मनरेगा एवं पीएम आवास योजना में घोटाला, 2 करोड़ से अधिक का विचलन मिला

विकास खंड क्षेत्र में चार लाख 73 हजार 84 रुपये का विचलन पाया गया। विकास खंड में 4370 रुपये की वित्तीय अनियमितता की भी पुष्टि हुई है जिसकी वसूली के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के सोशल आ...

By INA News Desk
Dec 11, 2024 - 00:23
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मनरेगा एवं पीएम आवास योजना में घोटाला, 2 करोड़ से अधिक का विचलन मिला

By INA News Hardoi.

वित्तीय वर्ष 2024-25 में मल्लावां विकास खंड की 54 ग्राम पंचायतों के सोशल आडिट की रिपोर्ट चौंकने वाली मिली है। आडिट टीम को कुल 629 कमियां मिली, जिनमें से मात्र 183 प्रकरणों का निस्तारण हो सका। आडिट में मिली 446 कमियों में 13 लाख 22 हजार 922 रुपये का विचलन पाया गया। ऐसा ही कुछ हाल कछौना विकास खंड का है, 41 ग्राम पंचायतों के सोशल आडिट में 160 कमियों का निस्तारण नहीं हो सका।

विकास खंड क्षेत्र में चार लाख 73 हजार 84 रुपये का विचलन पाया गया। विकास खंड में 4370 रुपये की वित्तीय अनियमितता की भी पुष्टि हुई है जिसकी वसूली के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के सोशल आडिट में भी कमियां मिली हैं, पिहानी विकास खंड में 126 आवासों की जांच में 121 आवासों में कमियां मिली हैं, मल्लावां विकास खंड में आवंटित 361 प्रधानमंत्री आवासों में से 268 आवासों में कमियां पाई गई हैं। कछौना विकास खंड के 60 प्रधानमंत्री आवासों की जांच में सोशल आडिट टीम को 73 कमियां मिली हैं। हरियावां विकास खंड के 156 प्रधानमंत्री आवास की जांच में 157 कमियां पाई गई हैं। माधौगंज विकास खंड के 146 आवासों की जांच में 142 आवास में कमियां मिली हैं, जिनका निस्तारण नहीं हो सका है।

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हरियावां विकास खंड का भी हाल खराब है, 58 ग्राम पंचायतों के सोशल आडिट में 1308 प्रकरण निस्तारित नहीं हो पाए। इसमें 91 लाख 91 हजार 305 रुपये का विचलन एवं 69 हजार 920 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई। माधौगंज विकास खंड की 77 ग्राम पंचायतों के सोशल आडिट में 955 प्रकरण पाए गए जिसमें से 837 प्रकरण अब तक निस्तारित नहीं हुए हैं। विकास खंड में 38 लाख 48 हजार 382 रुपये का वित्तीय विचलन एवं 26 हजार 220 रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई है।

सांडी विकास खंड में 65 ग्राम पंचायतों के सोशल आडिट में 640 प्रकरण कमियों के पाए गए थे। 281 प्रकरण अब तक निस्तारित नहीं हुए हैं। इन प्रकरणों में 44 लाख 23 हजार 705 रुपये का वित्तीय विचलन एवं 9757 रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई है। पिहानी विकास खंड की 77 ग्राम पंचायतों में 10 लाख 94 हजार 307 रुपये की वित्तीय विचलन व 15 हजार की वित्तीय अनियमितता मिली है। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

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केंद्र सरकार की इन फ्लैगशिप योजनाओं के अंतर्गत करवाए जा रहे कार्य न तो गुणवत्ता युक्त हैं, न हीं ये योजनाएं चिन्हित वर्ग को लाभान्वित कर पा रही हैं। इसकी पोल विकास विभाग के दिशा निर्देशन में करवाए जा रहे सोशल आडिट खोल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में करवाए गए सोशल आडिट की रिपोर्ट प्राप्त हो गई हैं। प्रकरणों को निस्तारित करने के लिए आयोजित की गई बैठकों में भी जो प्रकरण वित्तीय विचलन के थे वो अब तक निस्तारित नहीं हो पाए हैं, उनको निस्तारित करने के लिए उपायुक्त श्रम एवं रोजगार को पत्र लिखा गया है। वित्तीय अनियमितता की धनराशि रिकवरी करने को भी कहा गया है।

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