Sambhal: असम में नफरत फैलाने वाले विज्ञापन पर भड़के जियाउर्रहमान बर्क, बोले– यह संविधान और कानून के राज पर सीधा हमला।
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने असम में सामने आए एक विवादित विज्ञापन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे न सिर्फ
उवैस दानिश, सम्भल
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने असम में सामने आए एक विवादित विज्ञापन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे न सिर्फ शर्मनाक बल्कि आपराधिक कृत्य बताते हुए भारतीय संविधान और कानून के राज पर सीधा हमला करार दिया है।
जियाउर्रहमान बर्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट करते हुए कहा कि असम में जो कुछ हो रहा है, वह किसी एक बयान या विज्ञापन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक खतरनाक सोच का परिणाम है। उन्होंने लिखा कि पहले “मियां मुसलमान” का वोट नहीं चाहिए जैसे बयान दिए गए, फिर अल्पसंख्यकों को इतना परेशान करने की बात कही गई कि वे राज्य छोड़ने को मजबूर हो जाएं और अब उसी सोच को एक विज्ञापन के जरिए गोली चलाने की तस्वीर में बदल दिया गया है। सपा सांसद ने आरोप लगाया कि असम में संविधान अब सिर्फ किताबों तक सिमट कर रह गया है। उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ लेने वाला मुख्यमंत्री कम से कम उसके मूल्यों की रक्षा तो करे। जियाउर्रहमान बर्क ने इस पूरे मामले को कानून के राज के अंत की साजिश बताते हुए कहा कि सबसे खतरनाक पहलू यह है कि कमजोर और “दूसरे” माने गए वर्ग के खिलाफ खुले नरसंहार की सोच को वैध बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने खास तौर पर इस बात पर आपत्ति जताई कि यह विज्ञापन बीजेपी असम के आधिकारिक पेज से साझा किया गया। बर्क ने मांग की कि नफरत फैलाने वालों और उनके राजनीतिक संरक्षकों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि या तो दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, या फिर साफ तौर पर स्वीकार किया जाए कि आज के भारत में नफरत को सत्ता का संरक्षण हासिल है। उनके अनुसार, अब बीच का कोई रास्ता नहीं बचा है।
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