सम्भल के इस मौहल्ले में ठाकुर परिवार नही मानता तीज़ का त्यौहार।

By INA News Desk
Aug 7, 2024 - 14:49
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सम्भल के इस मौहल्ले में ठाकुर परिवार नही मानता तीज़ का त्यौहार।
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रिपोर्ट- उवैस दानिश

सम्भल। देश आज हरियाली तीज मना रहा है लेकिन सम्भल के एक मोहल्ले में हरियाली तीज के दिन मातम होता है। यहां न मेंहदी लगेगी, न पकवान बनेगा और न महिलाएं शिव पार्वती के मिलन के दिन पति की दीर्घायु की कामना करेंगी। तीज के दिन यहां सन्नाटा पसरा रहता है। सम्भल के हल्लू सराय का कन्नौजिया ठाकुर परिवार 800 साल से अधिक इस मातम की परंपरा पर अब भी कायम हैं।

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शहर सम्भल के मोहल्ला हल्लूसराय में ठाकुर परिवारों का बाहुल्य है, यह परिवार हरियाली तीज पर शोक मनाते हैं। परिवारों के बुजुर्ग बताते हैं कि पृथ्वीराज चौहान व कन्नौज के राजा जयचंद के बीच बेला के गोना को लेकर जंग छिड़ी थी। कन्नौज नरेश के आदेश पर उनका भांजा/सेनापति लाखन सिंह अपने लाव-लश्कर के साथ सम्भल आए और पृथ्वीराज चौहान के साथ युद्ध में हरियाली तीज के ही दिन वीरगति को प्राप्त हो गए थे। सेनापति के ना रहने पर उनके साथ आई कन्नौज की शेष बची सेना कन्नौज वापस नहीं गई और सम्भल में एक वीरान स्थान पर बस गए। यह क्षेत्र आज मोहल्ला हल्लूसराय कहलाता है। यहां बसने वाले कन्नौज के निवासी हैं, इसलिए इन्हें कन्नौजिया कहा जाता है। सेनापति की मृत्यु हरियाली तीज के दिन हुई थी, इसलिए लोग आज भी हरियाली तीज को शोक मनाते हैं। ठाकुर कन्नौजीयो के अलावा सभी परिवार यहाँ तीज़ का त्यौहार मानते है।

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