अयोध्या नगरी गंगा जमुना की तहजीब पर है, जहां पर कई धर्मो के देव स्थान, कुंड  घाट,सागर देखने व घूमने के योग्य है ।

श्री राम की धर्म नगरी अयोध्या गंगा जमुना की तहजीब पर है, जहां पर कई धर्मों के मंदिर, गुरुद्वारा, मकबरा,  बाड़ी, कुंड सरोवर घाट तपो स्थलीआदि...

Sep 3, 2024 - 16:15
 0  73
अयोध्या नगरी गंगा जमुना की तहजीब पर है, जहां पर कई धर्मो के देव स्थान, कुंड  घाट,सागर देखने व घूमने के योग्य है ।
  • अयोध्या के आस-पास बेहद खूबसूरत और प्राकृतिक सुंदरता भी देखने को मिलती है।

रिपोर्ट- देव बक्श वर्मा

अयोध्या: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की धर्म नगरी अयोध्या गंगा जमुना की तहजीब पर है, जहां पर कई धर्मों के मंदिर, गुरुद्वारा, मकबरा,  बाड़ी, कुंड सरोवर घाट तपो स्थलीआदि  देखने व घूमने के योग्य है। वैसे तो अयोध्या अब काफी बदल गई है सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद राम मंदिर ही नहीं एयरपोर्ट फोरलेन सदके रामपट भक्ति पथ बस अड्डा रेलवे स्टेशन परिक्रमा मार्ग रिंग रोड हुआ 90 अयोध्या का विकास आज हो रहा है और हुआ है जिस कारण अयोध्या में देश-विदेश के लोग आकर के घूमने देखना दर्शन करना आज चाहते हैं।

उनके रोकने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था किया गया है अब सवाल उठता है कि राम  मंदिर के अलावा और घूमने के लिए कहाँ- कहाँ जाएं?अयोध्या  एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जिसका धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों तरह से बहुत ही बड़ा महत्व है. अयोध्या में अनेक धार्मिक एवं प्राचीन स्थल स्थित हैं, जो हिंदू धर्म के लिए आदर्श और प्रतिष्ठित माने जाते हैं। इन सभी के अलावा पूरे अयोध्या में और अयोध्या के आस-पास बेहद खूबसूरत और प्राकृतिक सुंदरता भी देखने को मिलती है।

अयोध्या के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण  इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित  कर दिया है। भगवान् श्री राम की नगरी अयोध्या में  मन्दिर हैं। और इन सभी मंदिरों में तथा अयोध्या के सभी दर्शनीय स्थल व मंदिरों के मध्य ज्यादा दूरी नहीं है। आप पैदल या रिक्शे से  या बैट्री रिक्शे से भीअयोध्या के प्रमुख स्थानों का भ्रमण कर सकते हैं।

  • राम जन्म भूमि अयोध्या

अयोध्या मे श्री राम की जन्म भूमि है और यह हिंदुओं के लिए आस्था का केंद्र, एक पवित्र तथा धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। इस मन्दिर का निर्माण बारहवीं शताब्दी में हुआ था. परंतु इसके बावजूद इसमें कई बार बदलाव हुआ. 1528 में मुग़ल सम्राट बाबर के द्वारा इस स्थान पर मस्जिद बनाई गयी थी। जिसके बाद हिंदुओं ने इसे अपने धार्मिक स्थल के रूप में खो दिया था।  2020 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भगवान राम की जन्म भूमि पर अयोध्या राम मन्दिर बना और इसका भूमि पूजन 5 अगस्त 2020 को किया गया   मन्दिर का निर्माण हुआ। 

  • हनुमान गढ़ी अयोध्या

भगवान श्री राम के अनन्य भक्त हनुमान जी का मन्दिर हनुमान गढ़ी अयोध्या में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है. हनुमान गढ़ी मन्दिर हनुमान जी को समर्पित है। हनुमान गढ़ी मन्दिर हनुमान जी के भक्ति, श्रद्धा, इतिहास, कथाएँ, और कृतियों से संबंधित है. यह मन्दिर अयोध्या में स्थित होने के कारण राम भक्तों के लिए एक प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थल है। इस मन्दिर में हनुमान जी की भव्य मूर्ति  स्थापित है।  यहां पर भक्तों को अध्यात्मिक सुकून मिलता है। यहां आकर उन्हें अपने आस-पास की शांति और सुंदरता का आनंद  उठाने का मौका मिलता है। 

