Hardoi: राहुल गांधी का 'आरक्षण-विरोधी' अलाप अंबेडकर विरोधी इतिहास का हिस्सा- भाजपा
भाजपाइयों ने जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल में संविधान पर राजनैतिक कटाक्ष किये जाने की भी बात कही। कहा कि 1975 में इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर संविधान की आत्मा को कुचला था।
Hardoi News INA.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 'आरक्षण-विरोधी' अलाप अंबेडकर विरोधी इतिहास का ही एक हिस्सा है। इससे पहले भी कांग्रेस द्वारा संविधान को आहत करने वाले बयान दिए जाते रहे हैं। यह बात भाजपा नेताओं ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कही। कहा कि कांग्रेस पार्टी 57 वर्षों तक देश पर शासन किया। इस दौरान कांग्रेस ने अपने राजनैतिक उद्देश्यों को साधने के लिए संवैधानिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग किया और सामाजिक उद्देश्यों की उपेक्षा की। कांग्रेस ने कभी भी संविधान के मूलभूत आरक्षण सिद्धांतों को सही भावना व रूप में लागू करने की राजनैतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई।
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इस बीच भाजपाइयों ने जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल में संविधान पर राजनैतिक कटाक्ष किये जाने की भी बात कही। कहा कि 1975 में इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर संविधान की आत्मा को कुचला था। नेहरू सरकार ने 1956 में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने की काका कालेलकर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। राजीव गांधी ने 3 मार्च 1985 को एससी आरक्षण पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि आरक्षण के माध्यम से हमें बुद्धुओं को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। भाजपाइयों ने कांग्रेस पार्टी के विभिन्न नेताओं द्वारा संविधान पर आधारित कई तथ्यों के बारे में बात करते हुए इसे संविधान का अपमान बताया।
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