Viral: शादी के 45 दिन बाद पत्नी ने फूफा के साथ मिलकर करवाई पति की हत्या, बिहार के औरंगाबाद में सनसनीखेज हत्याकांड।
बिहार के औरंगाबाद जिले में एक चौंकाने वाला हत्याकांड सामने आया है, जो मेघालय के कुख्यात हनीमून मर्डर की याद दिलाता है। 24 जून 2025 की रात....
बिहार के औरंगाबाद जिले में एक चौंकाने वाला हत्याकांड सामने आया है, जो मेघालय के कुख्यात हनीमून मर्डर की याद दिलाता है। 24 जून 2025 की रात को नवीनगर रेलवे स्टेशन से लौट रहे 25 वर्षीय प्रियांशु कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जांच में यह खुलासा हुआ कि इस जघन्य अपराध की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि उनकी नवविवाहिता पत्नी गूंजा सिंह थी, जिसने अपने सगे फूफा जीवन सिंह के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। पुलिस ने गूंजा सिंह और दो अन्य सह-आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि जीवन सिंह अभी फरार है। यह मामला 15 साल पुराने अवैध संबंध, सामाजिक दबाव, और एक सुनियोजित साजिश की कहानी बयां करता है।
24 जून 2025 की रात, प्रियांशु कुमार सिंह वाराणसी से ट्रेन के जरिए अपने गांव लौट रहे थे। औरंगाबाद के नवीनगर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर उन्होंने अपनी पत्नी गूंजा सिंह को फोन कर अपनी लोकेशन बताई। टाइम्स ऑफ इंडिया और न्यूज18 के अनुसार, गूंजा ने इस जानकारी को तुरंत अपने फूफा जीवन सिंह को दिया, जिसने पहले से तैनात शूटरों को प्रियांशु का पीछा करने और हत्या करने का निर्देश दिया। प्रियांशु को बाइक से घर लौटते समय अज्ञात हमलावरों ने घेर लिया और गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने शुरू में इसे कॉन्ट्रैक्ट किलिंग माना, लेकिन जांच ने एक भयावह साजिश का पर्दाफाश किया। औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंबरीष राहुल ने बताया कि गूंजा सिंह (27) और उनके फूफा जीवन सिंह (55) के बीच 15 साल से अवैध संबंध थे। गूंजा की शादी प्रियांशु से होने के बाद यह संबंध बाधित हो गया, जिसके चलते दोनों ने प्रियांशु को रास्ते से हटाने की साजिश रची। गूंजा ने पूछताछ में साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की, और पुलिस ने उसके मोबाइल फोन से कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर साजिश की पुष्टि की।
- साजिश और गिरफ्तारी
पुलिस जांच में पता चला कि जीवन सिंह ने झारखंड के गढ़वा जिले के दो व्यक्तियों, जयशंकर चौबे और मुकेश शर्मा, को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के लिए नियुक्त किया था। इन दोनों ने सिम कार्ड और अन्य लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की। 2 जुलाई 2025 को गूंजा सिंह, जयशंकर चौबे, और मुकेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, मुख्य आरोपी जीवन सिंह अभी फरार है, और पुलिस ने उसकी तलाश के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है।
गूंजा ने पुलिस को बताया कि वह बचपन से अपने फूफा के घर रहती थी और वहीं पढ़ाई करती थी। इस दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, और 15 साल तक उनका प्रेम संबंध चला। शादी के लिए सामाजिक दबाव के कारण गूंजा को प्रियांशु से विवाह करना पड़ा, लेकिन वह इस शादी से खुश नहीं थी। उसने और जीवन ने मिलकर शादी के मंडप से ही हत्या की साजिश शुरू कर दी थी।
- मेघालय हत्याकांड से प्रेरणा
पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स में इस मामले की तुलना मेघालय के चर्चित हनीमून मर्डर से की जा रही है, जहां मई 2025 में सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाह के साथ मिलकर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या करवा दी थी। टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया कि गूंजा ने इस मामले से प्रेरणा ली थी, जो उस समय राष्ट्रीय सुर्खियों में था। यह समानता दोनों मामलों में नवविवाहित पत्नियों द्वारा अपने प्रेमियों के साथ मिलकर सुनियोजित हत्याओं को दर्शाती है।
- पुलिस जांच और सबूत
औरंगाबाद पुलिस ने गूंजा की गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें जीवन सिंह और शूटरों के साथ उसकी लगातार बातचीत के सबूत मिले। जीवन के कॉल रिकॉर्ड्स से भी शूटरों के साथ उसके संपर्क की पुष्टि हुई। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और सिम कार्ड्स जब्त किए हैं। एसपी अंबरीष राहुल ने कहा, “यह एक सुनियोजित साजिश थी। गूंजा ने अपने पति की लोकेशन शूटरों को दी, जिसके आधार पर हत्या को अंजाम दिया गया।”
पुलिस ने गूंजा के गांव से भागने की कोशिश करने पर उस पर संदेह जताया, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई। प्रियांशु के परिवार वालों ने भी गूंजा के व्यवहार पर शक जताया था, जिसने जांच को गति दी।
इस हत्याकांड ने बिहार और पूरे देश में सामाजिक और नैतिक बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया, खासकर एक्स पर, लोगों ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, “45 दिन की शादी, लेकिन दिल में पहले से बसा था धोखा। मोहब्बत जब हैवानियत बन जाए, तो इंसानियत भी शर्मिंदा हो जाती है।” (@Vihan_Rathor) एक अन्य यूजर ने इसे सामाजिक मूल्यों के पतन से जोड़ा, “15 साल से फूफा के साथ अफेयर और शादी के बाद भी हत्या? यह समाज में नैतिकता की कमी को दर्शाता है।” (@JyotiDevSpeaks)
यह मामला सामाजिक दबाव में विवाह और अवैध संबंधों जैसे जटिल मुद्दों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जबरन शादियां और व्यक्तिगत इच्छाओं को दबाने से इस तरह की आपराधिक प्रवृत्तियां जन्म ले सकती हैं। साथ ही, यह घटना कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की बढ़ती प्रवृत्ति और ग्रामीण क्षेत्रों में हथियारों की आसान उपलब्धता पर भी सवाल उठाती है।
औरंगाबाद पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई की। गूंजा और दो सह-आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 120बी (आपराधिक साजिश), और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जीवन सिंह की तलाश के लिए छापेमारी जारी है, और पुलिस ने पड़ोसी राज्यों में भी अलर्ट जारी किया है।
औरंगाबाद का यह हत्याकांड न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों पर गहरे सवाल उठाता है। गूंजा सिंह और जीवन सिंह की साजिश ने एक नवविवाहित युवक की जान ले ली और एक परिवार को बिखेर दिया।
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