  • कनक भवन अयोध्या

कनक भवन मन्दिर अयोध्या के सबसे फेमस मंदिरों में से एक है।   कनक भवन मन्दिर में हमेशा भक्ति और श्रद्धा से भक्तों की भारी भीड़ रहती है। यह मन्दिर भगवान राम एवं माता सीता के प्रेम के रूप में प्रतिष्ठित है। ऐसी मान्यता है कि कनक भवन को माता कैकेयी ने सीता जी को मुँह दिखाई की रस्म में उपहार स्वरूप दिया था।  यह मन्दिर बारहवीं शताब्दी में बनाया गया था। मन्दिर के नाम का ” कनक ” शब्द भगवान राम की विशेषता को दर्शता है, क्योंकि इस मन्दिर की मूर्तियाँ स्वर्णिम चित्रकारी से सजायी गयी हैं।  

  • गुलाब बाड़ी अयोध्या

गुलाब बाड़ी फैजाबाद (अवध) जिसका अब नाम अयोध्या कैंट है के तीसरे नवाब , नवाब शुजा उद् दौला और उनके माता पिता का मकबरा स्थित है।इस जगह को गुलाब के बगीचे के नाम से जाना जाता है। यहाँ पर खूब सारे गुलाब लगाएं गयें हैं जो अपनी सुंदरता से लोगों को अपनी तरफ़ आकर्षित करते हैं। लोग दूर- दूर से यहां घूमने और इसे देखने आते हैं। आप भी अयोध्या घूमने आयें तो राम मन्दिर के साथ- साथ यहां भी घूमे।

  • देवकाली मन्दिर अयोध्या

देवकाली मन्दिर  महाकाव्य के  प्रसंगो में पाया जाता है।  माना जाता है यह स्थान देवकाली जिन्हें भगवान् श्री राम की कुलदेवी होने का गौरव प्राप्त है.  ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त यहां पर आकर अपनी जो भी मनोकामना हो उसे पूरी करने के लिये प्रार्थना करते हैं, उनकी हर इच्छा पूरी होती है। तो आप जब भी अयोध्या घूमने आयें तो देवकाली  जरुरआयें ।  भगवान् श्री राम की कुलदेवी बड़ी देवकाली मन्दिर में एक ही शिला में तीन देवियां विराजित हैं. महाकाली, महासरस्वति, महालक्ष्मी. माना जाता है देश भर में कुल  दो ही ऐसे मन्दिर हैं जहां पर एक ही शिला में तीन देवियां विराजती हैं, पहला माता वैष्णों देवी और दूसरा अयोध्या की मां बड़ी देवकाली। 

  • मणि पर्वत अयोध्या

मणि पर्वत 65 फिट ऊँचा है।  अयोध्या के इस मणि पर्वत पर ऊपर पहुँचने के लिये आपको 101 सीढियाँ चढ़कर मन्दिर तक पहुँचना होगा।वहां मन्दिर पर पहुँचकर आप ऊपर से पूरे शहर का सुंदर नजारा देख सकते हैं अयोध्या घूमने या दर्शन करने जो भी लोग यहां आते हैं। 

  • काले राम मन्दिर अयोध्या

अयोध्या में नागेश्वर नाथ मन्दिर के बगल में स्थित है काले राम का मन्दिर  बहुत ही प्रसिद्ध है,  इसे अयोध्या का स्वर्ग द्वार भी कहा जाता है।माना जाता है कि इसी सुंदर जगह  में भगवान राम ने अश्वमेध यज्ञ किया था । हिमाचल प्रदेश के एक राजा ने लगभग तीन शताब्दी पूर्व इस मंदिर का निर्माण करवाया था ।बाद में इंदौर  की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने इसका जीर्णोद्वार करवाया ।यहाँ स्थापित मूर्तियां काले पत्थर से निर्मित हैं ।ऐसा माना जाता है कि ये मूर्तियां राजा विक्रमादित्य के युग की हैं।

