ट्रंप की बड़ी कार्रवाई- अमेरिका ने वेनेजुएला पर सर्जिकल स्ट्राइक कर मादुरो दंपति को गिरफ्तार किया, 5 करोड़ डॉलर इनाम वाली स्क्रिप्ट पूरी
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच टकराव कई वर्षों से चल रहा है। मार्च 2020 में अमेरिकी अदालत ने निकोलस मादुरो पर और उनके 15 से अधिक सहयोगियों पर औपचारिक आरोप तय कि
अमेरिका ने 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला की राजधानी काराकास सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की। इस ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को गिरफ्तार कर लिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने रातोंरात ऑपरेशन चलाकर लक्ष्य हासिल किया। गिरफ्तार किए गए मादुरो दंपति को अमेरिकी जहाज पर सवार कराकर न्यूयॉर्क ले जाया गया जहां उन पर नार्को-टेररिज्म, ड्रग तस्करी और हथियारों से जुड़े आरोपों में मुकदमा चलाने की तैयारी है। इस ऑपरेशन को 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' नाम दिया गया। अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई वेनेजुएला में ड्रग कार्टेल्स को खत्म करने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए की गई। ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका अब वेनेजुएला को तब तक संचालित करेगा जब तक सुरक्षित और व्यवस्थित सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता।
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच टकराव कई वर्षों से चल रहा है। मार्च 2020 में अमेरिकी अदालत ने निकोलस मादुरो पर और उनके 15 से अधिक सहयोगियों पर औपचारिक आरोप तय किए थे। इन आरोपों में नार्को-टेररिज्म यानी ड्रग तस्करी और आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर अपराध शामिल थे। अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन ने मादुरो को 'कार्टेल ऑफ द सन्स' नामक ड्रग नेटवर्क का प्रमुख बताया था। पिछले साल गर्मियों में ट्रंप प्रशासन ने मादुरो से जुड़ी जानकारी देने वाले के लिए इनाम की राशि बढ़ाकर 5 करोड़ डॉलर कर दी थी। यह राशि पहले 15 मिलियन डॉलर थी जिसे बढ़ाकर 25 मिलियन डॉलर किया गया और फिर और अधिक बढ़ाया गया। अमेरिकी सरकार ने कई वर्षों से मादुरो की गिरफ्तारी की योजना बनाई हुई थी और इस कार्रवाई को लंबे समय से तैयार की जा रही स्क्रिप्ट का हिस्सा माना जा रहा है।
इस सैन्य कार्रवाई से पहले अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ कई कदम उठाए थे। अगस्त 2025 से कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोत और सैन्य बल तैनात किए गए थे। सितंबर 2025 से ड्रग तस्करी करने वाली नावों पर हमले शुरू हुए थे जिनमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई। दिसंबर 2025 में वेनेजुएला से तेल ले जाने वाले कई टैंकर जब्त किए गए थे। अमेरिकी प्रशासन ने मादुरो को आतंकवादी संगठन से जोड़ते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निशाना बनाया था। इस ऑपरेशन के दौरान काराकास में कई विस्फोट हुए जिसमें सैन्य अड्डे और अन्य प्रतिष्ठान प्रभावित हुए। वेनेजुएला सरकार ने इसे विदेशी आक्रामकता करार दिया और पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कार्रवाई की निंदा हुई। कई देशों ने इसे वेनेजुएला की संप्रभुता का उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय संगठनों ने क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ने की चिंता जताई। अमेरिकी कांग्रेस में भी इसकी वैधता पर सवाल उठे क्योंकि कांग्रेस से युद्ध या बल प्रयोग की स्पष्ट अनुमति नहीं ली गई थी। कुछ सांसदों ने इसे अवैध बताया और बल वापसी की मांग की। ट्रंप प्रशासन ने दावा किया कि यह कार्रवाई ड्रग तस्करी रोकने और अमेरिकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी थी। मादुरो को न्यूयॉर्क में न्यायिक हिरासत में रखा गया है जहां सोमवार को उनके खिलाफ आरोपों की सुनवाई होने की संभावना है।
इस घटना के बाद वेनेजुएला में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। काराकास में बिजली गुल होने की खबरें आईं और उड़ानें प्रभावित हुईं। अमेरिकी सेनाओं ने कई स्थानों पर नियंत्रण स्थापित किया। ट्रंप ने कहा कि यह अमेरिकी इतिहास की सबसे प्रभावी सैन्य कार्रवाइयों में से एक है। वेनेजुएला में विपक्षी नेता मारीया कोरिना माचाडो ने इसे स्वतंत्रता की शुरुआत बताया। अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर पहले से ही प्रतिबंध लगाए हुए थे और समुद्री नाकाबंदी जैसे कदम उठाए थे। इस ऑपरेशन से तेल संसाधनों पर अमेरिकी प्रभाव बढ़ने की संभावना है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर की गई इस सर्जिकल स्ट्राइक ने निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर दिया। मार्च 2020 से चल रहे नार्को-टेररिज्म के आरोपों और 5 करोड़ डॉलर के इनाम के साथ यह कार्रवाई लंबे समय से तैयार की जा रही योजना का हिस्सा थी। अमेरिका ने वेनेजुएला को तब तक संचालित करने की घोषणा की है जब तक नया सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता।
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