Lucknow : मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर दिए दिशा-निर्देश

उन्होंने नगर पालिका और ग्राम पंचायतों के माध्यम से नोटिस की तामील सुनिश्चित करने तथा राजस्व, चकबंदी, नगर निगम कर, हाउस और वाटर टैक्स, अतिक्रमण, खाद्य सुरक्षा, भूमि

Mar 11, 2026 - 21:36
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Lucknow : मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर दिए दिशा-निर्देश
Lucknow : मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर दिए दिशा-निर्देश

  • 14 मार्च को सभी जनपदों में राष्ट्रीय लोक अदालत का होगा
  • प्रत्येक विभाग से एक नोडल अधिकारी किया जाए नामित
  • आरटीई फीस प्रतिपूर्ति एवं वित्तीय सहायता के समयबद्ध भुगतान पर दिए सख्त निर्देश
  • विद्यालयों को एक सप्ताह में भुगतान किया जाए सुनिश्चित
  • एसओपी के तहत ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरियों के प्रभावी और सुव्यवस्थित संचालन की व्यवस्था की जाए सुनिश्चित
  • अभियान के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य प्रगति हो सुनिश्चित
  • निष्क्रिय ऑपरेटरों को कराएं सक्रिय- एस.पी.गोयल, मुख्य सचिव

लखनऊ : मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी 14 मार्च को सभी जनपदों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके सफल संचालन के लिए अधिक से अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों की पहचान कर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। प्रत्येक विभाग से एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए तथा सभी बैंक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर बैंक रिकवरी से जुड़े मामलों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और डिजिटल प्लेटफॉर्म व आधुनिक तकनीक का उपयोग कर आमजन को इसके लाभों से अवगत कराया जाए। पक्षकारों को समय पर नोटिस और समन की तामील सुनिश्चित की जाए।
 मुख्य सचिव ने बिजली विभाग द्वारा लंबित न्यायालयी मामलों की कंपाउंडिंग से संबंधित विवरण न्यायालयों को उपलब्ध कराएं, ताकि इन मामलों का निस्तारण लोक अदालत में किया जा सके। साथ ही 31 दिसंबर 2021 तक के सभी मोटर वाहन अधिनियम के चालान जिला न्यायालयों में प्रस्तुत कर उनके निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि एलडीएम (लीड डिस्ट्रिक मैनेजर) के माध्यम से सभी बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर बैंक रिकवरी मामलों में अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जाए। राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेने वाले सभी विभागों को सकारात्मक प्रयास करते हुए अधिकाधिक प्री-लिटिगेशन मामलों का समाधान करना होगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत से एक दिन पूर्व तहसील प्रशासन के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे आमजन की भागीदारी बढ़ सके। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आयोजन को सफल बनाने पर भी बल दिया। जिलाधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों को नामांतरण, सीमा विवाद और बंटवारे से संबंधित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश देने को कहा।

उन्होंने नगर पालिका और ग्राम पंचायतों के माध्यम से नोटिस की तामील सुनिश्चित करने तथा राजस्व, चकबंदी, नगर निगम कर, हाउस और वाटर टैक्स, अतिक्रमण, खाद्य सुरक्षा, भूमि अधिग्रहण, परिवहन और आरटीओ चालान से जुड़े मामलों के अधिकतम निस्तारण पर विशेष जोर दिया।
 मुख्य सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार के लिए आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भी सहभागिता सुनिश्चित की जाए। अदालत परिसर में एक जिला एक उत्पाद तथा जेल उत्पादों के स्टॉल लगाए जा सकते हैं। इसके साथ ही जिला न्यायालय परिसर अथवा जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज परिसर में मेगा हेल्थ कैंप आयोजित करने का भी सुझाव दिया गया।

उन्होंने निर्देश दिए कि विद्युत विभाग ओटीएस योजना के अंतर्गत समाधान शिविरों का आयोजन करें, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। साथ ही महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, खाद्य एवं आपूर्ति, स्वास्थ्य तथा ग्राम्य विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए लोक अदालत परिसर में स्टॉल लगाकर लाभार्थियों का पंजीकरण भी किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का दृढ़ संकल्प है कि प्रत्येक पात्र बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार प्राप्त हो। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई) के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को मान्यताप्राप्त निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण भुगतान सुनिश्चित किया जाए। धनराशि के पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग के लिए सत्यापन प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों द्वारा प्रेषित फीस प्रतिपूर्ति की मांग का खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कराया जाए। खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापित मांगों का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी/जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा रैंडम सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। समयबद्ध भुगतान पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए।

इसके अतिरिक्त, शैक्षिक सत्र 2026-27 में पात्र श्रेणी के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का लाभ प्रदान करने हेतु दो चरणों में अद्यतन 1,56,528 बच्चों को विभिन्न विद्यालयों में सीट आवंटन किया गया है। उन्होंने जोर दिया कि आवंटन के सापेक्ष शत-प्रतिशत नामांकन कराना सुनिश्चित किया जाए। ऐसे विद्यालयों पर जहां अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, उन पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। 
बैठक में बताया गया कि शिक्षा निदेशक (बेसिक शिक्षा) के कार्यालय द्वारा फीस प्रतिपूर्ति हेतु 267.88 करोड़ रुपये तथा वित्तीय सहायता हेतु 279.65 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

मुख्य सचिव ने बताया कि पंचायती राज विभाग ने राज्य की ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रही डिजिटल लाइब्रेरियों के संचालन, रखरखाव और संरक्षण के लिए 25 फरवरी 2026 को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है। इसके तहत राज्य की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरियों के प्रभावी और सुव्यवस्थित संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। एसओपी के अनुसार ग्राम पंचायत सचिव को पुस्तकों, फर्नीचर और आईटी उपकरणों की सुरक्षा तथा अभिलेख संधारण की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि ग्राम प्रधान लाइब्रेरी के संचालन की निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी की संपत्तियों के संरक्षण और उनका उपयोग केवल लाइब्रेरी संबंधी गतिविधियों के लिए सुनिश्चित किया जाए।

साथ ही ग्राम पंचायत, विकास खंड और जनपद स्तर पर नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे इन लाइब्रेरियों का संचालन पारदर्शी और व्यवस्थित बना रहे। मुख्य सचिव ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत संचालित विशेष अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि हाल के दिनों में प्रतिदिन बनाए जा रहे आयुष्मान कार्डों की गति में कमी आई है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी इस अभियान की नियमित समीक्षा कर कार्य में तेजी लाएं और सभी पात्र लाभार्थियों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाए जाना सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि निष्क्रिय ऑपरेटरों का डाटा साचजी द्वारा जनपदों को उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी इस डाटा के आधार पर समीक्षा करते हुए निष्क्रिय ऑपरेटरों को सक्रिय कराएं, जिससे कार्ड निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और अभियान के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके। बैठक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथीसेन शर्मा, अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश कुमार मेश्राम, प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनिल कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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