  • गोरे राम मन्दिर अयोध्या

गोरे राम मंदिर में भी भगवान राम विराजमान हैं.  माना जाता है सैकड़ों वर्ष पहले ग्वालियर के राजा गिटार साहिब और उनके माता के द्वारा गोरे राम मंदिर की स्थापना की गई। अयोध्या में लगभग 7000 मठ मंदिर हैं. जहां पर अनेक भक्तों के द्वारा मंदिर की स्थापना की गई है. उसी प्रकार से गोरे राम मंदिर की भी स्थापना हुई है. जिसका नामकरण भक्तों के द्वारा अपने भावनाओं के अनुरूप किया गया है।  यह मन्दिर भी नागेश्वर नाथ मन्दिर के बगल में ही स्थित है, मान्यता है कि भक्त के द्वारा माँगी गयी मनोकामना भगवान बहुत जल्द ही पूरी करते हैं।

  • सुग्रीव किला अयोध्या

भगवान राम की नगरी अयोध्या में स्थित त्रेतायुग का सुग्रीव किला बिड़ला धर्मशाला के बगल तथा हनुमान गढ़ी परिसर में ही स्थित है सुग्रीव किला। तथा इसी किले अंदर गरुङ स्तंभ भी स्थित है साथ ही सुग्रीव किले के अंदर ही स्थित है राम दरबार तो आप अयोध्या घूमने आयें तो सुग्रीव किला अवश्य घूमें। माना जाता है यहां पर दर्शन से लोगों से शत्रुता समाप्त होती है।तो इसलिए  लोग  जब भी अयोध्या घूमने या दर्शन करने आते हैं तो सुग्रीव किला अवश्य घूमते हैं।

  • शेषावतार मन्दिर अयोध्या

अयोध्या में सरयू तट पर स्थित लक्ष्मण घाट पर शेषावतार मन्दिर स्थित है। इस मन्दिर का भी  अपना  अलग ही महत्व है।  जो भी भक्त अयोध्या घूमने या दर्शन करने आते हैं वे लक्ष्मण घाट के इस शेषावतार मन्दिर में दर्शन अवश्य करते हैं। इसलिए अब जब भी आप अयोध्या आयें तो  सरयू स्नान के बाद शेषावतार मन्दिर में भगवान राम, लक्ष्मण, और नाग देवता के दर्शन अवश्य करें।

  • नया घाट अयोध्या

अयोध्या का नया घाट चौराहा और लता मंगेशकर चौक दोनों  साथ पड़ते हैं तो अगर आप अयोध्या भगवान श्री राम के दर्शन करने जा रहें हैं तो आपको नया घाट अयोध्या  जरूर घूमें।नया घाट पर भी लोग स्नान करते हैं और नदी में ही सूर्य को जल देते हैं। इसके साथ ही माना जाता है कि नया घाट पर सरयू के पानी में डुबकी लगाने से आत्मा शुद्ध हो जाती है और जीवन में किये सारे पाप धुल जाते हैं। यहां दूर-दूर से पर्यटक इस अनुष्ठान में भाग लेने, आशीर्वाद, आध्यात्मिक नवीनीकरण और अपने विश्वास से जुड़ने के लिए आते हैं। नया घाट का शांत वातावरण आत्मनिरीक्षण, ध्यान और भक्ति को प्रोत्साहित करता है। कई पर्यटक यहां इस नया घाट की शांति में सांत्वना पाते हैं। इसके साथ ही नया घाट पर  अयोध्या में वार्षिक “दीपोत्सव” या “श्रवण झूला मेला” उत्सव में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां पर श्रावण माह  के दौरान मनाया जाने वाला यह श्रवण झूला मेला त्योहार भगवान राम के जन्म और बचपन की लीलाओं का स्मरण कराता है। तथा इस समय यह नया घाट उत्सव का केंद्र बिंदु बन जाता है।  नया घाट पर भी स्नान एवं यहां की अदभुद अलौकिक वातावरण का आनंद अवश्य उठाएं।

