के शिक्षक डॉ अखिलेश चंद्र पांडे, ग्रामोदय महाविद्यालय के अभयशंकर मिश्रा आदि 35 शिक्षकों को अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। 

समारोह की विशिष्ट अतिथि डॉ यू.बी. किरण ने कहा कि भले ही कोई ब्रह्मा, विष्णु ,महेश के समान क्यों ना हो पर वह बिना गुरु के भवसागर पार नहीं कर सकता जब से धरती बनी है तब से ही गुरु का महत्व इस धरती पर है वेद, पुराण,उपनिषद, रामायण, गीता, गुरु ग्रंथ साहब आदि में महान संतों द्वारा गुरु की महिमा का गुणगान किया गया है । शिक्षक ईश्वर का दिया हुआ वह वरदान है जो हमेशा से ही बिना किसी स्वार्थ भेदभाव रहित व्यवहार से बच्चों को सही गलत और अच्छे बुरे का ज्ञान करता है।

समारोह में आभार ज्ञापन करते हुए सह संयोजक महाविद्यालय के डा दलप्रीत कौर ने कहा समाज में शिक्षक की भूमिका अति महत्वपूर्ण होती है क्योंकि उन्हें बच्चों से समाज का निर्माण होता है और शिक्षक उन्हें समाज में एक अच्छा इंसान बनाने की जिम्मेदारी लेता है माता-पिता के बाद शिक्षक ही होता है जो अपने बच्चों को एक सही रूप में डालने की नींव रखता है। कार्यक्रम का संचालन महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय के शिक्षक तथा जिला संयोजक डॉ .अजीत आनन्द मणि जी ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से डॉ अभिषेक सिंह सेंगर,डा नमिता त्रिपाठी, डॉ रश्मि द्विवेदी , आनंद विशारद पारुल गुप्ता इत्यादि मौजूद रहे।

Also Read- हर वर्ष एक पेड़ भी लगाएं और उसकी देखभाल करें, तो आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और हरा-भरा संसार मिल सकता है: अजीत सिंह बब्बन

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।