कौन है विश्व हरि उर्फ भोले बाबा, हाथरस कांड के विश्व हरी की जन्मकुंडली, पढ़ें पूरी खबर....
सिकंद्राराऊ (हाथरस) में सत्संग के दौरान मची भगदड़ में सैकड़ा से ऊपर मृत श्रद्धालुओं और सैकड़ो घायल लोगों की दर्दनाक घटना पर जिक्र करने से पहले आपको बताना आवश्यक होगा कि इस सत्संग कार्यक्रम को संबोधित करने वाले साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा मूल नाम सूरजपाल सिंह जाति जाटव पुत्र नंदलाल मूल निवासी ग्राम बहादुर नगर थाना पटियाली जनपद कासगंज के मूल निवासी है।
कथित गुरुजी सूरजपाल पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती होने के बाद आगरा में भी पुलिस विभाग में कई वर्षों तक तैनात रहे, आगरा में अपनी तैनाती के दौरान ही इस व्यक्ति ने आध्यात्म विचारधारा का सहारा लेकर शाहगंज क्षेत्र के अंतर्गत केदार नगर में अपना एक आश्रम तैयार किया ,जहां भोले बाबा के भक्तों ने इनको गुरु के तौर स्वीकार करते हुए सर माथे पर लिया।
रात ओ रात ऐसी बड़ी उपलब्धि पाकर कथित गुरु सूरजपाल ने सोचा कि नौकरी करने में कोई फायदा नहीं और इन्होंने आध्यात्मिक गुरु बनने का रास्ता अपनाया जिसमें ग्लैमर, पैसा ,सम्मान, वैभव ,कीर्ति सब कुछ एक साथ मौजूद था । भोले भाले भक्त लोग इनसे तुरंत जुड़ने लगे क्योंकि इनके द्वारा कुछ ऐसे कथित चमत्कारों का सहारा लिया गया जिससे लोग इनके अध्यात्म पर विश्वास कर सके ।इनके अनुचरों ने इनको पुलिस विभाग में एसपी पद छोड़कर आध्यात्मिक का रास्ता अपनाने के लिए प्रचारित और प्रसारित किया।
क्योंकि इनका नाम सूरजपाल था जिसका निकनेम एसपी था। 1997 से 1998 के बीच मुख्य आरक्षी के पद पर रहते हुए गुरु जी ने अपनी इच्छा से सेवा से नौकरी छोड़ दी, आध्यात्मिक की और जुड़ गए थे उसके बाद मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम के नाम से सत्संग करने लगे आपके फॉलोवर्स में जाटव जाति के लोग ज्यादा हैं। लगभग 90% और उनमें से भी अधिकांश महिला ही उनके कार्यक्रमों में भाग लेती हैं। समागम कार्यक्रमों में और दिनों की तुलना में मंगलवार को विशेष भीड़ रहती है।
आज हाथरस की सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र अंतर्गत मुगल गड़ी के पास आयोजित किए गए सत्संग में घायल और हताहत होने वाले पीड़ितों की संख्या में अधिकांश महिलाएं और बच्चे ही है।अपने मूल जन्म स्थान पर इनका 2015 तक आश्रम में आना-जाना था परंतु भाइयों से विवाद के कारण अब अपने मूल स्थान नहीं जाते हैं परंतु उनके फॉलोअर्स गुरु जन्मभूमि के दर्शन करने हेतु उनके बहादुर नगर गांव में श्रद्धावस पहुंचते हैं।
आपके फॉलोवर्स उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी मौजूद हैं जो उनके कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। कार्यक्रम स्थल पर भीड़ नियंत्रण के लिए इनकी संस्था के वॉलिंटियर भी लगाए जाते हैं जो अक्सर गुलाबी कपड़े पहनते हैं जिसमें महिला एवं पुरुष दोनों सम्मिलित रहते हैं।
हालांकि हाथरस की इस घटना के बाद शासन के निर्देशानुसार मंडल आयुक्त अलीगढ़ व एडीजी आगरा जोन के संयुक्त तत्वधान में जांच कमेटी का गठन किया गया है जो 24 घंटे के अंदर अपनी रिपोर्ट शासन को देगी। रिपोर्ट में इस घटना के लिए जिम्मेदार कुछ अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
घटना के बाद सबसे पहले इसी क्रम में कार्रवाई करते हुए कार्यक्रम के आयोजकों और गुरुजी के खिलाफ अभियोग पंजीकृत करने की बात भी सामने आई है। लेकिन अभी तक गुरूजी द्वारा इस घटना के संबंध में पीड़ितों और शोक संतृप्त परिवारों को कोई भी सांत्वना नहीं दी गई है जो एक चर्चा का विषय है।
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