  • छोटी छावनी अयोध्या

अयोध्या में छोटी छावनी अयोध्या  में स्थित है। अयोध्या में यह छोटी छावनी जो पूरी तरह से सफेद संगमरमर से बनाया गया है। यह वाल्मिकी भवन के नाम से भी प्रसिद्ध है और आज के समय में इसे मणिरामदास छावनी के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थान इतना मनमोहक है की जो लोग भी अयोध्या दर्शन करने व घूमने आते हैं वे छोटी छावनी कम से कम एक अवश्य घूमते हैं। बताया जाता है की बाकी छावनियों की अपेक्षा यहां पर चहल पहल सबसे ज्यादा देखी जाती है।  

  • बड़ी छावनी

बड़ी छावनी अयोध्या शहर से दूर, एक किनारे में लगभग तीन एकड़ जमीन पर बनी है तथा इसके चारों तरफ बड़ी- बड़ी चारदीवारी है और आने-जाने के लिए एक दरवाजा है। इसे बड़ी छावनी इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां पर बहुत पहले एक संन्यासी अपने साथ बारह सौ साधु-संतों के साथ घूमते हुए अयोध्या आए।  इस छावनी के पहले महंत श्री रघुनाथ दास जी महाराज ने उन्हें और उनके साथी साधुओं को यहां साल भर के लिए रोका। तभी इसे बड़ी छावनी कहते हैं। बड़ी छावनी के बीच में एक मंदिर है और चारों तरफ  कमरे बने हैं।

  • सूरजकुंड अयोध्या

सूरजकुंड अयोध्या के पास में अयोध्या से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर दर्शन नगर में चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित है। भगवान राम के कुल देवता भगवान भास्कर का यह पौराणिक सूर्य मंदिर और सूर्य कुंड इन दिनों पर्यटकों के लिए आकर्षण का खास केंद्र बना हुआ है। जबसे यूपी सरकार ने सूर्य कुंड का जीर्णोद्धार कराया, तब से यह भी सूर्य की तरह चमकने लगा है। माना जाता है कि इस मन्दिर का निर्माण 19 वी शताब्दी में अयोध्या के दर्शन सिंह ने करवाया था। एक और मान्यता के अनुसार सूर्य कुंड वह जगह है जहां पर भगवान सूर्य देवता भगवान राम के जन्म के बाद उनकी बाल लीलाओं का दर्शन करने के लिये  करीब एक महीने तक रुके थे। और इसी जगह से भगवान सूर्य ने भगवान राम की बाल लीलाओं के दर्शन किया था। सूर्यदेव का रथ यहां करीब एक महीने रहा था जिसकी वजह से अयोध्या में त्रेतायुग में उस वक्त एक महीने रात नहीं हुई थी, इसका वर्णन रामचरितमानस की चौपाइयों में  मिलता है। आप जब भी अयोध्या घूमने आयें तो अयोध्या  के दर्शन नगर में स्थित इस सूर्य कुंड और सूर्य मन्दिर के दर्शन करें और घूमें। 

  • गुप्तार घाट 

गुप्तार घाट और गुप्ता घाट मंदिर अयोध्या फैजाबाद के पश्चिमी छोर पर कैंटोनमेंट बोर्ड के बगल बस है बताया जाता है कि भगवान राम अपनी संपूर्ण लीला को समाप्त करके यही से अपने परमधाम को गए थे जिस कारण इस स्थान का नाम गुप्तार घाट पड़ा है यह बहुत सुंदर ही रमणीय स्थल है और इसे अब पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कर दिया गया है जहां पर बड़े संख्या में श्रद्धालु आते हैं और अपने आराध्य का दर्शन पूजन करते हैं और भगवान राम के परम धाम जाने के स्थान पर स्नान करते हैं

