हरदोई न्यूज़: पाली का खेमपुर हत्याकांड-  एक इलाका, एक महीने में दो मर्डर, पैटर्न और वजह सेम, पढ़ें पूरी खबर। 

Jul 1, 2024 - 14:47
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हरदोई न्यूज़: पाली का खेमपुर हत्याकांड-  एक इलाका, एक महीने में दो मर्डर, पैटर्न और वजह सेम, पढ़ें पूरी खबर। 
  • कत्ल हुए दोनो ही युवा आरोपियों के थे दोस्त, माहौल में घुल रही तल्खी, खाकी की कार्रवाई पर कई प्रश्न

हरदोई। संवेदनशील पाली इलाका फिर सुर्खियों में है। नगर पंचायत चुनाव से पहले हुए दो पक्षों के विवाद ने सामुदायिक हिंसा का रूप ले लिया था। अब महीने भर में दो युवाओं को गोली से उड़ा दिया गया। खास ये कि मरने वाले और मारने वाले, पहले दोस्त थे। 

दरअसल, मरने वाले बहुसंख्यक समुदाय और मारने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के हैं इस से पहले भी राजनीति गरमाई थी और इस मर्तबा भी सियासी गलियारों में हरारत है। हत्या के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन खेमपुर पहुंचे और पीड़ितों को न्याय और आरोपितों पर कठोर कार्यवाही का आश्वासन दिया था। 

पाली इलाके में पूरे हालात पर प्रशासन की कार्रवाई पर कई सवाल हैं। खेमपुर मामले में पुलिस ने पांच सगे भाइयों समेत सात लोगों पर हत्या और बलवा सहित आठ धाराओं में मुकदमा लिखा है। एक मुठभेड़ में जवाबी फायरिंग में पुलिस ने चार आरोपियों को धर लिया है, इसमें सराय कमालुद्दीनपुर निवासी रिजवान व खेमपुर निवासी तौफीक के पैर में गोली लगी है।

खेमपुर के ही आरोपियों रहमान और अबरार भी पुलिस गिरफ्त में हैं, तीन आरोपी फरार हैं। कहारकोला के पास मुठभेड़ में मुख्य आरक्षी विश्वजीत सिंह व आरक्षी विनय कुमार भी घायल बताए गए हैं। घटना में प्रयुक्त लाठी, डंडे, तमंचे, जिंदा व खोखा कारतूस बरामद हुए। पुलिस कप्तान केशव चंद्र गोस्वामी कहते हैं, बाकी तीनों आरोपितों को जल्दी ही अरेस्ट किया जायेगा।

युवराज का कत्ल भूले भी नहीं, हो गया अमन हत्याकांड...

30 मई को पाली में युवराज सिंह की हत्या हुई थी। युवराज को उसके दोस्त ने ही गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले में पुलिस ने मुठभेड़ में चार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस घटना की पृष्ठभूमि में पाली में करणी सेना ने प्रार्थना सभा के जरिए विरोध दर्ज कराया। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मिशन आत्मसंतुष्टि के कर्ता धर्ता राजवर्धन सिंह राजू ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाए जाने की मांग की थी। 

कई दिन तक प्रदर्शन चला। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तगड़ी झड़प हुई। पुलिस ने मुस्लिम परिवार के घर जलाने की साजिश, बलवा सहित कई धाराओं में 30 नामजद और 150 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज लिखा था, इसमें राजवर्धन को पुलिस ने जेल भी भेजा था। हालांकि कुछ दिनों में राजवर्धन को बेल मिल गई थी।

खेमपुर में शनिवार रात हुआ हत्याकांड भी युवराज जैसा है। गांव के छोटे और अबरार चौकीदार हैं। कुछ दिन पीछे छोटे के बेटे अमन और अबरार के बेटे रिज़वान के बीच मारपीट हो गई थी, जिसका केस दर्ज कराया गया था। पुलिस जांच का दावा ही रही थी कि शनिवार रात रिज़वान ने साथियों के साथ अमन के घर धावा बोल दिया।

भीतर घुस कर छोटे के परिजनों की बुरी तरह पिटाई की। जाते-जाते गोली चला दी, नतीजे में अमन और गर्भवती बहन दयावती सहित चार लोग लहूलुहान हो गए। दौरान इलाज इतवार सुबह अमन की मौत हो गई। खबर खेमपुर पहुंची तो स्वाभाविक ही तनाव पसरने लगा। एहतियातन गांव में पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है।

बताते है कि अमन और रिज़वान के बीच पहले दोस्ती थी। बाद में किसी वजह से दोनों में दूरियां हो गईं। मामला इतना आगे बढ़ गया कि दोस्त, दुश्मन हो गए। दोनों मामलों में पुलिस कार्रवाई लचर और दिशाहीन रही। हालत यही रहा तो माहौल नहीं बिगड़ेगा, इसका जवाब और गारंटी दोनों प्रशासन और पुलिस में किसी के पास नहीं है। बहरहाल, आईजी प्रशांत कुमार मौके पर पहुंचे और मौके का जायजा लेने के बाद मातहतों से घटना में जल्दी नतीजा मांगा।

एसपी गोस्वामी कहते है, कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी को नहीं करने दिया जायेगा। बाकी आरोपी जल्दी ही जेल में होंगे। गोस्वामी का दावा अपनी जगह है, पर पाली में महीने भर में दो युवाओं की हत्या की सनसनीखेज वारदातें जिले में खाकी के इकबाल पर सवाल खड़ा कर ही रही हैं, लोगों में पुलिस के जलाल पर भी संदेह का वातावरण लगातार तैयार हो रहा है। बाकी दोनों मामलों में प्रशासन और पुलिस में ’मिस कम्यूनिकेशन’ पर भी प्रश्न तो है ही।

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