Lucknow: तिब्बत के राष्ट्रपति पेनपा त्सेरिंग ने लखनऊ में कहा: भारत-तिब्बत सदियों पुराना गुरु-चेला रिश्ता, तिब्बत की आजादी भारत की सुरक्षा के लिए जरूरी। 

पर्यावरण और सुरक्षा को 21वीं सदी का सबसे बड़ा वैश्विक मुद्दा बताते हुए तिब्बत सरकार-निर्वासित के राष्ट्रपति (सिक्योंग) पेनपा त्सेरिंग ने

Nov 26, 2025 - 14:24
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Lucknow: तिब्बत के राष्ट्रपति पेनपा त्सेरिंग ने लखनऊ में कहा: भारत-तिब्बत सदियों पुराना गुरु-चेला रिश्ता, तिब्बत की आजादी भारत की सुरक्षा के लिए जरूरी। 
तिब्बत के राष्ट्रपति पेनपा त्सेरिंग ने लखनऊ में कहा: भारत-तिब्बत सदियों पुराना गुरु-चेला रिश्ता, तिब्बत की आजादी भारत की सुरक्षा के लिए जरूरी। 
लखनऊ। पर्यावरण और सुरक्षा को 21वीं सदी का सबसे बड़ा वैश्विक मुद्दा बताते हुए तिब्बत सरकार-निर्वासित के राष्ट्रपति (सिक्योंग) पेनपा त्सेरिंग ने मंगलवार को लखनऊ के बीकेटी स्थित एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने तिब्बत में मौजूद 46 हजार ग्लेशियरों का जिक्र करते हुए जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जल संकट जैसी चुनौतियों पर चिंता जताई।

श्री त्सेरिंग ने कहा, “भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है, बस उसे हनुमान जी की तरह अपनी शक्ति का भान कराना है।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत हमेशा तिब्बत का गुरु रहा है और तिब्बत उसका चेला। “आज तिब्बत जो कुछ भी है, वह भारत की वजह से है।” तिब्बती भाषा के देवनागरी लिपि से प्रेरित होने को उन्होंने दोनों देशों के सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्ते का प्रमाण बताया।चीन के बढ़ते दखल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि चीन ने तिब्बत आने-जाने पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। भारत-तिब्बत सहयोग मंच के संजय शुक्ला ने कार्यक्रम में कहा कि तिब्बत की आजादी सिर्फ तिब्बतियों के लिए नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश सहित भारत के कई क्षेत्रों पर दावा ठोंक रहा है, जो भविष्य में बड़ा खतरा बन सकता है।
श्री शुक्ला ने लखनऊ वासियों से जापान की तर्ज पर चीनी उत्पादों के बहिष्कार की अपील की और कहा कि 140 करोड़ भारतीयों का पैसा अप्रत्यक्ष रूप से चीन के रास्ते पाकिस्तान पहुँचकर आतंकवाद को फंडिंग कर सकता है।कार्यक्रम में लखनऊ की नवाबी संस्कृति और उर्दू-हिंदी की मिठास से प्रभावित श्री त्सेरिंग ने कहा कि वे इसे सीखना चाहते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत गणपति वंदना से हुई। इसके बाद छात्रों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक तिब्बती नृत्य देखकर तिब्बती राष्ट्रपति भावुक हो गए।इस अवसर पर एसआर ग्रुप के चेयरमैन एवं एमएलसी पवन सिंह चौहान, वाइस चेयरपर्सन सुष्मिता सिंह, वाइस चेयरमैन पीयूष चौहान, भारत-तिब्बत संवाद के ऑल इंडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. संजय मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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