Baitul News: आदिवासी महिला के साथ धोखाधड़ी, मांझी सरकार ने SP से की शिकायत, आदिवासियों के साथ धोखाधड़ी का मामला बढ़ा
पीड़िता ने बताया कि उनकी मां की मृत्यु के बाद, जब वह अपना सामान वापस मांगने जाती हैं, तो ओम प्रकाश यादव उन्हें धमकी देता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ओम प्रकाश यादव ...
Report: शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
By INA News Baitul.
बैतूल: जिले में आदिवासियों के साथ धोखाधड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में एक आदिवासी महिला ने अनावेदक ओम प्रकाश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उसने किराये पर दिए गए सामान को जब्त करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने दावा किया कि जब वह अपना सामान वापस मांगने गई, तो अनावेदक ने उसे और उसके परिवार को धमकाया।
अब मामले की जांच के लिए मांझी सरकार ने SP से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मांझी अंतर्राष्ट्रीय समाजवाद आदिवासी किसान सैनिक एवं अखिल भारतीय माता दतेवाड़िन समाज समिति के बैनर तले भारत प्रतिनिधि श्रवण परते के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मांझी सरकार के सैनिकों की उपस्थिति में SP को एक ज्ञापन सौंपा गया।
-
यह है पूरा मामला
मांझी सरकार के भारत प्रतिनिधि श्रवण परते ने बताया पीड़िता के पिता खुसन्या डब्ल्यूसीएल में कार्यरत थे और सेवानिवृत्ति के बाद पाथाखेड़ा में निवास कर रहे थे। उनके पिता ने जॉन डियर 5310 ट्रैक्टर, बुलेरो वाहन (वाहन क्रमांक MP48BC2832), हल, कल्टीवेटर, सीड्रिल सहित कई कृषि उपकरण और घरेलू सामान खरीदा था। पिता की मृत्यु के बाद, पीड़िता की मां धन्नो बाई खुसन्या ने आर्थिक मदद की आस में ग्राम बरशाली के ओम प्रकाश यादव को उक्त सामान किराये पर दिया। लेकिन ओम प्रकाश यादव ने सामान को जब्त कर लिया और भोली-भाली महिला को 2.5 एकड़ जमीन, मंगलसूत्र और चांदी की पायल भी बेचने को मजबूर कर दिया।
पीड़िता ने बताया कि उनकी मां की मृत्यु के बाद, जब वह अपना सामान वापस मांगने जाती हैं, तो ओम प्रकाश यादव उन्हें धमकी देता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ओम प्रकाश यादव और उसके साथी राकेश उन्हें और उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी देते हैं। पीड़िता ने बताया कि वह वर्तमान में अपने ससुराल ग्राम मंगारा में रहती हैं और उनके माता-पिता की मृत्यु के बाद वह और उनकी बहन न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि उक्त सामान को वापस दिलाया जाए, किराये का भुगतान कराया जाए और ओम प्रकाश यादव व उसके साथियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। मांझी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर इस मामले में न्याय नहीं मिला, तो समाज बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
What's Your Reaction?









