Hardoi: भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में वैष्णवी शुक्ला ने जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर रचा इतिहास।
कहते हैं कि प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती। यह कथन सत्य सिद्ध किया है पं0 रामरतन राजबहादुर द्विवेदी उ0मा0विद्यालय
अरवल। कहते हैं कि प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती। यह कथन सत्य सिद्ध किया है पं0 रामरतन राजबहादुर द्विवेदी उ0मा0विद्यालय,कबीराखेड़ा हरदोई की मेधावी छात्रा वैष्णवी शुक्ला ने, जिन्होंने शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में जिले भर में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय, अभिभावकों और क्षेत्र का नाम गौरव से ऊँचा कर दिया।
ग्राम मगरौरा निवासी वैष्णवी शुक्ला वर्तमान में पं0 रामरतन राजबहादुर द्विवेदी उ0मा0 विद्यालय कबीराखेड़ा की कक्षा 9 की छात्र हैं और इन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा भी इसी स्कूल से प्राप्त की है।इनके पिता देवेश कुमार शुक्ल पूर्व प्रधान रह चुके हैं और वर्तमान में पं0 रामरतन मेमोरियल शिक्षण संस्थान में प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत हैं।इनकी माता संगीता शुक्ला हिन्दी विषय से परास्नातक की डिग्री प्राप्त है,और कुशल ग्रहणी हैं।विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेश कुमार शुक्ल सहित समस्त शिक्षकों व छात्रों ने वैष्णवी शुक्ला को हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार की सामूहिक उपलब्धि है। उन्होंने वैष्णवी की सफलता को समर्पण, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति गहन अनुराग का प्रतीक बताया।
विद्यालय संस्थापक सुभाष द्विवेदी ने इस ऐतिहासिक सफलता को भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया और यह विश्वास व्यक्त किया कि वैष्णवी की तरह अन्य छात्र भी अपनी मेहनत से संस्थान का नाम रोशन करते रहेंगे। "यह सम्मान मेरे विद्यालय, मेरे गुरुजनों और माता-पिता के आशीर्वाद का परिणाम है," – वैष्णवी शुक्ला ने विनम्रता से कहा। इस गौरवपूर्ण क्षण ने न सिर्फ वैष्णवी शुक्ला के परिवार, अपितु पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व की लहर दौड़ा दी है। शिक्षा के क्षेत्र में यह एक प्रेरणादायक उपलब्धि मानी जा रही है।
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