आयुष्मान आरोग्य मंदिर हथौड़ा को मिला एन्क्वास सर्टिफिकेट
- एन्क्वास प्राप्त करने वाला जिले का पहला आयुष्मान आरोग्य मंदिर
- प्रमाण पत्र स्वास्थ्य विभाग की टीम की मेहनत का परिणाम: जिलाधिकारी
कछौना- हरदोई।
कछौना ब्लाक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर हथौड़ा ने साल 2024-25 का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टेंडर्ड (एन्क्वास) सर्टिफिकेट हासिल किया है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी अधिकारी डा. रोहताश कुमार ने शनिवार को दी। उन्होंने बताया कि यह जनपद का पहला आयुष्मान आरोग्य मंदिर है जिसे एन्क्वास मिला है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। एन्क्वास प्राप्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 1.28 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलती है। दो अगस्त को स्वास्थ्य इकाई का केंद्र सरकार की टीम ने आकर असेस्मेंट किया था।
स्वास्थ्य इकाई ने सभी सात सेवाओं के पैकेज में में 84 फीसद से ज्यादा अंक हासिल किये हैं। इस सफलता का श्रेय आयुष्मान आरोग्य मंदिर के चिकित्सा प्रभारी डा. मुक्तिधवल सहित पूरे स्टाफ को जाता है। उन्होंने एक मिसाल पेश की है। अन्य स्वास्थ्य इकाइयाँ भी इससे प्रेरित होकर एन्क्वास हासिल करें। आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता पर हैं और इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने निर्देश दिए हैं कि साल 2026 दिसम्बर तक सौ फीसद स्वास्थ्य इकाइयों को एन्क्वास मिले। जमीनी स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों को इस दिशा में अथक प्रयास करना है।
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डा. मुक्ति धवल बताते हैं कि एन्क्वास की प्रक्रिया जटिल होती है और इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अन्य जिला स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारियों एवं केंद्र के स्टाफ का पूरा सहयोग है। सबने टीम की तरह काम किया और जिसका परिणाम सामने है। एन्क्वास प्राप्त करने के मानक हैं-सेवा प्रावधान, मरीजों के अधिकार, क्लीनिकल सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण, इनपुट, सहायता सेवाएं और परिणाम। इन सभी मानकों में कम से कम 70 फीसद अंक लाने होते हैं।हमने और हमारी टीम ने इसमें अथक प्रयास किया। इसके बाद हमें इस सर्टिफिकेट को कायम रहने के लिए और प्रयास करने होंगे। एन्क्वास प्राप्त स्वास्थ्य इकाई का हर तीसरे साल असेस्मेंट होता है। हमारा प्रयास होगा कि इस स्वास्थ्य इकाई को पुनः यह सर्टिफिकेट मिले।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में दी जाती हैं 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं...
स्वास्थ्य केंद्र पर मातृ, नवजात, बाल, प्रजनन, किशोरावस्था, गैर संचारी रोगों, संचारी रोगों, मौखिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, नेत्र, नाक, कान, गले, आकस्मिक स्वास्थ्य, वृद्धावस्था तथा पेलियेटिव केयर सहित 12 स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने आरोग्य मंदिर को प्रमाण पत्र मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम की मेहनत का परिणाम है।
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