  • भरत कुंड

भरत कुंड अयोध्या से करीब 15 किलोमीटर दूर प्रयागराज रोड पर स्थित है भगवान राम जब 14 वर्षों के लिए वनवास गए थे और भरत जी उन्हें अयोध्या वापस लाने के लिए चित्रकूट तक गए थे रामजी के न लौटने पर उनकी खड़ाऊ को लेकर 14 वर्षों तक इसी भरत कुंड पर तपस्या किए थे  भरत कुंड में एक बहुत बड़ा विशाल सागर है हनुमान भरत मिलाप मंदिर है भरत की तपोभूमि है जिसे अपना अलग ही महत्व है और यहां पर साल में कई बार मेला लगता है। 

  • श्रृंगी ऋषि आश्रम

 अयोध्या से पूरब तरफ सरजू नदी के तट पर श्रृंगी ऋषि का आश्रम है जहां पर मंदिर बना है और दूर दराज से आने वाले लोग श्रृंगी ऋषि के आश्रम में पहुंचकर दर्शन पूजन करते हैं। 

  • दंत धावन कुंड

अयोध्या में दंत धावन कुंड  है। स्कंदपुराण के अनुसार बताया जाता है की भगवान राम अपने चारों भाईयों सहित इसी कुंड पर दातून करने व स्नान करने आया करते थे, तभी से इसका नाम दंत धावन कुंड पड़ा। तो आप अगर अयोध्या घूमने जा रहें हैं तो अयोध्या में स्थित इस दंत धावन कुंड अवश्य घूमें इससे आपको यहां पर एक अलग ही अध्यात्मिक जुड़ाव का अनुभव प्राप्त होगा।

  • राम कथा संग्रहालय

अयोध्या में राम कथा संग्रहालय सरयू के तट पर राम कथा पार्क के पास में स्थित है। राम कथा संग्रहालय परिसर 3 एकड़ जमीन पर स्थित है। इसके दो मंजिला भवन में 7 गैलरी हाल, आडोटोरियम और राम दरबार बने हैं। इसी भवन में इस समय अयोध्‍या शोध संस्‍थान का दफ्तर भी संचालित है।इसके साथ ही राम कथा संग्रहालय में भगवान राम के जीवन से संबंधित चित्रों, तस्वीरों और कलाकृतियों का उत्कृष्ट संग्रह रखा गया है।  यहां पर पेंटिंग, तस्वीरों और कलाकृतियों के असाधारण संग्रह के साथ, राम कथा संग्रहालय  पर्यटकों एवं आगंतुकों को भगवान राम के जीवन की एक आकर्षक यात्रा पर ले जाता है।  आप राम कथा संग्रहालय में भगवान् श्री राम के समय के मिले पुरातत्त्वों को देख पाएंगे और उनके बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर पाएंगे।

  • अमावा राम रसोई अयोध्या

अगर आप अयोध्या घूमने जा रहें हैं तो आप यहां राम मन्दिर के बगल में ही स्थित अमावा राम रसोई में अगर खाना नहीं खाया तो समझिये आपने ने कुछ नहीं खाया।  आप यहां प्रसाद ग्रहण करते हैं। 

  • दिगंबर जैन मन्दिर अयोध्या

अयोध्या में जितनी राम भक्तों की आस्था के लिये प्रसिद्ध है उतनी ही जैन धर्म के अनुयायियों के लिये भी जानी जाती है। दिगंबर जैन मन्दिर अयोध्या के रायगंज इलाके में स्थित है यह जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। जैन धर्म में अयोध्या का गहरा धार्मिक महत्व है क्योंकि यह वह स्थान है जहां विभिन्न तीर्थंकरों के 18 ‘कल्याणक’ के जीवन की शुभ  घटनाएं घटी थीं। विशेष रूप से, यह पांच तीर्थंकरों का जन्मस्थान है.आदिनाथ, अजितनाथ, अभिनंदननाथ, सुमतिनाथ और अनंतनाथ। बताया जाता है फैजाबाद के नवाब के कोषाध्यक्ष केसरी सिंह ने इन श्रद्धेय तीर्थंकरों के जन्मस्थानों की स्मृति में इस क्षेत्र में पांच जैन मंदिरों की स्थापना की। इनमें प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव को समर्पित भव्य मंदिर है, जिन्हें आदिनाथ, पुरदेव, वृषभदेव और आदि ब्रह्मा के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर, जिसे बड़ी मूर्ति भी कहा जाता है, में ऋषभदेव की 31 फीट ऊंची संगमरमर की भव्य मूर्ति है।जैन संप्रदाय से संबंधित दिगंबर जैन मंदिर को हाल ही में आचार्य रत्न देशभूषणजी महाराज और आर्यिका ज्ञानमती माताजी के मार्गदर्शन में विकसित और संवर्धित किया गया है, जिससे यह जैन धर्म में एक प्रमुख तीर्थस्थल बन गया है। 

