Kanpur News: ज़िलई जमिअत अहलेहदीस ने मुसलामानों को ईदुलफ़ित्र की मुबारकबाद।
मोहम्मद वासिफ अमीर ज़िलई जमिअत अहलेहदीस कानपुर सोसाइटी (रजि) ने कहा : मजलिस आमला व शूरा की जानिब से हम आप तमाम....
कानपुर। मोहम्मद वासिफ अमीर ज़िलई जमिअत अहलेहदीस कानपुर सोसाइटी (रजि) ने कहा : मजलिस आमला व शूरा की जानिब से हम आप तमाम अहले कानपुर को ईदुलफ़ित्र की पुरखुलूस मुबारकबाद पेश करते हैं और दुआ करते हैं कि अल्लाह आपके दामन को खुशियों से भर दे और आपके घरों में मसर्रत की बहार लाए और आपके रोज़ों, सदक़ात, क़यामुल्लैल, नवाफिल और दीगर इबादात को शरफ़े क़ुबूलियत से नवाज़े रमज़ानुल मुबारक का अज़ीम बाबरकत महीना हमसे रुखसत हो गया और हमको तक़वा व परहेज़गारी का रज़ा ए इलाही हासिल करने का क़ुरआन व सुन्नत को मज़बूती से पकड़े रहने, सहाबह इकराम अस्लाफ ए इकराम के तरीके और मन्हज पर चलने अखुत व भाई चारगी और सही दीन पर सिर्फ एक माह नहीं बल्कि हमेशा चलते रहने का दर्स दे गया है।
जनाब मोहम्मद वासिफ अमीर ज़िलई जमिअत अहलेहदीस कानपुर सोसाइटी ने मुसलमान ए कानपुर को ये पैग़ाम भी दिया कि ईद के मौक़े पर अपनी खुशियों में अपने अहले खाना के साथ साथ ग़रीबों, मोहताजों, मिस्कीनों और अपने मुस्लिम व ग़ैर मुस्लिम पड़ोसियों को भी शरीक रखें क्यूंकि हमारे नबी (स) ने फ़रमाया '' मुझे जिब्रईल (अ) पड़ोसी के साथ हुसन सुलूक करने की हमेशा ताक़ीद करते रहे यहां तक कि मुझे ग़ुमान होने लगा कि ये उसे वारिस बना देंगे ''इस लिए इस्लाम ने सदक़तुल फ़ित्र का अहम् निज़ाम क़ायम किया जिसका मक़सद है कि हर गऱीब और मोहताज शख्श भी ईद की खुशियों में शरीक हो सके और ईद के दिन भूका ना रहे।
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इसलिए ज़िलई जमिअत अहलेहदीस कानपुर सोसाइटी ईद से एक रोज़ क़ब्ल सेवइयां और कुछ मेवात के पैकेट्स गुरबा व मसाकीन में तक़सीम करती है अमीर जमिअत ने मुसलामानों से अपील करते हुए कहा कि ईद के मौके पर भी नबी करीम (स) को अपना उसवा और आइडियल मानते हुए शरई हुदूद में रहकर ईद की खुशियां मनाएं शराब नोशी, जुआँ, ख़वातीन के साथ छेड़ छाड़ और किसी भी शख्श का दिल दुखाना इस तरह के हराम कामों से परहेज़ करें
इस तरह हर मुसलमान को ईद की मुबारकबाद पेश करते हुए नबी करीम (स) का और अस्लाफ उम्मत का तरीका अख्तियार करना चाहिए जैसा कि ईद की मुबारकबाद पेश करते हुए ये दुआ अपने भाई को दें कि '' तक़ब्बलल्लाहु मिन्ना व मिनकुम '' अल्लाह हमारे और आप के नेक आमाल को क़ुबूल फरमाए!
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