  •  ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा, अयोध्या

श्री राम मन्दिर से कुछ सौ मीटर पूर्व में स्थित, ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा है। माना जाता है कि यह वही स्थान है जहाँ पर चिमटाधारी संत वैष्णवदास ने गुरु गोविंद सिंहजी को उनके निहंग योद्धाओं के साथ मुगल सम्राट औरंगजेब के आक्रमणों पर काबू पाने के लिए सैन्य रणनीति बनाने के लिए आमंत्रित किया था। यहाँ आज भी विजयी निहंग सेनाओं के हथियार देखे जा सकते हैं। गुरुद्वारे के बारे में यह भी बताया जाता है कि 1557 में गुरु नानक देवजी ने भी इस गुरुद्वारे का दौरा किया था और 1725 में गुरु तेग बहादुर ने भी यहाँ आकर दो दिनों तक लगातार ध्यान किया था।उसके बाद से ही सिक्खों का यह प्रमुख स्थान बन गया।

  • बहू बेगम का मकबरा, अयोध्या

बहू बेगम का मकबरा फैजाबाद जिसका नाम अब अयोध्या कैंट कर दिया गया है शहर में मकबरा रोड पर स्थित है जिसे “पूर्व का ताजमहल” के रूप में  भी जाना जाता है। बताया जाता है फैजाबाद में स्थित यह मकबरा नवाब शुजा-उद-दौला की पत्नी और बेगम उन्मतुज़ोहरा बानो को समर्पित यह अद्वितीय मकबरा, फैजाबाद में सबसे ऊंचा स्मारक है और अपनी गैर-मुगल स्थापत्य प्रतिभा के लिए प्रसिद्ध है। अवधी वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण, बहू बेगम का मकबरा में तीन गुंबद हैं, जटिल रूप से डिजाइन किए गए आंतरिक भाग और अद्भुत तरीके से बनाई गई यहां की दीवारें और छत हैं। 1816 में निर्मित यह मकबरा शुजा-उद-दौला की बेगम की याद में, जहां उन्हें मृत्यु के बाद दफनाया गया था, बनाया गया था।आज भी यह परिसर, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण  के तहत एक संरक्षित स्थल है.परिसर के सामने के बगीचों बेहद खूबसूरती से बनाया गया है।

इसे भी पढ़ें:- जीवन परिचय: पदम् भूषण हिन्दुस्तान के गौरव, विश्व के महानतम खिलाड़ी हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ।

इस प्रकार अयोध्या सर्व धर्म का केंद्र है गंगा जमुनी तहजीब कायम है हिंदुओं के मंदिर हैं मुसलमान के मकबरा गुलाब बाड़ी मौजूद हैं जैनियों के मंदिर हैं सिखों के गुरुद्वारे हैं इसलिए सभी धर्म के लोग अयोध्या आते हैं हां इतना जरूर है कि अयोध्या एक धार्मिक नगरी है मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी है और हिंदुओं का प्रमुख केंद्र बिंदु है जो सरयू नदी के तट पर स्थित है लोग सरयू के सलिल धारा में स्नान करके नागेश्वर नाथ को जलाभिषेक करते हैं अपने आराध्य भगवान श्री राम हनुमान जी कनक भवन आज तमाम मंदिरों के दर्शन पूजन करके अपने मनोकामना की पूर्ति के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।